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दी लल्लनटॉप शो: लोकसभा चुनाव से पहले धनंजय सिंह को क्यों मिली सजा?

इलेक्टोरल बॉन्ड की जानकारी देने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को 6 मार्च तक का समय दिया था.

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कोर्ट से पहला अपडेट आया, इलेक्टोरल बॉन्ड वाले मामले पर. अपडेट ये है कि इस महत्वपूर्ण मामले पर तारीख के बावजूद सुनवाई नहीं हो सकी. इलेक्टोरल बॉन्ड की जानकारी देने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को 6 मार्च तक का समय दिया था. SBI ने जानकारी देने के लिए सुप्रीम कोर्ट से 30 जून तक की मोहलत मांगी थी. इस पर कोर्ट को 6 मार्च को सुनवाई करनी थी. लेकिन कुछ ऐसा मामला कोर्ट के सामने आ गया, जिसके चलते इलेक्टोरल बॉन्ड पर आज कोर्ट बैठ ही नहीं सकी. क्या था ये मामला?

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सुप्रीम कोर्ट की नौ सदस्यीय संविधान पीठ खनन संबंधी एक मसले पर सुनवाई कर रही है. 80 से ज़्यादा अपीलों को क्लब करके ये सुनवाई की जा रही है. मसला ये है कि- खनन यानी माइनिंग पर जो रॉयल्टी आती है, वो टैक्सेबल है या नहीं. और अगर जवाब हां है... तो ये टैक्स लगाने का अधिकार किसके पास है- राज्य या केंद्र. 
 

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