अगस्टा वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर डील वाले घपले में राहुल गांधी पर आरोप लगे हैं. राहुल बाबा बाइट देते हुए बोले- आरोप लगने से मैं हैप्पी हूं. बीजेपी सांसद किरीट सोमैया ने आरोप लगाते हुए कहा, 'राहुल गांधी के बेहद करीबी कनिष्क सिंह की कंपनी CWG घोटाले में भी फंसी थी. और अगस्टावेस्ट लैंड डील में भी इसका नाम है. ये इत्तेफाक नहीं हो सकता. राहुल गांधी के खिलाफ भी CBI और ED को जांच करनी चाहिए.'
ये तो हुई खबर. पर अब बात कि ये कनिष्क सिंह आखिर हैं कौन. और क्यों इनकी वजह से राहुल गांधी को विरोधी घेर रहे हैं. जानिए कनिष्क सिंह के बारे में:
1. 2004 चल रहा था. इंडिया में लोकसभा चुनाव होने थे. अमेरिका में प्रेसिडेंट इलेक्शन. अमेरिका में लड़ाई थी जॉर्ज बुश और जॉन कैरी के बीच. इंडिया में अटल बिहारी वाजपेयी और सोनिया गांधी थे कड़े दावेदार. लड़ाई जोरों पर थी. फिर आता है एक आर्टिकल,
'क्यों सोनिया गांधी जॉन कैरी की तरह हैं?' आउटलुक के लिए ये आर्टिकल लिखने वाले कनिष्क सिंह कांग्रेस आलाकमान की नजरों में चढ़ गए.
2. कनिष्क सिंह ने यूं तो 2003 में दिल्ली में हुए विधानसभा चुनावों में शीला दीक्षित की तरफ से प्रमोशन किया था. शीला दीक्षित दिल्ली की मुख्यमंत्री बनीं. लोग पहचानने लगे. जल्द ही कनिष्क अमेठी से लोकसभा चुनाव लड़ रहे राहुल गांधी के प्रचार में लग गए. बताते हैं कि प्रचार करते वक्त कांग्रेस की तरफ से एक बंदा जो हर दरवाजे पर लोगों से बात करने गया था, वो कनिष्क सिंह थे.
3. वक्त बीतने के साथ कनिष्क सिंह राहुल गांधी के करीबी बनते गए. फिलहाल कनिष्क सिंह राहुल गांधी के एजवाइजर और प्रिंसिपल सेक्रेटरी हैं. जैसे सोनिया गांधी के बेहद करीबी अहमद पटेल को माना जाता है. ठीक उसी तरह कनिष्क सिंह को
'राहुल गांधी का अहमद पटेल' कहा जाने लगा.
4. कांग्रेस के अंदर कनिष्क को
K कहा जाता है. वजह है कनिष्क का हर मेल और एसएमएस के आखिर में
K लिखा जाना.
5. बताते हैं राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए टिकट देने का फैसला करने वालों में कनिष्क भी शामिल रहते हैं. कनिष्क की कांग्रेस में क्या इंपॉर्टेंस है. ये इस बात से समझ लीजिए कि इंडियन एक्सप्रेस की साल 2012 की सबसे ताकतवर इंडियंस की लिस्ट में कनिष्क 31वें नंबर पर रहे.
6. अब राजनीति से इतर बात करते हैं. कनिष्क के पापा एसके सिंह इंडिया के टॉप डिप्लोमैट्स में से एक थे. अरुणाचल प्रदेश और राजस्थान के गवर्नर भी रहे थे.
7. कनिष्क सिंह ने दिल्ली के सेंट स्टीफेंस कॉलेज से पढ़ाई की. अमेरिका के Wharton School of the University of Pennsylvania से पढ़ाई की.
8. करियर की कनिष्क ने शुरुआत वॉल स्ट्रीट में इंवेस्टमेंट बैंकर की नौकरी से की. बाद में कुछ वक्त वर्ल्ड बैंक में भी नौकरी की. राहुल गांधी से 8 साल छोटे हैं कनिष्क सिंह लेकिन ये बंदा राहुल गांधी के पीछे का दिमाग माना जाता है.
