हिंडनबर्ग रिपोर्ट (Hindenburg Report) में अडानी समूह (Adani Group) पर लगे आरोपों के संबंध में केंद्र सरकार मार्केट रेगुलेटर SEBI से संपर्क बनाए हुए है. अंतरराष्ट्रीय न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से ये जानकारी दी है. इस बीच अडानी समूह ने अपने फ्लैगशिप 20 हजार करोड़ रुपये के FPO को वापस लेने का ऐलान किया है. इससे पहले खबर आई थी कि स्विट्जरलैंड की इनवेस्टमेंट फर्म और बैंकिंग कंपनी क्रेडिट सुइस ने अडानी समूह के बॉन्ड्स की वैल्यू जीरो कर दी. वहीं, एक फरवरी के दिन अडानी समूह के शेयर 28 फीसदी तक गिर गए.
अडानी से जुड़ी ये खबर तो FPO वापसी के बाद मूड ही बिगाड़ देगी!
अब होगी जांच!
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रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत सरकार के एक सूत्र ने बताया कि इस मामले में सेबी की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है. ये भी बताया गया कि सेबी इस वक्त अडानी समूह के शेयरों में आई गिरावट की जांच कर रही है. साथ ही सेबी अडानी ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी द्वारा शेयरों को बेचने में किसी भी तरह की अनियमितता की जांच कर रही है. सेबी, अमेरिका के शॉर्ट सेलर कंपनी हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट में लगाए गए दूसरे आरोपों की भी जांच कर रही है.
आरोप हैं कि अडानी समूह की कंपनियों ने खुद के समूह से ही संबंधित किसी पार्टी के साथ लेन देन की कोई बात छिपाई है. सूत्र ने इस बात की जानकारी अपना नाम न छीपने की शर्त पर बताई. इधर, अडानी समूह ने हिंडनबर्ग द्वारा लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है.
इधर अडानी समूह के शेयर एक फरवरी के दिन 28 फीसदी तक गिर गए. हिंडनबर्ग रिपोर्ट के आने के बाद अडानी समूह को लगातार नुकसान हो रहा है. वहीं गौतम अडानी की व्यक्तिगत संपत्ति में भी कमी आ रही है. फोर्ब्स की शीर्ष अरबपतियों की लिस्ट में वो अब 15वें स्थान पर आ गए हैं.
वीडियो: अडानी के तीन दिन में 3 लाख करोड़ कैसे घटे? अमीरों की लिस्ट में 3 से 11 पर एक दिन में कैसे खिसके?





















