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राष्ट्रीय पार्टी बनी AAP को अब इतने सारे फायदे होंगे, पूर्व चुनाव आयुक्त ने बता दिया

एक फायदा तो बड़े काम का है.

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Former Chief Election Commissioner of India SY Quraishi on AAP National Party status
AAP को मिला राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा (अरविंद केजरीवाल और एस.वाई कुरैशी की फाइल फोटो: आजतक)
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सुरभि गुप्ता
11 अप्रैल 2023 (अपडेटेड: 11 अप्रैल 2023, 08:37 AM IST)
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चुनाव आयोग ने आम आदमी पार्टी (AAP) को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा दे दिया है. वहीं तीन राजनीतिक दलों से राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा छिन गया है. ये दल हैं- राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP), कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (CPI) और तृणमूल कांग्रेस (TMC). इसके अलावा दो राजनीतिक पार्टियों से उनका क्षेत्रीय पार्टी का दर्जा वापस लिया गया है. आंध्र प्रदेश में भारत राष्ट्र समिति (BRS) और यूपी में राष्ट्रीय लोक दल (RLD) से क्षेत्रीय दल का दर्जा छिन गया है.

चुनाव आयोग के आदेश के बाद देश में राष्ट्रीय राजनीतिक दलों की संख्या अब 6 हो गई है. AAP, बहुजन समाज पार्टी (BSP), भारतीय जनता पार्टी (BJP), कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी), भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) और नेशनल पीपल्स पार्टी (NPP).

कैसे मिलता है राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा?

किसी भी पार्टी को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा हासिल करने के लिए कुछ शर्तों को पूरा करना होता है. अगर कोई भी पार्टी उन शर्तों को पूरा करती है, तो इलेक्शन कमीशन (EC) उसे राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा देता है.  

1. अगर किसी दल को 4 राज्यों में क्षेत्रीय दल का दर्जा प्राप्त है, तो उसे राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा मिल जाता है.

2. अगर कोई दल 3 राज्यों में लोकसभा की 2 फीसदी सीटें जीतता है, तो उसे राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा मिल जाता है.

3. अगर कोई पार्टी 4 लोकसभा सीटों के अलावा लोकसभा चुनाव या विधानसभा चुनाव में 4 राज्यों में 6 फीसदी वोट हासिल करती है, तो उसे राष्ट्रीय पार्टी माना जाता है.

अगर कोई भी पार्टी इन तीनों शर्तों में से किसी एक शर्त को पूरा करती है, तो उसे राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा मिल जाता है.

राष्ट्रीय पार्टी होने के फायदे

किसी भी राजनीतिक दल को राष्ट्रीय पार्टी बनने पर कई फायदे होते हैं. इंडिया टुडे/आजतक से बातचीत में पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एस.वाई कुरैशी ने कहा कि करीब हर क्षेत्रीय पार्टी राज्य से निकलकर अपना विस्तार चाहती है. कुरैशी ने बताया कि राष्ट्रीय पार्टी होने पर सबसे बड़ा फायदा ये होता है कि स्टार कैंपेनर की संख्या बढ़ जाने पर खर्चा इंडिविजुअल नहीं रहता बल्कि वो पार्टी फंड में जुड़ जाता है. ऐसे में ज्यादा खर्चा होने पर किसी इंडिविजुअल के डिसक्वालिफाई होने का खतरा नहीं रहता है.

राष्ट्रीय राजनीतिक दलों को निर्वाचन आयोग से कई विशेष अधिकार और सुविधाएं मिलती हैं. जैसे,

1. राष्ट्रीय पार्टी को विशिष्ट चुनाव चिह्न का आवंटन किया जाता है. राष्ट्रीय पार्टी के चुनाव चिह्न को पूरे देश में किसी दूसरी पार्टी के द्वारा इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है.

2.  मान्यता प्राप्त 'राज्य और राष्ट्रीय' दलों को नामांकन दाखिल करने के लिए केवल एक प्रस्तावक (Proposer) की जरूरत होती है.

3. मान्यता प्राप्त 'राज्य और राष्ट्रीय' दलों को चुनाव आयोग की तरफ से (मतदाता सूची के संशोधन की दशा में) मतदाता सूची के दो सेट मुफ्त में दिए जाते हैं. साथ ही इन पार्टियों से चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को आम चुनावों के दौरान मतदाता सूची की एक प्रति मुफ्त मिलती है.

4. इन दलों को अपने पार्टी ऑफिस स्थापित करने के लिए सरकार से भूमि या भवन मिलता है.

5. राज्य और राष्ट्रीय दल चुनाव प्रचार के दौरान 40 स्टार प्रचारक तक रख सकते हैं, जबकि अन्य पार्टियां 20 स्टार प्रचारकों को रख सकती हैं. स्टार प्रचारकों की यात्रा का खर्च उनकी पार्टी के उम्मीदवारों के चुनाव खर्च के हिसाब में नहीं जोड़ा जाता है.

6. चुनाव के कुछ समय पहले उन्हें राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर टेलीविजन और रेडियो प्रसारण करने की मंजूरी मिलती है. इसका फायदा वे अपनी बात को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने में कर सकते हैं.

वीडियो: BJP-कांग्रेस सबको लपेटा, चुनाव आयोग पर सुप्रीम ने क्या आदेश दिया?

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