अगस्टा वेस्टलैंड डील: कनिष्क सिंह, राहुल गांधी पर किरीट सोमैया का आरोप?
कौन हैं किरीट सोमैया...
बीजेपी से सांसद हैं किरीट सोमैया. मुंबई नॉर्थ ईस्ट सीट से. सीए की पढ़ाई की थी. सोमैया ने फाइनेंस के सब्जेक्ट से पीएचडी की. इस पीएचडी के बारे में कहा जाता है. इस पीएचडी की थीसिस काफी लंबी रही. 2 वॉल्यूम में करीब 1200 पेज. 1975 में इंडिया में जब इमरजेंसी लगी हुई थी, तब किरीट जेपी के आंदोलन में भी शामिल रहे. 1995 में विधायकी का चुनाव लड़े और जीते. 1999 में लोकसभा पहुंचे. बताते हैं कि संसद में सबसे ज्यादा सवाल पूछने वालों में किरीट शामिल थे.

अपनी सांसदी के दौरान संसद में सबसे ज्यादा याचिका दायर करने वालों में किरीट शामिल रहे. किरीट ने 13वीं लोकसभा के दौरान संसद में करीब 27 याचिका दायर की. ये किसी सांसद का रिकॉर्ड था. 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में किरीट ने कांग्रेस के संजय दीना पाटिल को करीब 3 लाख से ज्यादा वोट से हराया.
अब बात घोटाले की..
2013 में अगस्टा वेस्टलैंड डील में हुए घपले का खुलासा हुआ. किरीट सोमैया ने सीबीआई को 2013 में खत लिख राहुल गांधी और कनिष्क सिंह के खिलाफ जांच की मांग की. तब थी कांग्रेस की सरकार. ज्यादा बात नहीं बन पाई. अब अगस्टा वेस्टलैंड का मामला फिर उठा है तो किरीट ने फिर खत लिखा है, जांच को लेकर.
खत में किरीट ने राहुल गांधी और कनिष्क सिंह पर कुछ आरोप लगाए.
1. एक रियल स्टेट कंपनी है एम्मार एमजीएफ. साल 2009 में इस कंपनी का डायरेक्टर था जेरेसो गुइडो हैश्चके. हैश्चके वही बंदा है, जिसका नाम अगस्टावेस्ट लैंड डील में हुई दलाली में शामिल बताया जा रहा है. हैश्चके ने 2010 में कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान हुए घोटाले में भी शामिल था. घोटाले के बारे में पता चला तो एम्मार एमजीएफ की डायरेक्टर पोस्ट से हैश्चके ने रिजाइन कर दिया.
2. हैश्चके अगस्टा वेस्टलैंड डील वाले घपले में भी शामिल रहे. इटालियन कोर्ट में हेश्चके ने कहा कि डील में पूर्व एयर चीफ एसपी त्यागी भी शामिल रहे थे.
3. किरीट के मुताबिक, कॉमनवेल्थ घोटाले में एम्मार-एमजीएफ शामिल थी. इस कंपनी में भी हैश्चके था. अगस्टा वेस्टलैंड डील में भी यही बंदा शामिल था. एम्मार एमजीएफ कंपनी को चलाने वाले लोग कनिष्क सिंह के परिवार से हैं. ये कंपनी कनिष्क का परिवार ही चलाता है. ऐसे में राहुल गांधी और कनिष्क सिंह के खिलाफ जांच की जानी चाहिए.

किराट का आरोप वाला खत
4. कनिष्क सिंह ने कहा, 'मेरे पर लगे सभी आरोप झूठे हैं. मेरे परिवार का कोई भी शख्स एम्मार एमजीएफ कंपनी से ताल्लुक नहीं रखता है. हमारी कंपनी में कोई शेयर नहीं है.'