iPhone का TURNED OFF Tracking फीचर पिछले दिनों काफी चर्चा में रहा. हुआ ये कि ये फीचर एक भाई साब के आईफोन में काम नहीं किया तो वो कोर्ट पहुंच गए. नतीजतन ऐप्पल को 1 लाख का मुआवजा देना पड़ा. हालांकि इस केस में फीचर में कोई दिक्कत नहीं थी. दिक्कत ऐप्पल के इस फीचर को समझाने में थी. माने फीचर काम कैसे करता है. फोन स्विच ऑफ हो चुका है फिर भी ट्रैक हो जाता है. ये सब कैसे होता है?
स्विच ऑफ iPhone हो गया चोरी, घर बैठे होगा ट्रैक, Apple वालों ने तो कमाल का फीचर दे दिया
Apple प्रोडक्ट में एक फीचर होता है Find My Device जिसकी मदद से आईफोन, आइपैड, एयरपॉडस वगैरा को ट्रैक किया जा सकता है. ये फीचर और अच्छा हो गया जब कंपनी ने इसमें स्विच ऑफ ट्रैकिंग (TURNED OFF Tracking) को भी जोड़ दिया. इसके बारे में आज सब जान लीजिए.

Switch Off Tracking काम कैसे करती है उसके पहले जरा इसको थोड़ा और समझते हैं. Apple प्रोडक्ट में एक फीचर होता है Find My Device जिसकी मदद से आईफोन, आइपैड, एयरपॉडस वगैरा को ट्रैक किया जा सकता है. ये फीचर और अच्छा हो गया जब कंपनी ने इसमें स्विच ऑफ ट्रैकिंग को भी जोड़ दिया. iOS 15 के साथ इस फीचर को जोड़ा गया जो फोन बंद होने या बैटरी एकदम खत्म होने पर भी काम करता है. अगर आप अपने आईफोन को स्विच ऑफ करेंगे तो स्क्रीन पर इसका मैसेज भी (iPhone remains findable after power off )दिखता है.

अब बताते कि ये काम कैसे करता है. दरअसल आईफोन स्विच ऑफ होते ही एयर टैग में बदल जाता है. एयर टैग में कोई सिम नहीं होती फिर भी वो अपनी लोकेशन बताता है. इसके लिए एयर टैग अपने आसपास के दूसरे डिवाइस के ब्लूटूथ सिग्नल को पकड़ता है. ये सिग्नल किसी भी दूसरे आईफोन, एंड्रॉयड फोन या ब्लूटूथ डिवाइस के हो सकते हैं.

एयर टैग आपने आसपास के डिवाइस से कहता है कि भईया अपना ब्लूटूथ उधार दे दो थोड़ी देर के लिए. शायद ये भी कहता होगा कि भईया क्या मैं आपके ब्लूटूथ से चिपक जाऊं. ऐसा करके वो एयर टैग के असली मालिक को Find My Device पर लोकेशन भेजता है. यही काम ऐप्पल आईफोन से भी करवाता है. स्विच ऑफ फोन से ब्लूटूथ सिग्नल पकड़कर लोकेशन भेजता है. चिंता मत करो आप. आपके मन में ऑन हुए दोनों सवालों को हम अभी स्विच ऑफ कर देंगे.
हमारी प्राइवेसी का क्या?इसका भान तो ऐप्पल से लेकर गूगल को पहले से था. इसलिए ट्रैकिंग वाले ब्लूटूथ का सिग्नल नॉर्मल वाले से अलग होता है. ये वाला सिग्नल जिस डिवाइस से कनेक्ट होता है उसका कोई डेटा लेता ही नहीं. बस बाहर से काम चलाता है. जैसे मान लीजिए कोई आपके घर में अंदर नहीं आए और आंगन में रहकर अपना काम कर ले. दोस्त ऐप्पल और गूगल इस तकनीक के लिए साथ में काम भी करते हैं. यानी अगर आपके आसपास कोई एयर टैग या बंद आईफोन होगा तो आपके एंड्रॉयड और आईफोन में उसका नोटिफकेशन आएगा. इसलिए आपने चिंता नहीं करना है.
स्विच ऑफ में बैटरी कहां से आती हैजब आपको लगता है कि फोन की बैटरी 2 या 1 फीसदी बची है और वो खुद ही बंद हो जाता है, तो असल में ऐसा नहीं होता. कंपनियों को पता है कि हम नहीं सुधरेंगे तो शायद 3 या 4 फीसदी पर ही फोन स्विच ऑफ हो जाता है. बची 2 फीसदी, वो एक स्विच ऑफ फोन के कम फ्रीक्वेंसी वाले ब्लूटूथ को बहुत देर तक ताकत देने के लिए काफी होती है. इसके अलावा आप जिस फोन की बैटरी को देखते हैं वो तो सिलिकॉन-कॉर्बन या लिथियम-ऑयन होती है. फोन में एक और छोटू बैटरी होती है जिससे Real-Time Clock (RTC) CMOS बैटरी लगी होती है. इसी बैटरी की वजह से महीनों से बंद पड़ा फोन भी समय और तारीख सही बताता है. यही बैटरी लो फ्रीक्वेंसी वाले ब्लूटूथ सिग्नल भेजने के काम भी आती है.
खेलिए फिर सिग्नल-सिग्नल. उसके पहले Find My Device ऑन करना मत भूलना.
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