राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत (फोटो: PTI) और राजस्थान सरकार में मंत्री महेश जोशी (फोटो: आजतक)
25 तारीख की रात को वो (अशोक गहलोत) ठीक से सो नहीं पाए थे. हम जब उनसे मिलने गए, तब उनके मन में एक ही पीड़ा थी कि मैडम (सोनिया गांधी) को कितना दुःख हुआ होगा. इससे बड़े दुःख में मैंने उनको कभी नहीं देखा.
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) को लेकर ये बयान उनके करीबी और राजस्थान सरकार में मंत्री महेश जोशी ने दिया है. बता दें कि राजस्थान (Rajasthan) के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 29 सितंबर को दिल्ली में सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) से मुलाकात के बाद ऐलान किया कि वे कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव नहीं लड़ेंगे. गहलोत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में राजस्थान में हुए हालिया घटनाक्रम की नैतिक जिम्मेदारी लेने की बात कही. उन्होंने कहा,
मुझे जीवन भर इसका पछतावा रहेगा.
गहलोत की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद महेश जोशी ने क्या कहाअशोक गहलोत की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद महेश जोशी ने जयपुर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की. जोशी ने कहा कि जिस दिन राजस्थान में विधायकों के इस्तीफे के ऐलान वाली घटना हुई, उस दिन अशोक गहलोत ठीक से सो नहीं पाए थे. महेश जोशी ने कहा,
25 तारीख की रात को वो ठीक से सो नहीं पाए. हम जब उनसे मिलने गए, तब उनके मन में एक ही पीड़ा थी कि मैडम को कितना दुःख हुआ होगा. इससे बड़ी चिंता में, इससे बड़े दुःख में मैंने उनको तब भी नहीं देखा था जब हम चुनाव हारे, चाहे वो 2003 की बात हो, चाहे वो 2013 की बात हो. इसलिए उन्होंने जो कहा कि मेरे दुःख को कोई जान नहीं सकता, ये उनकी आत्मा से कही हुई बात है और मैं समझता हूं कि जब वो बोल रहे थे, उनकी आत्मा उनके शब्दों में निकल रही थी. इससे बड़ा उदाहरण देश की राजनीति में नहीं हो सकता.
'गहलोत ने माफी मांगकर नैतिकता की ऊंचाइयों को छुआ है'जोशी ने कहा कि गहलोत ने कांग्रेस विधायक दल का नेता होने के नाते हालिया घटनाक्रम की जिम्मेदारी ली है. उन्होंने कहा,
बहुत सारी परिस्थितियां ऐसी होती हैं, जिनमें आदमी खुद शामिल नहीं होता, लेकिन चूंकि सबसे बड़े पद पर वो थे, इसलिए उन्होंने नैतिक जिम्मेदारी ली है.
महेश जोशी ने कहा कि गहलोत ने सोनिया गांधी से माफी मांगकर नैतिकता, आस्था और निष्ठा की ऊंचाइयों को छुआ है और शायद देश में पहली बार मुख्यमंत्री पद के किसी व्यक्ति ने ऐसी विनम्रता की मिसाल पेश की है.
वीडियो- दी लल्लनटॉप शो: सोनिया गांधी को दी दूसरी गोपनीय चिट्ठी में अशोक गहलोत ने क्या लिखा?