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"फेक एनकाउंटर...", असद की मौत के बाद अखिलेश यादव ने BJP पर क्या आरोप लगा दिए?

अखिलेश बोले- "बीजेपी वाले न्याय व्यवस्था में यकीन नहीं रखते हैं."

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अखिलेश ने कहा कि इस मामले की गहन जांच होनी चाहिए (फोटो- आजतक/पीटीआई)

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अतीक अहमद के बेटे असद अहमद की पुलिस 'एनकाउंटर' में हुई मौत पर सवाल उठाया है. अखिलेश ने एनकाउंटर को झूठा बताते हुए कहा है कि बीजेपी सरकार असल मुद्दों से ध्यान भटकाना चाहती है. उन्होंने ये भी कहा कि बीजेपी वाले न्याय व्यवस्था में यकीन नहीं रखते हैं. 13 अप्रैल को यूपी पुलिस ने बताया कि अतीक अहमद के बेटे असद और उसके एक सहयोगी गुलाम को एनकाउंटर में मार दिया गया. दोनों उमेश पाल मर्डर केस में आरोपी थे.

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असद की मौत के बाद अखिलेश यादव ने ट्विटर पर लिखा कि इस मामले की गहन जांच होनी चाहिए. उन्होंने लिखा, 

"झूठे एनकाउंटर करके भाजपा सरकार सच्चे मुद्दों से ध्यान भटकाना चाह रही है. भाजपाई न्यायालय में विश्वास ही नहीं करते हैं. आज के और हालिया एनकाउंटरों की भी गहन जांच-पड़ताल हो और दोषियों को छोड़ा न जाए. सही-गलत के फैसलों का अधिकार सत्ता का नहीं होता है. भाजपा भाईचारे के खिलाफ है."

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समाजवादी पार्टी के कई और नेताओं ने असद की एनकाउंटर में हुई मौत पर सवाल उठाए हैं. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अमीक जमई ने ट्विटर पर लिखा, “एनकाउंटर न्याय नहीं होता.”

यूपी पुलिस ने दावा किया कि स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने असद और गुलाम को झांसी में एक एनकाउंटर के दौरान मार गिराया. पुलिस के मुताबिक, इस एसटीएफ टीम में कुल 12 पुलिसकर्मी शामिल थे. दोनों आरोपियों पर पुलिस ने 5 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था. 24 फरवरी को हुए उमेश पाल हत्याकांड में यूपी पुलिस दोनों की तलाश कर रही थी.

उत्तर प्रदेश के एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) प्रशांत कुमार ने बताया कि दोनों के पास से विदेशी हथियार भी बरामद हुए हैं. उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 

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“उमेश पाल हत्याकांड में पुलिस वॉरंट लेकर साजिशकर्ता अतीक और उसके भाई अशरफ को अलग-अलग जेलों से प्रयागराज ला रही थी. ऐसी सूचना थी कि रास्ते में अपराधियों को छुड़ाने की साजिश की जा सकती है. आज (13 अप्रैल) साढ़े 12 से एक बजे के बीच सूचना के आधार पर कुछ लोगों को इंटरसेप्ट किया गया. उधर से गोलियां चलाई गईं. इस मुठभेड़ में 24 फरवरी की घटना के 2 अभियुक्त मारे गए. इनकी पहचान असद और गुलाम के तौर पर की गई है.”

प्रशांत कुमार ने कहा कि सरकार की अपराध और अपराधियों को खत्म करने की प्रतिबद्धता है. उनके मुताबिक, सरकार माफियाओं और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है.

वहीं STF के एडीजी अमिताभ यश ने दावा किया कि असद को जिंदा पकड़ने की कोशिश की गई थी और उससे सरेंडर करने को भी कहा गया था, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया.

वीडियो: अतीक अहमद के अपराध और राजनीति की पूरी कहानी,क्या इस बड़े नेता ने उसे शह दिया?

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