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देश में डेढ़ करोड़ से ज्यादा आवारा कुत्ते है, सबसे ज्यादा किस राज्य में?

ये गलियों के आवारा बेकार कुत्ते!

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कुत्तों की संख्या की जानकारी लोकसभा में सरकार ने दी है | प्रतीकात्मक फोटो : आजतक

पिछले कुछ सालों में देश में कुत्तों के काटे जाने के मामले तेजी से बढ़े हैं, लेकिन सरकारी आंकड़े के मुताबिक आवारा कुत्तों की संख्या घट गई है. भारत की सड़कों पर आवारा कुत्तों की आबादी 2019 में 1.53 करोड़ रह गई है, जबकि 2012 में ये 1.71 करोड़ थी. ये जानकारी मंगलवार, 2 अगस्त को लोकसभा में मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री पुरुषोत्तम रुपाला ने दी. केरल से कांग्रेस सांसद थॉमस चाजिकादानी के सवाल का जवाब देते हुए मंत्री रूपाला ने ये आंकड़े जारी किए. आंकड़े दो साल पहले हुई पशुधन गणना के हवाले से जारी किए गए हैं.

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उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा कुत्ते

17 राज्यों में आवारा कुत्तों की संख्या 1 लाख या फिर इससे अधिक है, उनमें से 8 में इनकी आबादी कम हुई है. साल 2012 से लेकर 2019 तक उत्तर प्रदेश में आवारा कुत्तों की संख्या में सबसे ज्यादा कमी आई है. यूपी में ये आंकड़ा 2012 में 41.79 लाख से कम होकर 2019 में 20.59 लाख तक हो गया. यानी सूबे में 21 लाख आवारा कुत्ते कम हुए हैं.

उत्तर प्रदेश के बाद जहां आवारा कुत्तों की आबादी सबसे कम हुई है, वह राज्य आंध्र प्रदेश (तेलंगाना को मिलाकर) है. यहां 2012 में 12.3 लाख आवारा कुत्ते थे, जो 2019 में कम होकर 8.6 लाख रह गए. यूपी और आंध्र प्रदेश के अलावा बिहार में आवारा कुत्तों की संख्या में 3.4 लाख, असम में 3 लाख, तमिलनाडु और मध्य प्रदेश में 2-2 लाख, झारखंड में 98 हजार और पश्चिम बंगाल में 17 हजार कुत्ते कम हुए हैं.

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इन राज्यों में बढ़ गए कुत्ते

वहीं जिन राज्यों में आवारा कुत्तों की संख्या में इजाफा हुआ है, उनमें कर्नाटक सबसे ऊपर है. कर्नाटक की गलियों में ऐसे कुत्तों की संख्या में 2.6 लाख की बढ़ोत्तरी हुई है. इसके अलावा राजस्थान में 1.25 लाख, ओडिशा में 87 हजार, गुजरात में 85 हजार, महाराष्ट्र में 60 हजार, छत्तीसगढ़ में 51 हजार, हरियाणा में 42 हजार, जम्मू और कश्मीर में 38 हजार और केरल में कुत्तों की संख्या में 21 हजार की बढ़ोत्तरी हुई है.

वे राज्य जहां की गलियों में कुत्ते ही नहीं

देश में कुछ राज्य ऐसे भी हैं, जहां आवारा कुत्ते ही नहीं हैं. 2012 और 2019 में हुई पशुधन गणनाओं में केंद्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप में कोई भी आवारा कुत्ता नहीं पाया गया. 2019 पशुधन गणना के मुताबिक दादरा और नगर हवेली और मणिपुर में भी कोई आवारा कुत्ता नहीं है. हालांकि, 2012 में की गई जनगणना में दादरा और नगर हवेली में आवारा कुत्तों की संख्या 2,173 और मणिपुर में 23 थी. वहीं, मिजोरम में 2012 में आवारा कुत्तों की संख्या शून्य थी जबकि 2019 में यह बढ़कर 69 हो गई.

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