Indian Premier League यानी IPL दुनिया का सबसे बड़ा क्रिकेट लीग है. साल 2008 में इसकी शुरुआत Lalit Modi ने की थी. वो इस लीग के पहले चेयरमैन भी थे. तब कई अन्य बिजनेस ग्रुप्स के अलावा Shah Rukh Khan ने भी इसमें एक टीम खरीदी थी. टीम का नाम- Kolkata Knight Riders (KKR). लेकिन ललित बताते हैं कि शाहरुख शुरुआत में ऐसा करने में काफी झिझक रहे थे. उन्हें इस बात का डर था कि कहीं टीम खरीदने के चक्कर में उनकी सेविंग्स न चली जाए.
शाहरुख IPL टीम खरीदने से डर रहे थे, मगर किस तरकीब से उन्हें KKR फ्री में मिल गई?
शाहरुख को 20 करोड़ का डाउन पेमेंट करना था. उन्हें लगा कि उनकी सारी सेविंग्स बर्बाद हो जाएगी.


ललित ने पिछले दिनों ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे को एक इंटरव्यू दिया था. इस दौरान उन्होंने बताया कि उन्होंने शाहरुख को IPL टीम खरीदने के लिए कैसे मनाया था. उन्हें ये ख्याल तब आया, जब उन्होंने जयपुर में हुए एक इंटरनेशनल मैच के दौरान शाहरुख का क्रेज़ देखा था. दोनों 2007 के आसपास वहां एक मैच देखने गए थे. ललित बताते हैं कि जैसे ही शाहरुख ग्राउंड में पहुंचे, जनता मदहोश हो गई. ये देखकर ललित को पहली बार ये आइडिया आया कि यदि शाहरुख भी एक टीम खरीद लें, तो IPL ज़बरदस्त पॉपुलर हो जाएगा.

ललित बताते हैं कि उन्होंने शाहरुख से इस बारे में बात भी की थी. मगर वो टीम खरीदने में हिचक रहे थे. ऐसा इसलिए क्योंकि उन्हें क्रिकेट कुछ खास पसंद नहीं था. ललित कहते हैं,
"IPL टीम का मालिक बनने के लिए शाहरुख से बेहतर और कौन हो सकता था? मज़ेदार बात ये थी कि उन्हें क्रिकेट न तो खास पसंद था और न ही उन्हें इसकी ज्यादा समझ थी. वो तो फुटबॉल फैन हैं. जब मैंने उनसे कहा कि उन्हें एक टीम खरीदनी चाहिए, तो वो थोड़े हिचकिचाए. उन्होंने बताया कि उन्हें क्रिकेट की समझ नहीं है. तब मैंने उनसे कहा कि इसकी चिंता वो मुझ पर छोड़ दें. मैं उनके लिए सही टीम और सिस्टम तैयार कर दूंगा."
लेकिन शाहरुख की दिक्कत केवल इतनी भर नहीं थी. वो पैसों को लेकर भी थोड़े परेशान थे. ललित बताते हैं,
"शाहरुख ने मुझसे पूछा कि यदि मैं किसी टीम की बिडिंग जीत जाऊं, तो कितना खर्च आएगा? मैंने बताया कि उसका डाउन पेमेंट 20 करोड़ रुपये होगा. इस पर उन्होंने कहा-'मगर ये तो मेरे सेविंग्स अकाउंट का बड़ा हिस्सा है'."
ललित बताते हैं कि जब IPL शुरू हो रहा था, तब उनके सामने सबसे बड़ा सवाल ये था कि टीम ओनर्स अपना पैसा कैसे वसूलेंगे. साथ ही लीग में स्पॉन्सर्स और ब्रॉडकास्टर्स को लाना भी एक बड़ा चैलेंज था. इसी दौरान उन्हें एक ऐसा तरीका सूझा, जिससे शाहरुख और मोबाइल बनाने वाली नोकिया कंपनी, दोनों को फायदा हो सकता था. ललित ने बताया कि नोकिया उन दिनों शाहरुख को अपना ब्रांड अंबेस्डर बनाना चाहती थी. लेकिन वो इस डील में खास दिलचस्पी नहीं दिखा रहे थे. ऐसे में ललित ने नोकिया से पूछा कि अगर शाहरुख IPL की एक टीम खरीद लें, तो क्या वो उस टीम की जर्सी के टाइटल स्पॉन्सर बनेंगे? बदले में उन्होंने नोकिया से 50 लाख डॉलर यानी आज के हिसाब से 47.63 करोड़ रुपये मांगे. कहने की जरूरत नहीं कि कंपनी इसके लिए तुरंत तैयार हो गई.
ललित का कहना है कि इस तरह की डील से दोनों पक्ष को फायदा हुआ. नोकिया को एक सुपरस्टार और IPL टीम के जरिए जबरदस्त ब्रांडिंग मिल गई. वहीं शाहरुख के हाथ एक बड़ा स्पॉन्सर मिल गया. ललित ने तो ये तक कहा कि इस स्पॉन्सरशिप की वजह से शाहरुख को KKR लगभग फ्री में मिल गई थी.
ललित के मुताबिक, ये पूरी डील काफी तेजी से हुई थी. दोपहर में शाहरुख ने टीम खरीदने के लिए एक चेक दिया. वहीं शाम में नोकिया ने KKR को स्पॉन्सर करने के लिए दूसरा चेक रिलीज़ कर दिया. इस तरह वो टीम के मालिक बन गए. बाद में शाहरुख, जूही चावला और जय मेहता की सह-मालिकाना वाली KKR, IPL की सबसे पॉपुलर टीम्स में से एक बन गई. इसने अब तक तीन IPL खिताब जीते हैं. शाहरुख कभी इस टीम पर 20 करोड़ रुपये लगाने में हिचक रहे थे. लेकिन साल 2026 में Hurun India ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि आज KKR की वैल्यूएशन 22,500 करोड़ रुपये के आसपास है.
वीडियो: ‘धुरंधर’ का हाइप देखकर बदली जा रही शाहरुख की ‘किंग’?


















