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ममता सरकार के खिलाफ बोलना इस लड़की की सबसे बड़ी गलती थी!

क्या यही पश्चिम बंगाल का लोकतंत्र है?

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फोटो - thelallantop
2012 में एक वाकया हुआ था. शायद आपको याद भी हो. कि जादवपुर यूनिवर्सिटी के एक स्टूडेंट ने ममता बनर्जी का कार्टून फेसबुक पर लगा दिया था. जिसके लिए उसे अरेस्ट कर लिया गया था. अब एक बार फिर वैसा ही माहौल बन गया है. और इस बार TMC (तृणमूल कांग्रेस) के एंथू सिम्पैथाइज़र्स का शिकार हुई है 21 साल की एक लड़की. हुआ ये कि कोलकाता में दुर्गा विसर्जन की बड़ी भारी रैली निकली. इस बार पूरे बंगाल में जितने भी पूजा पंडाल लगे, उनमें से 39 पूजाएं जीतीं. इन सेलेक्ट हुई पूजाओं की दुर्गा विसर्जन के पहले जोरदार झांकी निकाली गई.
21 साल की राजश्री चट्टोपाध्याय को ये ठीक नहीं लगा कि इतना सारा पैसा रैली में बर्बाद किया जाए, खासकर तब, जब बंगाल में इतनी गरीबी है. उसने फेसबुक पर लिखा 'विसर्जन का कल्याण हो. आप भाड़ में जाएं, मैडम.'
2 दिन बाद TMC से सिम्पथी रखने वाले कुछ लोग राजश्री के घर पहुंच गए और उससे माफ़ी मांगने के लिए कहा. राजश्री ने मना कर दिया. राजश्री को अंदाजा नहीं था कि अगली बार घर के बाहर कदम रखेगी तो अपने ही घर के आगे उसे अपने फेसबुक अपडेट की होर्डिंग लगी दिखेगी. जिसके ऊपर बड़े अक्षरों में लिखा होगा 'शर्मनाक'.
राजश्री ने इंडियन एक्सप्रेस अखबार को बताया: 'मुझे बस ये बात खराब लगी कि जब इतने सारे स्टेट कर्मचारियों को उनके काम के पैसे नहीं मिल पाते, तो इतनी भव्य झांकी निकालकर पैसे क्यों बर्बाद करने.'
वहीं एक पड़ोसी ने NDTV को बताया, 'एक 21 साल की लड़की ऐसा कैसे कर सकती है. खासकर तब, जब हमारी मुख्यमंत्री हमारे लिए इतना कुछ कर रही हों. ये हमारे पैसे हैं. और मुझे पूरा हक है देश के किसी भी नागरिक से असहमति जताने का.' राजश्री दुखी है. कि जिन लोगों ने उसे बचपन से बड़े होते देखा है, उन्होंने ही उसके साथ शर्मनाक बर्ताव किया. राजश्री के लिए ये दिल तोड़ने वाली बात है. यही वजह है कि राजश्री उन लोगों के खिलाफ शिकायत भी नहीं कर पा रही है. राजश्री पूछती है, 'क्या यही पश्चिम बंगाल का लोकतंत्र है'?

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