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इंडिया से लौटते ही फवाद खान को मिली सबसे बड़ी खुशी

नवरात्रों में इससे बड़ी खुशी नहीं हो सकती!

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फोटो - thelallantop
लीजिए. नई वाली खूबसूरत फिल्म के एक्टर फवाद खान के घर खूबसूरत सी खुशखबरी आई है. ये खुशखबरी उन लोगों को जरूर जान लेनी चाहिए, जो ये कह रहे थे कि फवाद खान इंडिया से डरकर पाकिस्तान भागे हैं. आस्तिकों के लिए नवरात्रों में इससे बड़ी खुशखबरी हो ही नहीं सकती. अब स्टोरी का इंट्रो खत्म करते हैं. हेडिंग के उस कंटेंट की तरफ आते हैं, जिसे देखकर आप हमारे दर पर पधारे हैं. फवाद खान बाप बन गए हैं. दूजी बार. मंगलवार रात फवाद खान की वाइफ सदफ ने एक प्यारी सी बिटिया को जन्म दिया है. फवाद खान और सदफ के इससे पहले अयान नाम का प्यारा सा बेटा है ही. यानी वो खबर पक्की, जिसमें हमने भी कहा था कि फवाद खान अपनी प्रेगनेंट वाइफ की वजह से पाकिस्तान लौटे हैं. तब कमेंट्स में कुछ लोगों ने न जाने क्या-क्या बोला था. अब वो कान और आंख खोलकर सुन देख लें. fawad khan-2 हालांकि फवाद खान ने स्टोरी लिखे जाने तक सोशल मीडिया पर अपनी बिटिया की तस्वीर या इंफॉर्मेशन नहीं पोस्ट की है. पर खबर एकदम पक्की. फवाद खान के मैनेजर हसन खालिद ने भी पाकिस्तानी मीडिया को कंफर्म कर दिया है.  वैसे फवाद खान पाकिस्तान लौटने के बाद से मीडिया और सोशल मीडिया से दूरी बनाए ही हुए हैं. फवाद खान के एंटी इंडिया कमेंट्स को लेकर जो अफवाह फैली थी, उस अफवाह का पोस्टमॉर्टम हमने कर ही दिया था. नीचे लिंक चिपका रहे हैं, पढ़ना हो तो चटका लगाइए.

क्या फवाद खान ने सच में कहा, इंडियंस का दिल छोटा होता है?

