अडानी ग्रुप (Adani Group) के नाम पर एक प्रेस रिलीज सर्कुलेट हो रहा है. जिसमें दावा किया जा रहा है कि केन्या में विरोध प्रदर्शन करने वाले लोगों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा. इस प्रेस रिलीज में धमकी दी गई है कि केन्या (Kenya) में प्रोजेक्ट के लिए अडानी ग्रुप (Adani Group) से रिश्वत लेने वाले सरकारी और व्यक्तिगत शेयरहोल्डर्स के नाम जारी कर दिए जाएंगे. हालांकि अडानी ग्रुप ने एक बयान जारी कर इस प्रेस रिलीज को 'फेक' बताया है.
अडानी के नाम पर 'फेक प्रेस रिलीज', केन्या में प्रदर्शनकारियों को धमकाने की बात कही गई
Adani Group के नाम पर एक 'फेक' प्रेस रिलीज सर्कुलेट हो रहा है. जिसमें दावा किया जा रहा है कि Kenya में विरोध प्रदर्शन करने वाले लोगों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा.
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दरअसल, केन्या सरकार की तरफ से देश के सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे जोमो केन्याटा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (JKIA) को अडानी ग्रुप को लीज पर सौंप दिया था. रिपोर्ट के मुताबिक ये लीज 30 साल के लिए है. इसके बाद केन्या में बवाल मचा था.केन्या एविएशन वर्कर्स यूनियन और लोगों ने सरकार के इस फैसले का जमकर विरोध किया था. इसके बाद अडानी के नाम पर एक 'फेक' प्रेस रिलीज सोशल मीडिया पर सर्कुलेट होने लगा. जिसमें लिखा गया,
“अडानी ग्रुप केन्या के डेवलपमेंट और ग्रोथ के लिए पूरी तरीके से तत्पर हैं. कंपनी को सारे ठेके काफी ट्रांसपेरेंट नीलामी के बाद मिले हैं. लेकिन हमारे प्रोजेक्ट को लेकर धमकियां मिल रही है. ये बात काफी परेशान करने वाली है. जो भी ऐसा कर रहे हैं उनको इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा. अगर आगे भी ऐसा धमकियां मिलती रही तो हमारे पास केन्या में प्रोजेक्ट के लिए अडानी ग्रुप से रिश्वत लेने वाले सरकारी और व्यक्तिगत शेयरहोल्डर्स के नाम जारी करने के अलावा कोई और ऑप्शन नहीं बचेगा.”
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अडानी ग्रुप ने कथित दावों का खंडन किया है. कंपनी की तरफ से जारी बयान में बताया गया,
“जब तक हम एक विस्तृत बयान तैयार कर रहे हैं, तब तक हम आपसे अनुरोध करते हैं कि इस प्रेस रिलीज या सोशल मीडिया पोस्ट को अनदेखा करें. इस बात का ध्यान रखें कि अडानी समूह सभी प्रेस रिलीज अपनी वेबसाइटों पर ही पोस्ट करती है.”
इस बीच केन्या सरकार ने अडानी समूह को एक और बड़ा ठेका दिया है. ये ठेका पावर ट्रांसमिशन लाइन बिछाने का है. cnbcafrica की रिपोर्ट के मुताबिक ये जानकारी केन्या के राष्ट्रपति के एक आर्थिक सलाहकार डेविड नडी के हवाले से दी गई है. पावर ट्रांसमिशन लाइन बिछाने का पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप कंसेशन 1.3 बिलियन डॉलर का है
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