देश के नए संसद भवन का उद्घाटन हो गया है. हमारे गणतंत्र के 73 सालों से चली आ रही गौरवशाली संसदीय परंपराओं को अब एक नया पता मिलेगा. इतने वक्त में संसद के हर पहलू पर बहुत लिखा गया है, हमने खूब सारी तस्वीरें देखी हैं - स्पीकर कहां बैठते हैं, सांसद कहां से एंट्री लेते हैं, वोटिंग कैसे होती है वगैरह. लेकिन आज हम ऐसे पहलू पर फोकस करना चाहते हैं, जो प्रायः नज़रों से ओझल ही रहता है - संसद की सुरक्षा व्यवस्था.
रखवाले: नई संसद की सेक्योरिटी सर्विस का भगत सिंह से क्या कनेक्शन है?
कौन हैं वो 'रखवाले' जिन्होंने इतने साल संसद को महफूज़ रखा और अब नए संसद भवन की ज़िम्मेदारी संभालेंगे?
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