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शराब पीने के चक्कर में रद हुआ था पायलट लाइसेंस, एयर इंडिया ने बना दिया रीजनल डायरेक्टर

विरोध हुआ तो एयर इंडिया को फैसला बदलना पड़ा.

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कैप्टन अरविंद कठपालिया को रीजनल डायरेक्टर नियुक्त करने का फैसला वापस ले लिया गया है.
एयर इंडिया के कैप्टन हैं अरविंद कठपालिया. 30 अप्रैल को खबर आई कि उन्हें एयर इंडिया का रीजनल डायरेक्टर नियुक्त कर दिया गया है. इस खबर के कुछ घंटे बाद ही फैसला वापस भी ले लिया गया. ऐसा इसलिए करना पड़ा कि पायलटों ने ही कठपालिया के नाम का विरोध कर दिया. पायलट अरविंद कठपालिया उड़ान भरने से पहले होने वाले अल्कोहल टेस्ट में 11 नवंबर, 2018 को फेल हो गए थे. इसके बाद नागर विमानन महानिदेशालय यानी कि डीजीसीए ने कठपालिया का लाइसेंस तीन साल के लिए सस्पेंड कर दिया था. कठपालिया को लेनी थी पंकज की जगह एयर इंडिया की ओर से 30 अप्रैल को बयान जारी किया गया. इसमें कहा गया कि नॉर्दर्न रीजन के क्षेत्रीय निदेशक पंकज कुमार रिटायर हो रहे हैं. और अब कठपालिया उनकी जगह लेंगे. पंकज कुमार 30 अप्रैल, 2019 को रिटायर हो गए. नए निदेशक एक मई से कार्यभार ग्रहण करेंगे. लेकिन इस फैसले के तुरंत बाद कंपनी के पायलट यूनियन ने विरोध करना शुरू कर दिया. इंडियन कमर्शियल पायलट्स एसोसिएशन (ICPA) ने कहा-
'भ्रष्ट अधिकारी को प्रमोट कर किया जा रहा है जबकि सीनियर अधिकारियों की अनदेखी की जा रही है. उन्हें नॉर्दर्न रीजन का कार्यभार दिया जा रहा है. वहां वह उन लोगों को धमकाने का काम करेंगे, जिन्होंने उनके खिलाफ पुलिस जांच में बयान दिया था. 'ऐसा व्यक्ति जिसने कानून तोड़ा है. जिसके खिलाफ आरोप पत्र पेंडिंग है, वह अन्य कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर सकता. आईपीसीए कंपनी के फैसले की कड़ी निंदा करता है. हम इसका विरोध करेंगे. एक बार फिर साबित हुआ कि मजबूत राजनीतिक कनेक्शन रखने वाले लोग कोई भी अपराध करके बच सकते हैं.
क्यों हुआ विरोध?  11 नवंबर 2018 को कैप्टन कठपालिया अल्कोहल टेस्ट में फेल हो गए थे. मतलब ये कि उड़ान से पहले उन्होंने शराब पी हुई थी. और ऐसा पहली बार नहीं, दूसरी बार हुआ था. नियम ये है कि अल्कोहल टेस्ट में पहली बार फेल होने पर लाइसेंस तीन महीने के लिए निलंबित किया जा सकता है. दूसरी बार पकड़े जाने पर तीन साल के लिए निलंबित हो सकते हैं. अगर तीसरी बार कोई अल्कोहल टेस्ट में फेल हो जाता है तो लाइसेंस हमेशा के लिए रद हो सकता है. कैप्टन दूसरी बार अल्कोहल टेस्ट में फेल हो गए थे. उनका लाइसेंस तीन साल के लिए निलंबित कर दिया गया था. अब जिस आदमी का लाइसेंस रद है, उसे रीजनल डायरेक्टर बनाने का विरोध तो होना ही था. वही हुआ भी और आखिर में एयर इंडिया ने अपना फैसला वापस ले लिया.
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