'भ्रष्ट अधिकारी को प्रमोट कर किया जा रहा है जबकि सीनियर अधिकारियों की अनदेखी की जा रही है. उन्हें नॉर्दर्न रीजन का कार्यभार दिया जा रहा है. वहां वह उन लोगों को धमकाने का काम करेंगे, जिन्होंने उनके खिलाफ पुलिस जांच में बयान दिया था. 'ऐसा व्यक्ति जिसने कानून तोड़ा है. जिसके खिलाफ आरोप पत्र पेंडिंग है, वह अन्य कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर सकता. आईपीसीए कंपनी के फैसले की कड़ी निंदा करता है. हम इसका विरोध करेंगे. एक बार फिर साबित हुआ कि मजबूत राजनीतिक कनेक्शन रखने वाले लोग कोई भी अपराध करके बच सकते हैं.क्यों हुआ विरोध? 11 नवंबर 2018 को कैप्टन कठपालिया अल्कोहल टेस्ट में फेल हो गए थे. मतलब ये कि उड़ान से पहले उन्होंने शराब पी हुई थी. और ऐसा पहली बार नहीं, दूसरी बार हुआ था. नियम ये है कि अल्कोहल टेस्ट में पहली बार फेल होने पर लाइसेंस तीन महीने के लिए निलंबित किया जा सकता है. दूसरी बार पकड़े जाने पर तीन साल के लिए निलंबित हो सकते हैं. अगर तीसरी बार कोई अल्कोहल टेस्ट में फेल हो जाता है तो लाइसेंस हमेशा के लिए रद हो सकता है. कैप्टन दूसरी बार अल्कोहल टेस्ट में फेल हो गए थे. उनका लाइसेंस तीन साल के लिए निलंबित कर दिया गया था. अब जिस आदमी का लाइसेंस रद है, उसे रीजनल डायरेक्टर बनाने का विरोध तो होना ही था. वही हुआ भी और आखिर में एयर इंडिया ने अपना फैसला वापस ले लिया.
बाढ़ और कटाव से जूझते बहराइच के इस गांव की सुनवाई कहां?












