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बिहार में AIIMS को लेकर PM मोदी ने क्या बोला जो तेजस्वी यादव और मनसुख मांडविया भिड़ गए?

तेजस्वी ने प्रधानमंत्री पर झूठ बोलने का आरोप लगाया तो मनसुख मांडविया ने कागज दिखाया.

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तेजस्वी यादव और मनसुख मंडाविया के बीच आरोप-प्रत्यारोप (फोटो- PTI)

बिहार के दरभंगा जिले में प्रस्तावित AIIMS को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक बयान के बाद केंद्र और राज्य सरकार आमने-सामने आ गई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 12 अगस्त को पश्चिम बंगाल में क्षेत्रीय पंचायती राज परिषद की बैठक के दौरान दरभंगा में केंद्र सरकार द्वारा AIIMS खोले जाने का जिक्र किया. इसके बाद ही बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने AIIMS की क्रेडिट के लिए सोशल मीडिया पर भिड़ गए.

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तेजस्वी यादव ने दरभंगा में AIIMS खोले जाने के पीएम के दावे को झूठ बताते हुए ट्विटर पर लिखा,

''आज प्रधानमंत्री जी दरभंगा में AIIMS खुलवाने का झूठा श्रेय ले रहे थे. स्थिति ये है कि बिहार सरकार ने निःशुल्क 151 एकड़ जमीन केंद्र को इसकी स्थापना के लिए दिया है और साथ ही 250 करोड़ से अधिक मिट्टी भराई के लिए आवंटित किया. लेकिन दुर्भाग्य से, राजनीति करते हुए केंद्र ने प्रस्तावित AIIMS के निर्माण को स्वीकृति नहीं दी. प्रधानमंत्री से देश कम से कम सत्य और तथ्य की अपेक्षा करता है, लेकिन उन्होंने सफेद झूठ बोला."

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तेजस्वी ने ट्वीट में आगे लिखा,

''इस साल जून में हमने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से फोन पर बात की थी. दरभंगा AIIMS के निर्माण की स्वीकृति देने का आग्रह किया था. इसी आशा में चिट्ठी भी लिखी थी. मगर, अभी तक कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं देखने को मिली.''

केंद्र सरकार का पलटवार

तेजस्वी यादव ने इस ट्वीट के साथ-साथ केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को लिखे गए पत्र को भी ट्विटर पर शेयर किया. इसके बाद स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने तेजस्वी यादव के ट्वीट पर पलटवार किया. उन्होंने ट्वीट कर लिखा,

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''मोदी सरकार विकास में राजनीति नहीं करती, बल्कि विकास की राजनीति करती है. दरभंगा एम्स की अनुमति मोदी सरकार ने 19 सितंबर 2020 को दी और बिहार सरकार ने 3 नवंबर 2021 को पहली जमीन दी.''

इसके साथ ही उन्होंने राज्य सरकार पर AIIMS के निर्माण की जगह बदलने का आरोप लगाया. उन्होंने ट्वीट कर आगे लिखा,

''इसके बाद आप सरकार में आये और राजनीति करते हुए 30 अप्रैल 2023 को यह जगह बदल दी. नियमों के अनुसार, जमीन की जांच करने के लिए एक्सपर्ट कमेटी ने जमीन को इंस्पेक्ट किया. 6 मई 2023 को भारत सरकार ने उपलब्ध करवाई गई दूसरी जमीन एम्स निर्माण के लिए उपयुक्त नहीं है, ऐसा लेटर बिहार सरकार को भेजा था. आप ही बताओ जमीन को क्यों बदला गया, किसके हित में बदला गया? राजनीति से बाहर आइए और एम्स बनाने के लिये तत्काल उचित जगह दीजिए. हम बिहार में एम्स बनाने के लिए तैयार हैं.''

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने जो पत्र ट्विटर पर शेयर किया, वो केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग के सचिव राजेश भूषण ने बिहार सरकार को लिखा था. इसमें केंद्र ने बिहार सरकार से कहा था कि जो जमीन उपलब्ध कराई गई है, वो निर्माण के लिए उपयुक्त नहीं है. इस पत्र में राज्य सरकार से आग्रह किया था कि AIIMS के निर्माण के लिए दरभंगा में कहीं और जमीन दी जाए.

स्वास्थ्य मंत्री के इस ट्वीट पर तेजस्वी यादव ने फिर जवाब दिया. तेजस्वी ने ट्वीट कर लिखा,

''जिस समय अवधि के बारे में आप बता रहे हैं, उस वक़्त से लेकर पिछले कई सालों तक बिहार में BJP के ही स्वास्थ्य मंत्री रहे हैं. शायद आप उनकी असफलता के बारे में ही बता रहे हैं.''

अब जिस तरह से राज्य और केंद्र सरकार एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रही है, उससे AIIMS के निर्माण की समस्या का हल जल्द होता नहीं दिख रहा है.

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