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इस देश में जब एक लड़की सामने लिंग हिलता देख रही होती है, मुंबई पुलिस मीम डिलीट करवा रही होती है

ऑल इंडिया बकचोद एक बार फिर ख़बरों में.

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फोटो - thelallantop
ऑल इंडिया बकचोद. चार लफंडरों का बदतमीज़ ग्रुप. बदतमीज़ इसलिए क्यूंकि वो ऐसी बातें करते हैं जिनकी वजह से आप विचलित हो जाते हैं. रोस्ट कर दिया तो थाना पुलिस हो गई. पादरी से माफ़ी मांगनी पड़ी. लता मंगेशकर और सचिन तेंदुलकर का स्नैपचैट फ़िल्टर लगा के वीडियो बनाया तो देश दुनिया भर में छाती पीटने लगा. अब फिर से कुछ लफड़ा हुआ है. इस बार भी स्नैपचैट फ़िल्टर की समस्या है. बस कैरेक्टर बदला है. मामला है मोदी जी का. सोशल मीडिया पर एक तस्वीर धकापेल फैल रही थी. तस्वीर में एक आदमी रेलवे प्लेटफ़ॉर्म पर खड़ा हुआ अपने मोबाइल में मशगूल दिख रहा था. तस्वीर में जो आदमी दिखाई दे रहा था वो एकदम नरेंद्र मोदी जैसा दिख रहा था. ऑल इंडिया बकचोद के सरगना तन्मय भट्ट ने अपने फेसबुक और ट्विटर प्रोफाइल्स से एक मीम डाला. उस मीम में ये बताया गया था कि मोदी जी (नकली वाले) उस मोबाइल में झांककर क्या कर रहे थे. अगली तस्वीर में तन्मय ने दिखाया कि मोदी जी असल में स्नैपचैट फ़िल्टर लगाकर तस्वीर खींच रहे थे. उन्होंने डॉग फ़िल्टर लगाया हुआ था. साथ ही तस्वीर भी दिखाई.   tanmay bhat   गुरुवार की सुबह तन्मय को अपनी प्रोफ़ाइल और साथ ही ऑल इंडिया बकचोद के पेज से इस तस्वीर को हटाना पड़ा. वजह? वजह फिर से वही - लोगों का गुस्सा. मोदी के फॉलोवर्स और भाजपा समर्थक तन्मय भट्ट और ऑल इंडिया बकचोद पर पिल पड़े. गाली-गलौज से लेकर क्या कुछ नहीं हुआ. एक जनाब ने मुंबई पुलिस को इत्तेला दी. मुंबई पुलिस ने भी इतनी फुर्ती दिखाई मानो कहीं तुरंत फटने वाले बम-उम होने का सुराग मिल गया हो. मुंबई पुलिस ने कहा कि हमने साइबर सेल को सारा मामला समझा दिया है और मामला उसके पास है. ट्वीट देखो.     मुंबई पुलिस कमाल की है. हाल ही में एक वीडियो आया जिसमें एक लड़की अपनी आपबीती सुना रही थी. एक रेलवे स्टेशन पर उस लड़की के और उसकी दोस्त के सामने एक लड़का खड़ा होकर हस्तमैथुन कर रहा था. लड़की जब पुलिसवाले को बुला कर लाई तो पुलिसवाले ने बड़े मज़े से कह दिया, 'ये तो डी-4 कोच है. हो सकता है ये उसकी ही सीट हो. तुम लोग कहीं और जाकर बैठ जाओ.' और वो चला जाता है. दो लड़कियों को उस महानीच लड़के के साथ छोड़कर वो फ़रार हो जाता है. लेकिन जब एक चुटकुला बनता है तो पुलिस तुरंत ऐक्शन में आती है. साइबर सेल को इत्तेला करती है और आनन-फानन में ऑल इंडिया बकचोद के पेज से वो मीम गायब हो जाता है. देश का एक बड़ा जत्था सफल हो जाता है. चुटकुले बनाने वाले सर पीट लेते हैं. क्यूं? क्यूंकि उन्होंने चुटकुला एक माननीय के कॉस्ट पर बनाया था. माननीय जो भगवान बन गए हैं. ठीक वैसे ही जैसे लता मंगेशकर और सचिन तेंदुलकर भगवान बन गए थे. ट्विटर पर कोई भी आता है, किसी आम आदमी को गाली देता है और कुछ नहीं होता है. रोज़ कितनी लड़कियां हैं जिन्हें रंडी क़रार दे दिया जाता है. कितनी ही लड़कियां हैं जिन्हें उनके इनबॉक्स में घुसकर इसी देश के बाशिंदे उनका बलात्कार करने की बात कहते हैं. उन्हें ये तक कहते हैं कि 'एक बार मेरे साथ सो जाओ, सब कुछ समझा दूंगा.' और उन्हें कुछ नहीं होता. वो वैसा ही जीवन जी रहे हैं जैसा जी रहे थे. लेकिन देश के एक बड़े नाम और सत्ताधारी शख्सियत के नाम पर कोई चुटकुला बना तो देश की गरिमा को ठेस लग जाती है. उसी देश की लड़की मेट्रो में चढ़ती है तो उसके पायजामे पर मर्दाना ताकत की निशानी छोड़ दिए जाने की संभावनाएं काफी मात्रा में बढ़ जाती हैं. उसी देश की एक लड़की जब किसी हॉस्टल या पीजी में रह रही होती है तो उसे उसकी ब्रा-पैंटी चोरी होते जाने और खिड़की के बाहर खड़े पैंट खोले लिंग हिलाते लड़के देखने की आदत डलवा दी जाती है. ये उसकी रोज़मर्रा की ज़िन्दगी का हिस्सा बन जाता है. लेकिन इस देश की गरिमा पर खतरा तब मंडराने लगता है जब देश के वीआईपी पर एक मज़ाकिया बात कह दी जाती है.