फवाद खान की फैमिली के बारे में और जानना है? 1. फवाद खान कराची में पैदा हुए, लेकिन ओरिजनली थे लाहौर से. शुरुआती दिनों में ही कराची छोड़ फवाद लाहौर पहुंच लिए. वहीं लिया प्राथमिक विद्यालय में एडमिशन. विद्यालय का नाम था लाहौर ग्रामर स्कूल. इसी स्कूल की गर्ल्स ब्रान्च में थीं सदफ. 2. फवाद थोड़े शर्मीले थे. घर से ज्यादा बाहर निकलने की परमिशन नहीं थी, पर सदफ से नजर मिल चुकी थी. शर्मीले फवाद ने सदफ से मुहब्बत का खाका दुरुस्त करने के वास्ते ऑनलाइन रास्ता लपका. 3. इंटरनेट पर MIRC नाम की चीज होती है. इसपे जाइए, खुल्लम-खुल्ला चैट कीजिए. यानी पुराने जमाने का व्हॉट्सऐप समझ लीजिए इसे. फवाद ने सदफ से इसी के जरिए दोस्ती बढ़ाई, बात शुरू की. 4. ऑनलाइन का रास्ता तनिक मुश्किल होता है, लेकिन सफलता के पूरे चांसेस रहते हैं. फवाद सदफ के साथ भी यही हुआ. दोनों एक-दूजे के करीब आने लगे. 5. अब फिल्मी सीन की एंट्री करवाते हैं. दरअसल फवाद खान की तबीयत खराब हो जाती है. वो अस्पताल में भर्ती होते हैं, अब तक दोनों सिर्फ ऑनलाइन ही बतियाते थे. बीमार पड़े फवाद को ग्लूकोज के अलावा ताकत देने का काम किया, उसका क्रेडिट वाया फवाद के दोस्तों, सदफ को जाता है. ‘सदफ तेरे बारे में पूछ रही थी फवाद.’ लाइन काम कर गई. फवाद को लगा ऑनलाइन की बत्ती जलाए रखने से काम हो जाएगा गुरू. 6. गाड़ी आगे बढ़ी. दोनों पहली बार एक-दूजे से मिलने लगे. फवाद सदफ के कॉलेज इतना जाने लगे कि वहां के चौकीदार को लगा ये लड़का कोई स्कूल का एलुमनाई है. फवाद की अपने स्कूल कॉलेज में अटेंडेंस घटने लगी. स्कूल की हाजिरी की फिक्र कोई भला क्यों ही करे, दिल की हाजिरी जहां लगनी चाहिए थी, वहां लगे जा रही थी. 7. अरे हां, अब वो उम्र तो जान लो. जब दोनों का प्यार इश्क के मुकामों को पूरा कर रहा था. फवाद 17 के और सदफ 16 बरस की. ‘मैं सोला बरस की, तू सतरा बरस का’ गाना जैसे इन्हीं के लिए लिखा गया था. दोनों की रिलेशनशिप शुरू हुए 10 दिन ही हुए थे कि फवाद एक रोज सदफ को फोन करते हैं: फवाद: मैंने फैसला कर लिया है कि मैं अपनी बची हुई पूरी जिंदगी तुम्हारे साथ गुजारना चाहता हूं. क्योंकि मैं बहुत पुराने फैशन का हूं. मैं हैंकी-पैंकी जैसा नहीं हूं. (रिलेशन के 10 दिन. उम्र 16. आपका बॉयफ्रेंड आपसे ये कह दे तो चाहे जितना 16 बरस की बाली उम्र को सलाम गा लीजिए. बड़े-बड़ों की हिम्मत बोल जाती है. सदफ भी इनसे अलग नहीं थीं.) सदफ: तुम पागल हो क्या फवाद? मैं बस 16 साल की हूं. तुम अभी क्या सोच रहे हो, इसे छोड़ दो. कुछ वक्त बस जिंदगी जी लो. 8. वक्त बीता. दोनों ने एक दूजे को जाना. सीप के भीतर दिल पहुंच चुका था. लेकिन फैमिली वाला ट्विस्ट आना बाकी था. सदफ की फैमिली थोड़ा परंपरावादी थी. दामाद की ख्वाहिश तो थी, लेकिन लड़का नौकरी करे 9 से 5. शाम को घर आए. 9. और फवाद ठहरे रॉकस्टार गुणों से संपन्न चिरंजीवी वर. एक बैंड में सिंगर बनकर करियर शुरू किया. बनना था टीवी एक्टर और सिंगर. लेकिन सदफ की फैमिली ये बात क्यों माने. फवाद ये बात समझते थे. बताते हैं कि कुछ वक्त फवाद ने 9 से 5 की नौकरी की, ताकि घरवालों को इम्प्रेस किया जा सके. दिस प्रोफेशनल पद्धति वर्क्स. फैमिली तैयार हो गई.   10. दोनों की पढ़ाई जैसे ही पूरी हो गई. दोनों के परिवारों ने तारों की छांव में वाला दिन मुकर्रर कर लिया. 12 नवंबर को पढ़ाई पूरे होते ही दोनों ने 12 नवंबर 2005 को कराची में ब्याह कर लिया. एक वो दिन है और एक आज का दिन है. फवाद और सदफ दोनों एक दूजे के लिए एक जैसा दिन बना हुआ है. अब दोनों के एक प्यारा सा बेटा और एक प्यारी सी बेटी है. सदफ अब क्या कर रही हैं? डिजाइनर बन गई हैं. कई जगह हाईफाई ठीहों पर ‘सिल्क बाय फवाद खान’ नाम का ब्रैंड चला रही हैं. उधर खूब बिकता है ये ब्रैंड. मंगलवार रात दो बच्चों की मां भी हैं.
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