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Assam Lynching: आरोपियों के परिवारों से मिले BJP विधायक, DGP बोले- कानून का उल्लंघन चिंता का विषय

बामुनगांव गए BJP विधायक शिलादित्य देव ने कहा कि ये हिंदू गांव मुस्लिम मुस्लिम गांवों से घिरा हुआ है.

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असम मॉब लिंचिंग पर DGP जी. पी. सिंह ने कहा कि सभी मामलों पर कानूनी कार्रवाई हुई. (फोटो क्रेडिट - सोशल मीडिया)

असम (Assam) में 17 अगस्त की सुबह दो लोगों की मॉब लिंचिंग ( Mob Lynching) हुई. भीड़ ने चोरी के शक में उन्हें पीट-पीटकर मार डाला. इंडियान एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, दरांग जिले के पद्मझार गांव में 45 साल के मजीबुल हक की हत्या हुई. उनके ऊपर कथित तौर पर बकरियां चुराने का संदेह था. वहीं दूसरी घटना में तामुलपुर जिले के तिनिपुखुरी गांव में भीड़ ने 27 साल के बिनोद ब्रह्मा को मार डाला. उन पर इस गांव के एक घर में चोरी करने का शक था.

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गुरुवार की दोपहर दरांग पुलिस ने पद्मझार और आसपास के गांवों से 14 लोगों को गिरफ्तार किया. इन्हें मजीबुल हक की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया. दरांग के पुलिस अधीक्षक (SP) प्रकाश सोनोवाल ने कहा कि मजीबुल हक पद्मझार के रहने वाले नहीं थे. वे पास ही के गांव नाओपोटा में रहते थे. उन्होंने बताया कि ये घटना सुबह करीब 3:15 मिनट की है.

प्रकाश सोनोवाल ने आगे बताया कि इलाके से मिली जानकारी के अनुसार, जब उसे पकड़ा गया तो वो किसी के घर से बकरियां चुराकर भागने की कोशिश कर रहा था. लोगों ने वहां शोर मचा दिया और भीड़ जमा हो गई. पुलिस ने मौके पर पहुंच कर उसे नज़दीकी अस्पताल पहुंचाया. लेकिन तब तक उसकी जान चली गई थी.

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वहीं तामुलपुर पुलिस ने बिनोद ब्रह्मा की हत्या के मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. उन्होंने बताया कि मुख्य आरोपी को पहचानने की कोशिश की जा रही है. तामुलपुर के SP पंकज यादव ने कहा कि बिनोद कथित तौर पर चोरी के इरादे से एक घर में घुसा था. उस घर के परिवारवाले और आसपास के लोग वहां जमा हो गए. उन्होंने बिनोद के साथ मारपीट की जिससे उसकी मौत हो गई.

SP ने आगे कहा कि मौके पर पूछताछ करने पर पुलिस को पता चला कि बिनोद की पत्नी कहीं और काम करती है. बिनोद को इधर-उधर घूमने और दूसरों का सामान चुराने की आदत है.

इनसे पहले भी हो चुकी हैं मॉब लिंचिंग

इन घटनाओं से कुछ दिन पहले ही होजई जिले में भी एक मॉब लिंचिंग हुई थी. 12 अगस्त को मवेशी चुराने के शक में भीड़ ने हिफजुर रहमान की हत्या कर दी थी. पुलिस ने इस मामले में 17 अगस्त को 8 लोगों को गिरफ्तार किया है.

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इससे एक दिन पहले 16 अगस्त को होजई से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक शिलादित्य देव ने बामुनगांव का दौरा किया था. इसी गांव में रहमान की हत्या हुई थी. शिलादित्य देव गिरफ्तार हुए लोगों के परिवारवालों से मिले.

इस मुलाकात के बाद उन्होंने कहा,

‘हालांकि, ये एक हिन्दू गांव है. लेकिन चारों तरफ से ये मुस्लिम गांवों से घिरा हुआ है. बामुनगांव के लोग यहां अल्पसंख्यकों की तरह रह रहे हैं. वे कई सालों से आतंक में जी रहे हैं. वे कई बार चोरी के मामले दर्ज़ कर चुके हैं. लेकिन क्योंकि वे यहां अल्पसंख्यक हैं, पुलिस भी उनकी शिकायत नहीं लिखती है.’

इससे पहले 24 जुलाई को भी सद्दाम हुसैन नाम के एक व्यक्ति की मॉब लिंचिंग हुई थी. मोरीगांव के लोगों ने सद्दाम के साथ दो और लोगों को बहुत मारा. भीड़ का दावा था कि वे मवेशी चुराने आए थे. इस मारपीट में सद्दाम हुसैन की मौत हो गई. मामले में 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

सभी मामलों में की गई कार्रवाई- DGP

इन सभी मॉब लिंचिंग्स के बीच असम के DGP जीपी सिंह ने कहा है,

‘अब तक सामने आए ऐसे सभी मामलों में कानूनी कार्रवाई की गई है. मैंने पुलिस अधीक्षकों को जाति, पंथ, धर्म से हटकर ऐसे सभी मामलों में कानून के अनुसार कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं. मेरे लिए किसी भी तरह कानून का उल्लंघन करना चिंता का विषय है.’

DGP ने आगे कहा कि उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी इसके निर्देश दिए हैं ताकि जनता को भरोसा हो कि पुलिस ऐसी गतिविधियों को नज़रअंदाज़ नहीं करती है. इन सभी मामलों में पुलिस कानूनी कार्रवाई करेगी. 

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