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अमित शाह ने कहा- 2024 में मोदी को PM बनाना है तो 2022 में योगी को CM बनाइए

UP चुनाव में योगी के CM फेस बनने की शंकाओं को अमित शाह ने खत्म कर दिया.

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लखनऊ में कार्यक्रम के दौरान मंच पर योगी आदित्यनाथ और अमित शाह ( PTI)
अगले साल उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए सारी पार्टियों ने कमर कस ली है. रैली, जनसभा और प्रचार-प्रसार का काम तेज हो गया है. शुक्रवार 29 अक्टूबर को लखनऊ में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने अपनी पहली रैली को संबोधित किया. इसमें अमित शाह ने योगी सरकार के कार्यकाल की जमकर तारीफ की. कहा कि उन्होंने 90 फीसदी वादे पूरे किए हैं. विधानसभा चुनाव से पहले अपनी पहली रैली में अमित शाह ने लंबे समय से लगाई जा रही उन अटकलों को भी खत्म कर दिया जिनमें पूछा जा रहा था कि आगामी चुनाव में बीजेपी का सीएम फेस कौन होगा? क्या बोले अमित शाह? ऐसी तमाम अटकलों को खत्म करते हुए अमित शाह ने स्पष्ट कहा कि अगर 2024 में नरेंद्र मोदी को पीएम बनाना है तो योगी आदित्यनाथ को यूपी का मुख्यमंत्री बनाइए. वे बोले,
केंद्र में अगर 2024 में नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाना है तो 2022 में एक बार फिर से योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री बनाना होगा. नरेंद्र मोदी को एक बार फिर मौका दे दीजिए. हमने उत्तर प्रदेश में लोक संकल्प पत्र के सारे वादे पूरे किए हैं. लेकिन अभी पांच साल का मौका और चाहिए ताकि उत्तर प्रदेश को सभी जगह पर देश में नंबर वन पर लाया जाए.
वहीं सपा-बसपा पर निशाना साधते हुए अमित शाह ने कहा कि यूपी की हालत देखकर उनका खून खौल जाता था. उन्होंने कहा,
कैराना से पलायन हो रहे थे. लेकिन अब पलायन कराने वाले खुद पलायन कर गए हैं. किसी की हिम्मत नहीं है कि पलायन करा दें. एक समय था जब हर जिले में दो-दो बाहुबली थे. लेकिन आज दूरबीन लेकर देखने पर भी बाहुबली नजर नहीं आते.
क्या यूपी बीजेपी में सब ठीक है? जून महीने के शुरुआत में जब कोरोना की दूसरी लहर कमजोर पड़ रही थी तब उत्तर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में ये चर्चा शुरू हो गई थी कि कुछ बड़ा होने वाला है. उस समय खबरें चलीं कि कोरोना प्रबंधन और पंचायत चुनाव के नकारात्मक परिणामों की वजह से बीजेपी हाईकमान, यूपी सरकार के मुखिया से नाराज है. 5 जून यानी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जन्मदिन पर पीएम मोदी की ओर से सोशल मीडिया पर बधाई न दिए जाने को भी इसी से जोड़कर देखा गया. हालांकि बाद में खबरें आईं कि प्रधानमंत्री ने उन्हें फोन पर बधाई दी है. मई के आखिर और जून की शुरुआत में दिल्ली से लेकर लखनऊ तक एक के बाद हुई बैठकों ने बीजेपी हाईकमान की योगी से नाराजगी की अपुष्ट खबरों को और बल दिया. पहले दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा, प्रदेश संगठन के महामंत्री सुनील बंसल और संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले की बैठक हुई. फिर दत्तात्रेय होसबोले और सुनील बंसल लखनऊ पहुंचे थे. वहां दोनों नेताओं ने अलग-अलग बैठक की थी. दत्तात्रेय होसबोले ने जहां संघ के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर फीडबैक लिया, वहीं सुनील बंसल ने मुख्यमंत्री, दोनों उपमुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष के साथ बैठक की थी. बीजेपी के संगठन मंत्री बीएल संतोष ने लखनऊ में दो दिन तक लगातार एक-एक करके पार्टी पदाधिकारियों और राज्य सरकार के मंत्रियों से भी मुलाकात की थी. केशव मौर्य का बयान एक के बाद एक हो रही इन बैठकों के बाद ये सवाल पूछा जाने लगा था कि क्या योगी ही 2022 में बीजेपी के सीएम फेस होंगे. इन चर्चाओं को और बल दिया उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के एक बयान ने. इसमें केशव मौर्य ने कहा कि 2022 के विधानसभा चुनाव में पार्टी का नेतृत्व कौन करेगा, ये केंद्रीय नेतृत्व तय करेगा. इसके बाद उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बीच मनमुटाव की खबरें भी आईं. जिसके बाद योगी आदित्यनाथ आरएसएस के पदाधिकारियों के साथ साढ़े चार साल में पहली बार केशव मौर्य के घर पहुंचे थे. फिलहाल अमित शाह ने लखनऊ में अपनी पहली ही रैली में योगी आदित्यनाथ को 2022 में मुख्यमंत्री का चेहरा बताकर इन अटकलों को खारिज कर दिया है. 2017 में जब बीजेपी ने यूपी की सत्ता में वापसी की थी तब अमित शाह बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे. 2019 में गृहमंत्री बनने के बाद वे कई बार लखनऊ आ चुके हैं, लेकिन पार्टी मुख्यालय में संगठन की बैठक लेने पहली बार आए हैं. मिशन 2022 को धार देने के लिए अमित शाह संगठन के पदाधिकारियों के साथ पांच बैठक करेंगे.

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