गए वो दिन जब अरुणाचल चीन में कश्मीर पाकिस्तान में और बर्मा से लेकर अफगानिस्तान तक हिंदुस्तान में दिखा दिया जाते थे. एक नया विधेयक आ रहा है, जिसके बाद अगर आपने इंडिया का मैप गलत दिखाया, कोई छेड़छाड़ की तो 100 करोड़ का जुर्माना और सात साल की जेल होगी. द जियोस्पेशल इनफॉर्मेशन रेगुलेशन बिल 2016 के हिसाब से इंडिया में कहां पर क्या है, माने मैप में जो दिखता है, लैंडमार्क या जगहों से जुड़ी कोई जानकारी पाने, बताने, छापने या एडिट करने से पहले सरकारी अथॉरिटी से परमीशन लेना जरूरी होगा. आप कुछ गलत नहीं दिखा सकते अब. गलत दिखाएंगे तो एक करोड़ रुपये से लेकर 100 करोड़ रुपये तक का जुर्माना होगा, या फिर सात साल तक की जेल होगी, या फिर दोनों चीजें सजा और जुर्माना हो सकते हैं. धन भी जाएगा और सन भी.
अभी तक आपने सुना रहा होगा, गूगल ने अरुणाचल चीन में दिखा दिया, ट्विटर ने कश्मीर को पाकिस्तान या चीन में दिखा दिया, कहीं किसी मैप से बंगाल गायब हो गया. या फिर भारत के नक्शे में अफगानिस्तान दिख रहा है. अब ऐसा न होगा.
कुछ दिन पहले कर्नाटक सरकार का एक ऐड छपा था मलेशियन अखबार में, उसमें भारत से कश्मीर को गायब कर दिया था. कश्मीर की 'आजादी' मांगने के नाम पर होने वाली रैलियों में भी अक्सर ऐसे मैप नजर आते हैं, जिनसे कश्मीर गायब होता है.

जकरबर्ग ने भी एक ऐसी फोटो लगा दी थी जिसमें भारत से कश्मीर गायब था.

इसके अलावा आरएसएस वाले भी अक्सर अखंड भारत के नाम पर ऐसे मैप डालते रहते हैं, जिसका आज के भारत के भूगोल से कोई लेना-देना नहीं रहता.

गूगल भी कुछ साल पहले ऐसा कारनामा कर चुका है. जब उसने हमारे मैप से कश्मीर और अरुणाचल को खा लिया था.

तो होना ये है कि आपकी पॉलिटिक्स कुछ भी हो, 'आजादी' या 'अखंड भारत' , आप देश के नक़्शे से खिलवाड़ नहीं कर सकते. जो जैसा है, जितना है, उतना ही और वैसा ही दिखेगा.