राजस्थान विधानसभा में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बजट पेश करने गए थे. ये उनके तीसरे कार्यकाल का आखिरी बजट है. स्पीच पढ़नी शुरू की तो पता चला कि वो तो पिछले साल वाले बजट का भाषण है (Ashok Gehlot Read Old budget Speech). सात मिनट तक गहलोत वही पढ़ते रहे. उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि वो पिछले साल वाला बजट दोबारा पेश कर रहे हैं. फिर राज्य मंत्री महेश जोशी ने उन्हें बीच में रोका.
अशोक गहलोत बजट पेश करने उठे, 7 मिनट तक पिछले साल का बजट पढ़ते रहे, फिर...
मामला खुलते ही लपेटे गए गहलोत!


इस बात पर विपक्ष ने खूब हल्ला मचाया. वो अपनी सीट से उटकर वेल वाले एरिया में आ गए. हंगामा इतना बढ़ गया कि 30 मिनट के लिए राजस्थान विधानसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी गई. इसके बाद बीजेपी विधायक सदन में वेल के अंदर धरने पर बैठ गए.
आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, अशोक गहलोत जब बजट पढ़ रहे थे, तो इस दौरान उन्होंने पिछली तीन से चार योजनाओं को भी गिना दिया. उन्होंने शहरी विकास योजना का जिक्र किया जो कि पिछले साल लागू की गई थी. तभी राज्य के जलदाय मंत्री महेश जोशी ने सीएम के कान में कुछ कहा. इसके बाद सीएम ने सॉरी कहा. तभी विपक्ष ने सदन में भारी हंगामा शुरू कर दिया. अशोक गहलोत ने सभी से थोड़ा सब्र रखने को कहा. मंत्री महेश जोशी ने भी हंगामा कर रहे नेताओं से कहा कि सभी लोग आपको देख रहे हैं, ये गलत बात है.
हंगामा इतना बढ़ा कि विधानसभा स्पीकर ने सदन छोड़कर जाने की धमकी दे दी. NDTV के मुताबिक, BJP ने कहा कि बजट तकनीकी रूप से लीक हो गया क्योंकि राज्य सरकार के अधिकारी बजट की असली कॉपी लेने के लिए दौड़ पड़े. BJP ने कहा कि मुख्यमंत्री के अलावा कोई और नहीं बजट कॉपी लेकर नहीं आ सकता.
नए बजट में क्या-क्या घोषणा?इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, तीन घंटे के अपने संबोधन में गहलोत ने कई बड़ी स्कीमों का जिक्र किया.
-ग्रामीण क्षेत्रों के लिए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (MGNREGS)
-शहरी क्षेत्रों के लिए इंदिरा गांधी शहरी रोज़गार गारंटी योजना.
-1 जनवरी, 2004 के बाद नियुक्त लोगों के लिए पुरानी पेंशन योजना (OPS) लागू करने की घोषणा.
-750 करोड़ रुपये की लागत से मनरेगा के तहत मैन डेज़ को 100 से बढ़ाकर 125 दिन करने की भी घोषणा.
-कृषि सेक्टर पर विशेष ध्यान देते हुए ‘मिशन मोड’ से जुड़ी जानकारी दी गई.
-चिरंजीवी योजना के तहत आने वाले 1.33 करोड़ परिवारों की महिलाओं को मोबाइल फोन दिए जाएंगे.
-इन स्मार्टफोन में तीन साल के लिए इंटरनेट कनेक्टिविटी होगी और इसके लिए सरकार सालाना 2,500 करोड़ रुपये खर्च करेगी.
अशोक गहलोत ने इसपर क्या सफाई दी?राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने इस पूरे मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हमने गांव-गांव तक बजट पहुंचाने के लिए तैयारी की मगर भाजपा को ये बर्दाशत नहीं हुआ. इसीलिए बात को बढ़ा-चढ़ा कर दिखाया जा रहा है. उन्होंने बताया कि ये बजट 2028 का टारगेट लेकर बनाया गया था. दुनिया में सबसे अच्छी स्कीम चिरंजीवी योजना है और सभी को इसका फायदा मिलेगा. ये बजट चुनाव के हिसाब से नहीं बनाया गया है. उन्होंने आगे कहा कि बजट में युवाओं और किसानों का खास ख्याल रखा गया है. बजट लीक होने की बात अफवाह है. बजट एक परसेंट भी लीक नहीं हुआ है, हुआ होता तो ये बहुत गंभीर मसला होता. उन्होंने राजस्थान में सरकार रिपीट होने का गारंटी तक दे दी.
वीडियो: राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का 'जय श्री राम' पर बयान वायरल





















