The Lallantop
Logo

तारीख: जब तालिबान का सामना एक Gorkha से हुआ

अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान से अकेला लड़ा. और जीतकर आया. वो भी तब, जब उसका पसंदीदा हथियार, उसकी खुकरी उसके पास नहीं थी.

Advertisement

लड़ाई का एक मंजर देखिए एक तरफ - 30 तालिबानी लड़ाके, मशीन गन के 250 राउंड, राइफल से चली 180 गोलियां, 17 ग्रेनेड, और 1 माइन है.  और इन सबके सामने - सिर्फ एक अकेला फौजी है. जो सिर्फ लड़ा नहीं. जीता भी, अपनी पोस्ट भी बचाई. महज इतनी सी कहानी बताकर अगर आपसे पूछा जाए कि बताइए वो सैनिक कौन था? तो आप क्या जवाब देंगे? फील्ड मार्शल मानेकशॉ से अगर ये सवाल पूछा जाता तो वो कहते,

Advertisement

"अगर कोई आदमी कहता है कि वो मरने से नहीं डरता, तो या तो वो झूठ बोल रहा है. या वो गोरखा है "

पूरा किस्सा जानने के लिए देखें वीडियो. 

Advertisement

Advertisement