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कोर्ट में तलाक के कागज फाड़ दिए, पति से लिपटकर रो पड़ी पत्नी, काम ही ऐसा किया था

कोर्ट में सुनवाई के दौरान कुछ ऐसा हुआ जो अब चर्चा का विषय बना हुआ है. शिखा-सौरभ का मुकदमा दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में पांच साल से चल रहा था. कपल ने छह साल में शादी, तलाक का मुकदमा और फिर हैप्पी एंडिंग, सारे रंग देख और जी लिए.

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पति को गले लगाकर रोती शिखा (PHOTO-X)

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  • दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में चल रहे तलाक के मुकदमे के दौरान पत्नी शिखा ने कोर्ट में पति सौरभ को गले लगाकर तलाक के कागज फाड़ दिए और शादीशुदा जीवन वापस शुरू करने का संकेत दिया।
  • शिखा ने पति सौरभ के विरुद्ध दहेज प्रताड़ना का फर्जी मुकदमा दायर किया था, जिससे पांच साल तक कानूनी विवाद चला और आर्थिक तंगी व तनाव के बीच उनके पिता को हार्ट अटैक भी आया।
  • सौरभ ने इलाज के लिए शिखा के पिता को सरकारी अस्पताल से मेदांता मेडिसिटी में भर्ती करवाया, जिससे रिश्ते में सुधार हुआ और शिखा ने तलाक का फैसला वापस लेने का मन बनाया।
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संजय शर्मा

एक कपल ने 6 साल के अंदर शादी, तलाक का मुकदमा और फिर ‘हैप्पी एंडिंग’ यानी किसी ‘ड्रामा फिल्म’ के सारे रंग देख और जी लिए. पत्नी जिस पति से तलाक चाह रही थी, कोर्ट कैंपस में सबके सामने उसी को गले से लगाकर रो पड़ी. इसके बाद रिश्तों में आई सारी कड़वाहट एक मिनट में काफूर हो गई. टूट की दहलीज पर पहुंच चुका एक रिश्ता फिर से जिंदगी पा गया. सोशल मीडिया पर कपल की तस्वीर खूब वायरल हो रही है.

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क्या है पूरी कहानी?

ये कहानी शिखा और सौरभ की है. शिखा अपने पति से तलाक लेने के लिए केस लड़ रही थीं. इंडिया टुडे से जुड़े पत्रकार संजय शर्मा की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने शादी के कुछ महीनों बाद ही पति सौरभ पर दहेज प्रताड़ना का फर्जी मुकदमा कर दिया. मांग थी कि उसे पति से तलाक मिल जाए और वो दहेज के मामले में जेल की चक्की पीसे. लेकिन कोर्ट में सुनवाई के दौरान कुछ ऐसा हुआ जो अब चर्चा का विषय बन गया. शिखा-सौरभ का मुकदमा दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में पांच साल से चल रहा था. 

वकीलों के दांव पेंच, कानूनी प्रक्रिया के लंबे प्रोसेस के चलते शिखा के पिता की जमा-पूंजी खत्म होने लगी लेकिन बेटी की जिद थी कि उसे केस लड़ना ही है. भविष्य में आने वाली संभावित अनिश्चितता, तनाव और आर्थिक तंगी के चलते शिखा के पिता को हार्ट अटैक आ गया. अब बेहतर इलाज करवाने के लिए पैसे नहीं थे. लिहाजा शिखा ने पिता को सरकारी अस्पताल में भर्ती करवा दिया.

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सौरभ ने करवाया इलाज

इधर सौरभ को जब ससुर की हालत का पता चला तो झगड़े की परवाह किए बिना वह तुरंत अस्पताल पहुंच गए. उन्हें सरकारी हॉस्पिटल से निकालकर गुरुग्राम के नामी मेदांता मेडिसिटी में ले गए. समय से प्रॉपर इलाज मिला तो शिखा के पिता ठीक भी हो गए. इस घटना ने शिखा के दिल पर गहरा असर डाला. अब उन्हें सौरभ से तलाक नहीं चाहिए था. वह मुकदमा खत्म कर अपनी शादीशुदा जिंदगी में वापस आना चाहती थी लेकिन इस राह में मुकदमा आड़े आ रहा था.

इस बीच पिता अस्पताल से घर आए. इसके अगले ही दिन कोर्ट में सुनवाई थी. दोनों कोर्ट पहुंचे. वकील बहस कर रहे थे. तभी जज साहब ने सौरभ से पूछा कि तलाक देना चाहते हो? सौरभ ने कुछ बोलने से पहले शिखा की ओर देखा. बस उसी पल शिखा ने तलाक के कागज फाड़ दिए और दौड़ती हुई सौरभ के पास आ गई. इसके बाद शिखा अपने पति के साथ कुछ इस तरह लिपटकर रोने लगी कि अदालत में एकदम सन्नाटा छा गया. 

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