पनामा पेपर्स में अमिताभ बच्चन का नाम आया है. आरोप लगा कि अमिताभ बच्चन ने टैक्स हैवन देशों में अपना
पइसा छिपाया. अमिताभ ने आरोपों को खारिज किया. लेकिन अब अमिताभ बच्चन के 'पूर्व छोटे भाई' और कभी बेहद दिल के करीबी रहे अमर सिंह ने दिल के दर्द खोले हैं. अमर सिंह ने हाल ही में बीबीसी को दिए इंटरव्यू में कहा, अमिताभ बच्चन एक डरपोक इंसान हैं.
आगे पढ़िए इंटरव्यू में अमिताभ बच्चन के बारे में अमर सिंह की कही खास बातें... 1. अमिताभ बच्चन से भले ही हमारे संबंध आज अच्छे न हों. लेकिन एक बात मैं साफ कह दूं. अमिताभ बच्चन डरपोक इंसान हैं. कानून से बहुत डरते हैं. जो उनकी स्क्रीन इमेज है एंग्री यंगमैन वाली. बता दूं कि एक सामान्य इनकम टैक्स ऑफिसर के छोटे से नोटिस से उनकी हालत खराब हो जाती है. आर्थिक प्रबंधन के मामले में उनका ज्ञान शून्य है. जिस वक्त का ये मामला है, उस वक्त अमिताभ का लेन-देन का हिसाब उनके छोटे भाई अजिताभ बच्चन देखते थे.
2. पनामा पेपर्स के सामने आने के बाद अमिताभ ने कहा कि उनके नाम का गलत इस्तेमाल हुआ. ये सपाट बयान नहीं था. इसका मतलब ये हुआ कि दाल में कुछ काला है.
3. पनामा पेपर्स में फंसना हो सकता है कि अमिताभ से ये सब भूल की वजह से हुआ. हो सकता है कि किसी सीए ने साइन करवा लिए हों.
4. अमिताभ बच्चन ने मेरे मदद करने को लेकर चाहे जो कुछ कहा हो. पर मैं बता दूं कि मैंने अमिताभ बच्चन परिवार के लिए कुछ नहीं किया.
अमर सिंह ने इंटरव्यू के बीच एक शेर पढ़ा...
कौन रोता है यहां किसी और की खातिर ए दोस्त
सबको अपनी ही किसी बात पर रोना आया
कभी खुद पर कभी हालात पर रोना आया
बाद निकली तो हर एक बात पर रोना आया
5. मैंने अपनी खुशी के लिए जो किया, वो किया. अमिताभ बच्चन ने मुझसे कभी कोई पैसे नहीं मांगे. हमारा उनका संबंध कभी लेन-देन का नहीं रहा. लेकिन हां जब हम परेशान थे, तब वो लोग हमारे साथ खड़े नहीं दिखाई दिए. इससे भावनात्मक रूप से आप समझिए, मेरी मौत हो गई. मेरी हत्या हो गई. ये मेरी आहत भावना की आत्मा है, जो आपके सामने बैठी है. इससे मेरे अंदर और बाहर का स्वरूप ऐसा बदला कि मेरे मुंह से निकल पड़ा..
कि मेरे बाद वफा का धोखा
मत किसी और को देना
लोग करेंगे जिक्र तेरा
तो सिर मेरा झुक जाएगा
6. अमिताभ बच्चन कहां हैं. जब वो मुंबई आए. सड़कों पर सोते थे. तो महमूद ने अपने घर पर सिर्फ रखा ही नहीं. बल्कि पहली फिल्म बनाई बॉम्बे टू गोवा. क्या महमूद अपनी जमानत फिल्म पूरा करने के लिए बंगले का चक्कर काटते-काटते मर नहीं गए. महमूद का यू-ट्यूब क्या अब भी जीवंत नहीं है कि जिसमें
उन्होंने साफ कहा कि अमिताभ तुमने जो मेरे साथ किया, किसी और के साथ मत करना. महमूद के बाद नाडियाडवाला. फिर अमजद खान. और महमोहन देसाई और प्रकाश मेहरा. फिर ये फैसला कि अब इनके साथ कभी काम नहीं करने का फैसला.
7. बाकी दुनिया की तरह हम भी अमिताभ बच्चन को महानायक मानते हैं. पर्दे और जीवन के महानायक, जो कि हर वक्त एक्टिंग करते हैं. और वो इतना जीवंत होता है कि 20 साल उनके साथ बिताने वालों को भी पता नहीं चल पाता है.
8. जब शब्दों के जादूगर नरेंद्र मोदी अमिताभ बच्चन के प्रभाव में आ गए. तो फिर हम भी आ गए.
9. मैं बहुत कोशिश कर रहा हूं कि मेरे विदेशी बैंकों में खाता खुल जाए. मेरी बिटिया विदेश में पढ़ना चाहती है तो मेरा अकाउंट खुलवाना जरूरी है. ये गलत भी नहीं है. क्योंकि मैं पैसा सही तरीके से भेजना चाहता हूं. न कि हवाला से.
10. हिंदी सिनेमा से मेरी दूरी की वजह आप मानिए कि मेरा तिलिस्म टूट चुका है. राजेश खन्ना की फिल्म लगने पर औरतें शैम्पू करके जाती थीं. अब वो ग्लैमर खत्म हो गया है.
अब वो दौर है कि 20 रुपये की डीवीडी ले लीजिए और 100 बार अमिताभ बच्चन को नचाइए.