राहुल राम इस वक़्त खूब याद आता है. चीखते हुआ कहता है, "देस मेरा रंगरेज ये बाबू, घाट-घाट यहां घटता जादू..."

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हम भी कमाल के लोग हैं. हमें पूजने वाले लोग चाहिए. हमें उनसे ही राहत मिलती है. हम अपनी निरंतर घटिया होती दिनचर्या में बस उतने ही राहत के पल ढूंढ पाते हैं जितनी देर हम अपने बनाए हुए भगवान के बारे में सोच, पढ़, सुन, लिख रहे होते हैं. उसके बचाव के लिए हम कुछ भी कर सकते हैं. किसी भी हद तक जा सकते हैं. उसके लिए हम किसी को उसके बलात्कार की धमकी दे सकते हैं, उसे रंडी डिक्लेयर कर सकते हैं, उसे जान से मारने की धमकी दे सकते हैं, उसकी मां, उसके बाप, उसके रिश्तेदारों के बारे में जितनी घटिया बातें हो सकती हैं, कहेंगे. उसका नाम-ओ-निशान मिटा देंगे. उसे इस कदर डिमॉरलाइज़ कर देंगे कि अगली दफ़ा वो अपने दिमाग से कुछ भी कहने/लिखने से पहले करोड़ों बार सोचे और दस में से ग्यारह बार अपने आइडिया का वहीं गला घोंट दे. जितनी भी बार ऐसा होगा, हम जश्न मनाएंगे क्यूंकि हमने अपने आका को बचा लिया. एक चुटकुले से. ठीक उसी वक़्त जब सूरज डूबने के बाद एक रेलवे स्टेशन पर एक लड़की अपने सामने एक इंसानी लिंग को हिलता हुआ देख रही थी और उसे मोबाइल में रिकॉर्ड कर रही थी ताकि जब वो इसके बारे में बात करे तो उसका विश्वास किया जा सके और उसे रंडी न ठहराया जाए. मेरा देश बदल रहा है. मीम डिलीट कर रहा है.

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