एक कहावत है, ‘जब अमेरिका में छींक आती है, तो दुनिया को सर्दी लग जाती है’. अमेरिका से एक ऐसी ही छींक पिछले कुछ दिनों से आ रही है. बात जब भी वहां ब्याज दरें बढ़ाने की होती है, भारत समेत दुनिया भर के पूंजी बाजारों में हलचल मच जाती है. शेयर तो गिरते ही हैं, सोने से लेकर तेल तक के भाव सुगबुगाने लगते हैं. आइए आपको आसान भाषा में समझाते हैं कि आखिर अमेरिकी ब्याज दरों में ऐसा क्या है कि आधा या चौथाई फीसदी बढ़ने से भी आपके निवेश और बचत से लेकर रोजमर्रा के खर्चा-पानी पर काफी असर होगा. देखिए वीडियो.
अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ीं तो भारत के लोगों की जेब पर कैसे होगा असर?
अमेरिकी डॉलर का इस्तेमाल अमेरिका से बाहर ज्यादा होता है.
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