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19 को बातचीत से पहले कृषि मंत्री बोले-कानून रद्द नहीं होगा, टिकैत ने दिया जवाब

19 जनवरी को फिर बैठेंगे सरकार और किसान प्रतिनिधि.

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कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर चाहते हैं कि किसान 19 जनवरी को कानून पर क्लॉज-दर-क्लॉज चर्चा करें. लेकिन राकेश टिकैत ने साफ कह दिया है कि क्लॉज पर चर्चा वे करते हैं, जिन्हें संशोधन कराना हो. लेकिन किसानों की मांग तो कानून रद्द कराने की है. (फाइल फोटो- PTI)
किसान कानून पर सरकार और किसानों के बीच जारी गतिरोध अभी भी सुलझता नहीं दिख रहा है. 19 जनवरी को किसान प्रतिनिधि और सरकार के बीच एक बार फिर बात होनी है. लेकिन सरकार अभी भी हर विकल्प पर बात करने को तैयार है, सिवाय कानून रद्द करने के. 17 जनवरी को केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा –
“हमने किसान यूनियंस को एक प्रस्ताव भेजा है. हम उनसे मंडी, ट्रेडर रजिस्ट्रेशन जैसे मुद्दों पर बात करने के लिए तैयार हैं. सरकार तो इलेक्ट्रिसिटी बिल और पराली जलाने के मुद्दे पर भी बात के लिए तैयार है, लेकिन किसान संगठन तो सिर्फ कानून रद्द कराना ही चाहते हैं. अधिकतर किसान और विशेषज्ञ किसान कानूनों के पक्ष में हैं. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कानून तो फिलहाल लागू भी नहीं है. ऐसे में हम उम्मीद करते हैं कि 19 तारीख़ को किसान कानून पर क्लॉज-दर-क्लॉज चर्चा करेंगे और सरकार को बताएंगे कि वो क्या चाहते हैं, सिवाय कानून रद्द करने के.”
यानी तोमर ने साफ कर दिया कि सरकार कानून रद्द करने के बारे में बिल्कुल भी नहीं सोच रही. हालांकि संशोधन के लिए तैयार है. कृषि मंत्री के इस बयान पर किसान नेता और भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत का जवाब आया. कहा कि क्लॉज पर चर्चा तब की जाती, अगर हमें कानून में संशोधन कराना होता. टिकैत बोले –
“हमारी मांग अभी भी यही है कि कानून वापस लिया जाए. लाखों किसान दिल्ली की सीमा पर डटे हैं. फिर भी सरकार कानून वापस लेने को तैयार नहीं है. कानून रद्द होने तक आंदोलन जारी रहेगा.”
किसानों ने 26 जनवरी को दिल्ली में ट्रैक्टर परेड की तैयारियां भी जारी रख रखी हैं. किसानों का कहना है कि दिल्ली के आउटर रिंग रोड पर परेड की जाएगी. किसान शांतिपूर्ण ढंग से परेड करेंगे, उम्मीद है कि दिल्ली, हरिणाया, रोक नहीं लगाएगी. किसान संगठनों ने NIA के समन भेजे जाने की निंदा भी की है. कहा है कि केंद्र सरकार अत्याचार कर रही है. उसने किसानों का दमन शुरू कर दिया है. वहीं किसान नेता बलदेव सिंह सिरसा ने निजी कारणों और स्वास्थ्य का हवाला देकर NIA के सामने पेश होने से इनकार कर दिया है. वहीं दूसरी तरफ देश के गृह मंत्री अमित शाह भी 17 जनवरी को कर्नाटक के बगलकोट में जनसभा को संबोधित कर रहे थे. यहां उन्होंने कहा कि मोदी सरकार किसानों के भले के लिए प्रतिबद्ध है. शाह ने दावा किया कि नए कानून लागू होने से किसानों की आय कई गुना बढ़ जाएगी.

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