लगभग 22 लाख करोड़ रुपए की करेंसी अभी सर्कुलेसन में है. जिसमें 14 लाख करोड़ रुपए के नोट ATM से लेन देन में आते हैं. पीएम ने रातोंरात फैसला किया कि पुराने नोट कूड़ा हो गए. तो सबसे पहला टास्क ये था कि पुराने 500 और हजार के नोट मशीनों से निकाले जाएं. खैर, राहत की बात ये है कि 90 परसेंट से ऊपर पुराने नोट निकाले जा चुके हैं. सनीचर की रात में लाइनों की वजह से इतनी लड़ाइयां हुईं कि करीब साढ़े चार हजार फोन पुलिस के पास आए. मार पीट मची ही पड़ी है. तमाम जगह तो ATM मशीने ही तोड़ दी उजड्डियों ने. खैर, चैलेंज अब मशीनों को भरने का है. अब तक रहे नोटों के हिसाब से एक मशीन में 40 लाख रुपए आते थे. अब उसमें सिर्फ 100 के नोट भरे जा रहे हैं. तो ये लिमिट 10 लाख से भी कम हो गई है. 8800 गाड़ियां कैश लादकर 25 हजार मशीनें रोज भरती हैं. एक मशीन भरने में 20 मिनट लगते हैं. मशीन 3 घंटे में खाली हो जाती है. क्योंकि एक मशीन के सामने तीन हजार तक का क्राउड आता है. तो इतनी ही गाड़ियां इस वक्त 72 हजार ATM मशीनें रोज भर रही हैं.तो मुसीबत सबकी है. किसी की कम किसी की ज्यादा. सबकी मुसीबत समझो. मेल जोल से हालात से निपटने की कोशिश करो. हालांकि गुस्साई है पब्लिक. लेकिन गुस्से में कोई अपना घर तो जला नहीं देता. इसलिए थोड़ा सब्र रखो. उम्मीद है सब ठीक होगा.
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