आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें एक महिला सड़क पर बच्चे को जन्म दे रही है. आश्चर्य है कि ये वीडियो एक महिला अस्पताल के बगल का ही है. वीडियो में महिला दर्द से चिल्ला रही है. कुछ लोगों ने महिला को चादर से घेर रखा है और एक व्यक्ति बच्चे की डिलिवरी में मदद कर रहा है. अस्पताल पर आरोप है कि वहां डिलिवरी के लिए महिला को भर्ती नहीं किया गया.
प्रेगनेंट महिला को अस्पताल में भर्ती नहीं किया, बाहर करनी पड़ी डिलीवरी, बच्चा...
आरोप है कि महिला के अकेले होने की वजह से अस्पताल ने भर्ती नहीं किया.


इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, वीडियो आंध्र प्रदेश के तिरुपति जिले का है. गर्भवती महिला जब अस्पताल पहुंची तो स्टाफ ने उसे भर्ती करने से मना कर दिया क्योंकि उसके साथ कोई और व्यक्ति नहीं था. वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों ने अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. डिलिवरी के बाद महिला और बच्चे को अस्पताल में भर्ती किया गया.
वहीं अस्पताल की RMO डॉक्टर राधा रानी ने TV9 तेलुगू से कहा कि यह सही है कि महिला ने सड़क पर बच्चे को जन्म दिया, लेकिन अस्पताल ने उसे भर्ती नहीं किया, ये गलत दावा है. उन्होंने ये भी दावा किया कि महिला को नहीं पता था कि वो गर्भवती थी और ना ही कभी अस्पताल में डॉक्टर से संपर्क किया था. डॉक्टर राधा ने बताया,
"जैसे ही हॉस्पिटल स्टाफ को पता चला कि सड़क पर डिलिवरी हुई है उन्होंने महिला को अस्पताल में भर्ती किया. अगर कोई अटेंडेंट नहीं हो तो भी हम अस्पताल में भर्ती करेंगे और इलाज करेंगे. एक कैंपेन चलाया जा रहा है कि अटेंडेंट नहीं होने के कारण उसे अस्पताल में भर्ती नहीं किया गया. ये सच नहीं है. मां और बच्चा सुरक्षित है."
घटना के बाद तिरुपति के जिलाधिकारी के वेंकटरमन रेड्डी ने जिला स्वास्थ्य अधिकारी (DMHO) को जांच का आदेश दिया और रिपोर्ट जमा करने को कहा है. DMHO डॉक्टर यू श्रीहरि ने कहा है कि जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि अगर कोई गर्भवती महिला अटेंडेंट के बिना भी अस्पताल पहुंचती है तो भर्ती करने से इनकार नहीं किया जाएगा.
वीडियो: पवन कल्याण ने आंध्र प्रदेश सरकार को बुरी तरह झाड़ा, अब उसका नतीजा भुगत रहे!















.webp?width=120)
.webp?width=120)
.webp?width=120)



