चुनाव के रिजल्ट आने के बाद हिलेरी और ट्रंप समर्थकों के बीच झगड़े हो रहे हैं. बहसें हो रहीं हैं. ट्रंप ने चुनाव से पहले जो बातें कही थीं, उससे अश्वेत और मुसलमानों का असुरक्षित महसूस करना जायज है. बहुत से लोगों ने ट्रंप के विरोध में ट्विटर की प्रोफाइल पिक्चर बदलकर काली कर ली. अब तक अमेरिका के इतिहास में दो राष्ट्रपतियों पर इम्पीचमेंट यानी महाभियोग लगाया गया है. एंड्रयू जॉनसन और बिल क्लिंटन. लेकिन दोनों को बाद में सीनेट की तरफ से निर्दोष पाया गया.
क्या होता है इम्पीचमेंट (महाभियोग) ?
इम्पीचमेंट वो प्रक्रिया है जिसमें किसी पद पर बैठे आदमी को हटाया जा सकता है. ज्यादातर ये शब्द राष्ट्रपति के लिए इस्तेमाल किया जाता है. भारत में भी संविधान का उल्लंघन करने पर राष्ट्रपति पर महाभियोग चल सकता है. अब तक भारत में ऐसा नहीं हुआ है. अमेरिकी संविधान के आर्टिकल 2 के हिसाब से प्रेसिडेंट, वाइस प्रेसिडेंट या और किसी पदाधिकारी को घूसखोरी, राष्ट्रद्रोह, अपराध या खराब व्यवहार के चलते इम्पीच किया जा सकता है. इम्पीचमेंट का अधिकार यूएस की सीनेट के पास सुरक्षित है. सुप्रीम कोर्ट इस तरह के मसले का रिव्यू नहीं कर सकती. जानकारों का कहना है कि डोनाल्ड ट्रंप पर कई तरह के आरोप लगाए गए हैं जिनके आधार पर उन्हें पद से हटाया जाना चाहिए.ट्रंप पर 'द ट्रंप यूनिवर्सिटी' में फ्रॉड करने का केस चल रहा है. ये केस न्यूयॉर्क और कैलिफ़ोर्निया में केस चल रहे हैं. उन पर टैक्स रिटर्न से जुड़े मामलों में भी घपलेबाजी करने के आरोप लगे हैं. उनके फाउंडेशन 'ट्रंप फाउंडेशन' में कई ऐसे डोनेशन हुए हैं जो टैक्स के नियमों का उल्लंघन करते हैं. ट्रंप पर कई महिलाओं ने सेक्शुअली हैरेस करने का आरोप लगाया है. इस आधार पर बिल क्लिंटन पर भी केस चल चुका है. ट्रंप ने कई समुदायों और लोगों को धमकाया है जो मानवता के खिलाफ एक अपराध है.लेकिन ऐसा करना आसान नहीं है. इसके लिए हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव्स जब तक दो तिहाई बहुमत से प्रस्ताव ना पारित करे, किसी पर महाभियोग नहीं चलाया जा सकता. फिर ट्रंप तो बहुमत में हैं. ये नतीजों का असर है जिसकी वजह से ट्रंप को ना पसंद करने वाले उन्हें हटाने की प्रॉसेस गूगल पर सर्च कर रहे हैं. पर अब छटपटाने से क्या होगा. नतीजे तो सबको स्वीकारने होंगे.
ये स्टोरी निशान्त ने की है.

















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