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'यहूदियों के बाद सबसे ज्यादा भेदभाव हिंदुओं के साथ', अमेरिका की एक सरकारी रिपोर्ट में दावा

रिपोर्ट के मुताबिक, कैलिफोर्निया में यहूदियों के बाद धर्म के आधार पर सबसे ज्यादा भेदभाव हिंदुओं के साथ होता है.

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कैलिफोर्निया सिविल राइट्स डिपार्टमेंट ने पिछले साल CA vs Hate कैंपेन को शुरू किया था. (फोटो- AFP)

अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य में हिंदू विरोधी अपराधों में बढ़ोतरी देखने को मिली है. एक नई रिपोर्ट से पता चला है कि यहां धर्म के आधार पर भेदभाव के मामले में हिंदू दूसरे नंबर पर हैं. कैलिफोर्निया सिविल राइट्स डिपार्टमेंट ने हाल में हेट क्राइम्स को लेकर रिपोर्ट जारी की है. इसमें पिछले साल रिपोर्ट की गईं घटनाओं का विश्लेषण किया गया है. इसके मुताबिक कैलिफोर्निया में यहूदियों के बाद धर्म के आधार पर सबसे ज्यादा भेदभाव हिंदुओं के साथ होता है.

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मई 2023 में कैलिफोर्निया में ऐसे अपराधों को रोक लगाने के लिए 'कैलिफोर्निया vs हेट प्रोग्राम' (CA vs Hate) लॉन्च किया गया था. अब एक साल बाद, 20 मई को सिविल राइट्स डिपार्टमेंट ने इसकी रिपोर्ट जारी की. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, बीते एक साल में धर्म के आधार पर भेदभाव की कुल 1,020 घटनाएं रिपोर्ट कराई गईं. इनमें कुल 23.3 फीसदी घटनाएं हिंदुओं के खिलाफ थीं. यहूदियों के खिलाफ 37 फीसदी, मुस्लिमों के खिलाफ 14.6 फीसदी घटनाएं दर्ज की गईं.

रिपोर्ट बताती है कि पहले इस तरह की घटनाएं अलग-अलग कारणों से रिपोर्ट नहीं करवाई जाती थीं. इसमें स्थानीय स्तर पर बदले का डर, इमीग्रेशन का डर और कानून एजेंसियों के प्रति भरोसा नहीं रहना जैसे फैक्टर्स थे. इसी रिपोर्ट में कैलिफोर्निया के गवर्नर गेविन न्यूसॉम ने कहा कि CA vs Hate का उद्देश्य राज्य की विविधता का संरक्षण और एक स्पष्ट मैसेज देना था कि नफरत को कभी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

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रिपोर्ट की कुछ खास बातें :

- 18.4 फीसदी लोगों ने भेदभाव का सामना करने पर रिपोर्ट दर्ज करवाई.
- 16.7 फीसदी लोगों ने मौखिक रूप से बोले जाने पर परेशानी का सामना किया.
- 16.7 फीसदी लोगों से अभद्र व्यवहार हुआ या उन्हें गालियां दी गईं.
- इस तरह की 29.9 फीसदी घटनाएं आवासीय इलाकों में हुई. वहीं 9.7% वर्क प्लेस और 9.1% घटनाएं सार्वजनिक जगहों पर हुईं.

'CA vs Hate' कैंपेन कैलिफोर्निया में इस तरह का पहला और सुरक्षित कैंपेन माना जा रहा है. इसमें हेट क्राइम को रिपोर्ट करवाने वालों और गवाहों की पहचान को छिपाने का भी विकल्प दिया जाता है. इसके जरिये कई भाषाओं में हॉटलाइन और ऑनलाइन रिपोर्ट करवाने की सुविधा मिलती है.

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इंडिया टुडे की रिपोर्ट बताती है कि बीते कुछ समय में भारतीय-अमेरिकियों, खासकर हिंदुओं के साथ हेट क्राइम की घटनाएं बढ़ी हैं. इस साल अप्रैल तक अमेरिका में 11 भारतीय मूल के छात्रों की मौत हो चुकी है. मार्च महीने में भारतीय मूल के एक डेमोक्रैट सांसद श्री थानेदार ने हिंदू संगठनों की एक मीटिंग में कहा था कि अमेरिका में "हिंदूफोबिया" बढ़ रहा है और इस नफरत के खिलाफ लड़ने की जरूरत है.

कैलिफोर्निया ने पिछले साल भी एक मिसाल पेश की थी. जातिगत भेदभाव पर प्रतिबंध लगाने के लिए बिल पारित करने वाला अमेरिका का पहला राज्य बना था. इस बिल को डेमोक्रेट पार्टी की सांसद आयशा वहाब ने तैयार किया था.

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