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रांची: नूपुर के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में दो की मौत, पुलिस ने लोगों से घर में रहने को कहा

रांची जिला प्रशासन ने बताया है कि हालात को देखते हुए रांची में कल यानी 12 जून तक इंटरनेट बंद कर दिया गया है. इसके अलावा 12 पुलिस स्टेशन के इलाकों में धारा 144 लागू है.

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रांची में हिंसा के दौरान की पुरानी तस्वीर. (आजतक)

झारखंड की राजधानी रांची में कल, 10 जून को हिंसा के बाद दो लोगों की मौत की खबर सामने आई है. उपद्रव के दौरान दोनों को गोली लगी थी. रांची के रिम्स अस्पताल में इलाज के दौरान दोनों की मौत हो गई. इसके अलावा 8 और घायलों का इलाज चल रहा है. कल के हालात को देखते हुए आज रांची के सभी मोहल्लों में पब्लिक एड्रेस सिस्टम के जरिए अनाउंसमेंट किया जा रहा है. लोगों से अपील की जा रही है कि बाहर न निकलें नहीं तो उन्हें हिरासत में ले लिया जाएगा.

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रांची में इंटरनेट बंद

दरअसल, पैगंबर मोहम्मद पर विवादित टिप्पणी करने वालीं पूर्व बीजेपी प्रवक्ता नूपुर शर्मा के खिलाफ रांची में 10 जून की शाम शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, विरोध प्रदर्शन के दौरान रांची में बेकाबू हुई भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने जब लाठीचार्ज किया, तो भीड़ की ओर से पत्थर चलाए गए. पत्थरबाजी में पुलिस के कई जवानों को चोट लगी. उसके बाद भीड़ को हटाने के लिए पुलिस को हवाई फायरिंग करनी पड़ी. प्रशासन ने हिंसा प्रभावित इलाकों में कर्फ्यू भी लगा दिया था.

ताजा जानकारी के मुताबिक रांची जिला प्रशासन ने बताया है कि हालात को देखते हुए शहर में कल यानी 12 जून तक इंटरनेट बंद कर दिया है. इसके अलावा 12 पुलिस स्टेशन के इलाकों में धारा 144 लागू है.

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जिला प्रशासन का कहना है कि हिंसा के बाद तनाव है, लेकिन फिलहाल हालात काबू में हैं. अधिक फोर्सेज़ की तैनाती की गई है. पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी और वीडियोज़ की मदद से हिंसा में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है.

बता दें कि नूपुर शर्मा के बयान पर कल देश के कई हिस्सों में प्रदर्शन हिंसक हो गए. यूपी के कई इलाकों से हिंसा की खबरें आई. पश्चिम बंगाल में भी प्रदर्शन उग्र हो गया. हावड़ा में तो हालात इतने बेकाबू हो गए कि बीजेपी का ऑफिस फूंक दिया गया. पार्टी ने राज्यपाल से राज्य में सेना को तैनात करने की मांग की. इधर दिल्ली में जुमे की नमाज़ के बाद जामा मस्जिद के बाहर भी नारेबाजी की गई. जामा मस्जिद के शाही इमाम ने कहा कि मस्जिद की तरफ से किसी भी तरह के विरोध प्रदर्शन की कॉल नहीं दी गई थी.

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