अडानी ग्रुप (Adani Group) को लेकर कांग्रेस सहित विपक्षी दल सरकार को घेरने में लगे हैं. विपक्षी पार्टियां हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट को लेकर अडानी के खिलाफ जांच की मांग कर रहे हैं. सरकार पर अडानी ग्रुप को फायदा पहुंचाने का आरोप लगा रहे हैं. इन आरोपों और हंगामे के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah interview) ने पहली बार जवाब दिया है. शाह ने कहा कि इस मामले पर बीजेपी के पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है.
इंटरव्यू में अडानी वाला सवाल पूछा गया, अमित शाह का जवाब सुनिए!
राहुल गांधी की संसद वाली स्पीच पर शाह ने जवाब दिया है.
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14 फरवरी को समाचार एजेंसी ANI ने अमित शाह का एक इंटरव्यू रिलीज किया. इंटरव्यू में उनसे बीजेपी और अडानी ग्रुप की 'मित्रता' को लेकर पूछा गया. सवाल किया गया कि विपक्ष कहता है कि बीजेपी सरकार में सारे कॉन्ट्रैक्ट अडानी ग्रुप को मिल रहे हैं. इस पर अमित शाह ने कहा,
"अभी सुप्रीम कोर्ट ने इस केस का संज्ञान लिया है. देश के कैबिनेट के सदस्य के नाते जब सुप्रीम कोर्ट ने किसी मामले का संज्ञान लिया हो उस वक्त मेरा बोलना ठीक नहीं होगा. लेकिन इसमें बीजेपी के पास कुछ छिपाने को नहीं है. ना ही किसी बात से डरने की जरूरत है."
संसद में अडानी को लेकर राहुल गांधी की स्पीच पर भी अमित शाह से पूछा गया. इस पर गृह मंत्री ने कहा कि उनकी (राहुल) स्पीच की जो स्क्रिप्ट लिखते हैं, उनको सोचना चाहिए. भारतीय जनता पार्टी पर एक भी आरोप आज तक कोई भी लगा पाया है. शाह ने कहा कि उनके जमाने (UPA शासनकाल) में उन्हीं की एजेंसियों ने चाहे CAG हो, CBI हो, सभी एजेंसियों ने भ्रष्टाचार का संज्ञान लेकर केस दर्ज किए थे. 12 लाख करोड़ का घोटाला हुआ था.
संसद के बजट सत्र में इस मुद्दे पर विपक्षी दल लगातार संयुक्त संसदीय समिति (JPC) जांच की मांग कर रहे हैं. विपक्ष ने अडानी ग्रुप में LIC और सरकारी बैंकों के निवेश पर भी सवाल उठाया है. मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा. 13 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में सरकार ने बताया कि SEBI ने हिंडनबर्ग रिसर्च के आरोपों की जांच करने के लिए एक कमिटी गठित करने का फैसला किया है.
इससे पहले 7 फरवरी को संसद में अपनी स्पीच के दौरान राहुल गांधी ने सरकार पर कई आरोप लगाए थे. राहुल ने कहा था कि अडानी ग्रुप की कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए नियमों में बदलाव किए गए. उन्होंने प्रधानमंत्री पर सीधा-सीधा आरोप लगाया कि वे जिस देश में जाते हैं वहीं पर अडानी को कॉन्ट्रैक्ट मिलने लगते हैं. उन्होंने कहा था कि साल 2014 में अमीरों की लिस्ट में अडानी 609वें नंबर पर थे. फिर, पता नहीं कौन सा जादू हुआ कि अडानी दूसरे नंबर पर आ गए.
वीडियो: अडानी-हिंडनबर्ग विवाद पर कांग्रेस ने की JPC की मांग, जांच कमेटी का इतिहास ये है






















