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NCERT की किताबों में अब राजनीतिक दलों को लेकर बदला सिलैबस, क्या जोड़ा-घटाया गया?

AAP के बारे में क्या लिखा है? CPI, TMC और NCP को लेकर क्या लिखा गया है?

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AAP सुप्रीमो और दिल्ली के मुख्यमंत्री हिरासत में है. (फ़ोटो - PTI)

हाल के दिनों-सालों में राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) की किताबों में कई संशोधन हुए. फिर एक संशोधन की ख़बर आई है. इस बार कुछ हटाया नहीं है, बल्कि जोड़ा है. दसवीं क्लास की सामाजिक विज्ञान की किताब में भारत के राष्ट्रीय दलों (नेशनल पार्टी) की सूची दी गई है. इस सूची में आम आदमी पार्टी (AAP) को शामिल किया जा रहा है. जहां AAP को नेशनल पार्टी की लिस्ट में जोड़ा जा रहा है, वहीं अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (TMC), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) को लिस्ट से हटाया जा रहा है.

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NCERT के मुताबिक़, सामाजिक विज्ञान की पाठ्यपुस्तक ‘डेमोक्रैटिक पॉलिटिक्स II’ के चौथे चैप्टर में ये संशोधन किए जाएंगे.

क्या जोड़ा जाएगा?

आम आदमी पार्टी (आप) - 2011 के भ्रष्टाचार-विरोधी आंदोलन के बाद 26 नवंबर, 2012 को गठित हुई. पार्टी की नींव जवाबदेही, पारदर्शिता और सुशासन के विचार पर की गई थी. इसके गठन के बाद  के सालों में AAP दिल्ली विधानसभा चुनाव में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बन गई. इसने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के समर्थन से सरकार बनाई. साल 2022 के गुजरात विधानसभा चुनाव में प्रदेश में तीसरे मोर्चे के रूप में उभरी. अभी पंजाब और दिल्ली में इनकी सरकार है. 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में उन्हें एक लोकसभा सीट भी मिली है.

ऊपर जो लिखा है, यही जोड़ा जाएगा.  साथ ही पूर्वोत्तर की एक पार्टी नेशनल पीपल्स पार्टी (NPP) को भी लिस्ट में जगह मिलेगी.

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CPI, NCP और TMC को सूची से क्यों हटाया जा रहा है? NCERT ने तर्क दिया है कि ये पार्टियां अब राष्ट्रीय पार्टियां नहीं हैं. इसीलिए हटाई जा रही हैं. आम आदमी पार्टी और नेशनल पीपल्स पार्टी को 2023 में भारत के चुनाव आयोग ने राष्ट्रीय दल घोषित कर दिया था. इसीलिए उन्हें जोड़ा जा रहा है.

कोई पार्टी नेशनल पार्टी कब कहलाती है? किसी भी पार्टी को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा हासिल करने के लिए कुछ शर्तों को पूरा करना होता है:

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  • अगर किसी दल को 4 राज्यों में क्षेत्रीय दल का दर्जा प्राप्त है, तो उसे राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा मिल जाता है.
  • अगर कोई दल 3 राज्यों में लोकसभा की 2 फीसदी सीटें जीतता है, तो उसे राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा मिल जाता है.
  • अगर कोई पार्टी 4 लोकसभा सीटों के अलावा लोकसभा चुनाव या विधानसभा चुनाव में 4 राज्यों में 6 फीसदी वोट हासिल करती है, तो उसे राष्ट्रीय पार्टी माना जाता है.

अगर कोई भी पार्टी इन तीनों शर्तों में से किसी एक शर्त को पूरा करती है, तो उसे राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा मिल जाता है.

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शिक्षा मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि शैक्षणिक वर्ष 2024-25 के लिए नई पाठ्यपुस्तकें इस साल अप्रैल के अंत तक या मई तक तैयार हो जाएंगी.

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