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असद एनकाउंटर को ओवैसी, मोइत्रा ने बताया 'संविधान-कानून की हत्या', लेकिन मायावती क्या बोल गईं?

एनकाउंटर पर गुस्सा जाहिर करते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, "क्या बीजेपी वाले जुनैद और नसीर को मारने वालों को भी गोली मारेंगे?"

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असद एनकाउंटर पर विपक्षी नेताओं ने क्या-क्या कहा? (तस्वीरें- इंडिया टुडे)

माफिया अतीक अहमद के बेटे और उमेश पाल हत्याकांड के आरोपी असद अहमद के एनकाउंटर पर विपक्ष के नेताओं ने सवाल उठाए हैं. यूपी पुलिस की STF ने गुरुवार, 13 अप्रैल की सुबह असद अहमद और शूटर मोहम्मद गुलाम का एनकाउंटर कर दिया. पुलिस के मुताबिक झांसी के बड़ागांव थाना क्षेत्र में बने पारीक्षा बांध के पास STF और आरोपियों के बीच मुठभेड़ हुई जिसमें असद और गुलाम मारे गए. घटना को लेकर मचे हंगामे के बीच विपक्षी नेताओं से प्रतिक्रिया आ रही है. AIMIM के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी, टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा और यूपी की पूर्व सीएम मायावती ने इस एनकाउंटर के बाद भाजपा और यूपी पुलिस पर निशाना साधा. ओवैसी ने कहा,

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"क्या जुनैद और नसीर को मारने वालों को भी गोली मारोगे बीजेपी वालो? जुनैद और नसीर को जिसने मारा, तुम उसका भी एनकाउंटर करोगे? नहीं करोगे तुम. इसलिए नहीं करोगे क्योंकि तुम मज़हब के नाम पर एनकाउंटर करते हो. मारो जुनैद और नसीर के कातिलों को. नहीं मारोगे... अब तक एक पकड़ा गया, नौ गायब! नहीं करोगे. ये कानून की धज्जियां उड़ रही हैं. 

 

तुम संविधान का एनकाउंटर करना चाहते हो. तुम रूल ऑफ लॉ को कमजोर करना चाहते हो... फिर कोर्ट-अदालत किस लिए है? CrPC और IPC किस लिए है? जज किस लिए हैं? पब्लिक प्रॉसिक्यूटर किस लिए है? अगर तुम फैसला करोगे कि गोली से इंसाफ करेंगे, तो फिर बंद कर दो अदालतों को. जज क्या काम करेंगे फिर? रूल ऑफ लॉ रहना चाहिए... पर नहीं. आप तय करेंगे. ये काम कोर्ट का है. आप पकड़ो मुजरिम को. कोई कत्ल करता है तो सज़ा दिलाओ उसको. 12-14 साल, पूरी जिंदगी की सज़ा दिलाओ..."

वहीं तृणमूल कांग्रेस की नेता और लोकसभा सांसद महुआ मोइत्रा ने भी एनकाउंटर पर सवाल खड़े किए. उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा,

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“ये जंगलराज है. कानून को मारे बिना उनके राज (योगी सरकार) में लगातार एनकाउंटर होते रहे हैं और अब भी हो रहे हैं. मैं उम्मीद करती हूं भारत के लोगों को भी ये नज़र आए. 'मार दो, काट दो, जला दो' जैसी भाषा आमतौर पर ऐसे जंगलराज में ही पनपती है. हमारे पास एक संविधान है.

 

हम आजाद क्यों हुए थे? क्योंकि हमें एक कानून के तहत जीना चाहते थे. ये बात हमारा संविधान सुनिश्चित करता है. पर एक सीएम है, एक गृह मंत्री है जो कहते हैं, "कोई गाड़ी किसी को भी कुचल के जा सकती है, कोई गाड़ी पलट सकती है, कोई मर जाता है तो ठीक है"... फिर आप अपने संविधान पर सवाल खड़ा कर रहे हैं. भाजपा और ये सरकार हर दिन यही कर रही है.”

एनकाउंटर पर प्रतिक्रिया देने वाले नेताओं में यूपी की पूर्व सीएम और बसपा प्रमुख मायावती भी शामिल हैं. उन्होंने सीधे-सीधे एनकाउंटर पर सवाल खड़ा नहीं किया, लेकिन चर्चाओं के आधार पर इसकी जांच की मांग जरूर की. मायावती ने ट्वीट कर लिखा,

"प्रयागराज के अतीक अहमद के बेटे व एक अन्य की आज पुलिस मुठभेड़ में हुई हत्या पर अनेकों प्रकार की चर्चाएं गर्म हैं. लोगों को लगता है कि विकास दुबे कांड के दोहराए जाने की उनकी आशंका सच साबित हुई है. इसलिए घटना के पूरे तथ्य व सच्चाई जनता के सामने आ सकें इसके लिए उच्च-स्तरीय जांच जरूरी है."

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उधर यूपी पुलिस का कहना है कि उसने पहले असद को जिंदा पकड़ने की कोशिश थी. उसे सरेंडर करने को भी कहा गया था. लेकिन उसने और गुलाम ने STF की टीम पर गोली चला दी. इसके जवाब में पुलिस ने भी गोलियां चलाईं जिसमें दोनों आरोपी मारे गए. STF के ADG अमिताभ यश ने बताया कि दोनों के पास से विदेशी हथियार भी बरामद हुए हैं. उनके पास ब्रिटिश बुलडॉग रिवॉल्वर 455 बोर और वाल्थर पी-88 पिस्टल 7.63 बोर थी.

वीडियो: उमेश पाल की मां और पत्नी ने असद और गुलाम के एनकाउंटर पर क्या कह दिया?

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