प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आर्मी जवानों के खून का दलाल बताने वाले राहुल गांधी के बयान पर आज बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने जवाब दिया है. शाह ने कहा कि ऐसा सवाल उठाकर राहुल ने सेना का अपमान किया है और ये दिखाता है कि राहुल और कांग्रेस के नेतृत्व के मूल विचार में ही खोट है. अमित शाह ने कहा कि केंद्र सरकार और पूरे देश के साथ-साथ बीजेपी सेना के पीछे खड़ी है.
'आलू की फैक्ट्री पर ध्यान दें राहुल, बड़े मामलों में न बोलें'
प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमित शाह ने केजरीवाल और राहुल गांधी पर साधा निशाना.

गुरुवार को राहुल यूपी से लौटकर दिल्ली आए थे और वहां उन्होंने किसानों से कहा, 'हमारे जिन जवानों ने अपना खून दिया है और सर्जिकल स्ट्राइक किया है, उसके पीछे आप छिपे हुए हो मोदी जी. आप उनकी दलाली कर रहे हो.' इस पर आज अमित शाह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाकर बीजेपी की तरफ से जवाब दिया. शाह ने कहा,
'सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाकर राहुल ने सेना का अपमान किया है. ऐसा कहकर उन्होंने सारी सीमाएं तोड़ दी हैं. राहुल को बताना चाहिए कि दलाली शब्द कहां से आया है. एक तरफ केजरीवाल पाकिस्तान में हिट हो गए हैं और दूसरी तरफ राहुल गांधी ने अपने देश का अपमान किया है. हमारी सेना आधुनिक टेक्नॉलजी से लैस है और हर हालात का अच्छी तरह सामना कर रही है. कांग्रेस और राहुल को मोदी जी से आपत्ति है. वो कभी 'मौत का सौदागर' कहते हैं तो कभी 'जहर की खेती' का आरोप लगाते हैं. इन बयानों के बाद गुजरात में पूर्ण बहुमत से सरकार बनी थी. इस बार उनका क्या मकसद है, मुझे नहीं पता.'
शाह ने राहुल के 'आलू की फैक्ट्री' वाले बयान को निशाना बनाते हुए कहा, 'राहुल को दलाली शब्द कांग्रेस तक ही सीमित रखना चाहिए. बोफोर्स से लेकर 2जी तक किसने दलाली की? राहुल गांधी को ऐसे बड़े-बड़े मामलों पर बयान नहीं देना चाहिए. उन्हें अपनी आलू की फैक्ट्री पर ध्यान देना चाहिए. अभी नवरात्र चल रहा है, दीवाली आने वाली है और ऐसे बयानों से सेना का मनोबल गिरता है और जनता में गुस्सा पैदा होता है. जो लोग सर्जिकल स्ट्राइक का सबूत मांग रहे हैं, अगर वो पाकिस्तान में मचा हड़कंप देख लेते तो ऐसा सवाल नहीं उठाते. हम जय जवान वाले लोग हैं.'
सर्जिकल स्ट्राइक के चुनावी फायदे पर शाह ने कहा, 'स्ट्राइक की वजह से जनता में उत्साह है. हमारे किसी बड़े नेता ने इस पर कोई बयान नहीं दिया है. तहसील या जिला स्तर पर कार्यकर्ताओं ने कुछ कहा होगा, लेकिन ऐसा उत्साह की वजह से हुआ. मैं पूछता हूं कि ये उत्साह राहुल और कांग्रेस में क्यों नहीं पैदा हो रहा है. केजरीवाल को तो पाकिस्तान की जनता ट्विटर पर ट्रेंड करा रही है. हम सेना को सल्यूट करते हैं. अगर सर्जिकल स्ट्राइक नहीं हुआ तो महीने में एक-आध बार इस्लामाबाद जाने वाले नवाज शरीफ अब वहीं डेरा डालकर मीटिंग क्यों कर रहे हैं. मुझे तो लगता है कि कांग्रेस के मूल विचार में ही खोट है.'
वैसे ऐसा कम ही होता है कि विपक्षी नेताओं के बयान पर बीजेपी आलाकमान की तरफ से कोई प्रवक्ता नहीं, बल्कि खुद पार्टी अध्यक्ष आगे आकर जवाब दें. अब देखना ये है कि इस पर राहुल और केजरीवाल क्या जवाब देते हैं.
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