लल्लनटॉप के खास शो किताबवाला के इस एपिसोड में आए लेखक अभिषेक चौधरी. अभिषेक चौधरी ने हाल ही में अटल बिहारी वाजपेयी के राजनीतिक सफ़र और निजी जीवन पर गहन शोध के साथ "बिलिवर्स डिलेमा" नामक पुस्तक लिखी है. इस बातचीत में वाजपेयी की कहानी के कुछ कम चर्चित लेकिन दिलचस्प पहलुओं पर चर्चा हुई. लल्लनटॉप के संपादक सौरभ द्विवेदी के साथ इस बातचीत में उन्होंने बताया कि वाजपेयी एक समय भाजपा से अलग क्यों होना चाहते थे? अभिषेक चौधरी ने उन वैचारिक तनावों, व्यक्तिगत शंकाओं और राजनीतिक वास्तविकताओं के बारे में भी बात की जिन्होंने इस दुविधा को आकार दिया. इस बातचीत में वाजपेयी और लाल कृष्ण आडवाणी के बीच के दिलचस्प रिश्तों पर भी गहराई से चर्चा की. ये दो नेता थे जिनके बीच सौहार्दपूर्ण संबंध थे, लेकिन साथ ही उन्होंने तीखे संघर्ष के क्षणों का भी सामना किया. उनके बीच की खींचतान और अंततः बनी आपसी समझ भारतीय राजनीति की आंतरिक गतिशीलता की एक दुर्लभ अंतर्दृष्टि प्रदान करती है. अटल बिहारी वाजपेयी के जटिल किन्तु आकर्षक व्यक्तित्व को समझने के लिए देखें किताबवाला का ये एपिसोड.
किताबवाला: वाजपेयी से लेकर नरेंद्र मोदी तक, दो दशक में कितनी बदल गई है भाजपा?
वाजपेयी और लाल कृष्ण आडवाणी , ये दो नेता थे जिनके बीच सौहार्दपूर्ण संबंध थे, लेकिन साथ ही उन्होंने तीखे संघर्ष के क्षणों का भी सामना किया.
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