आओ सुनाएं किस्सा तुमको. दो बुड्ढों का. इन दोनों बुड्ढों में एक फर्क है. एक पर चुटकुले बन रहे हैं. एक के बारे में कोई बात नहीं करता. मुंह बिचका कर बात टाल देता है. किस्सा खतम होने पर सवाल भी रहेगा कि कौन से बुड्ढे के साथ आप खड़े होंगे?अभी कुछ दिन पहले एक बुड्ढा नोएडा का. बड़ा गंदा काम किया उसने. उसकी बीवी चलाती है बच्चों का झूलाघर. उसमें छोटे छोटे बच्चे आते हैं. एक बच्ची भी आती थी 6 साल की. उस बुड्ढे ने उसके साथ घिन्नाने वाला काम किया. बच्ची बुरी तरह डर गई. घर में बताया कि वो अंकल बहुत गंदा है. एक बुढ़ऊ हैं कबीर बेदी. कबीर ने अपने 70वें बड्डे से एक दिन पहले खुशखबरी सुनाई. कि वो शादी कर रहे हैं. परवीन दुसांज से, जिनके साथ लंबे समय से वो प्यार में हैं. शादी खुशखबरी ही होती है. क्योंकि ये आदमी की जिंदगी का बहुत बड़ा फैसला होता है. जो वह अपनी मर्जी से कर सकता है. लेकिन इस खुशखबरी से खुश कम लोग हुए. हैरान परेशान और भौचक्के ज्यादा. गंदे बदबूदार जोक्स बनने लगे. वैसे ही जैसे कुछ दिन पहले तब बने थे. जब दिग्विजय- अमृता ने अपने रिश्ते का इजहार किया था. तब भी कुछ चिपचिपे लोग सन्न से चिपक गए इंटरनेट से. उनसे पॉलिटिकल दुश्मनी तो दूर खड़ी मुस्किया रही थी. लोग पर्सनल कमेंट कर रहे थे. कोई उनकी उम्र पर उंगली उठा रहा है कोई मर्दानगी पर. ज्यादातर ऐसे हैं आसान टारगेट पर तलवार भांजते हैं. वो औरत जिसने अपनी उम्र से बड़े मर्द से शादी की. औरत को निशाना बनाने के लिए कुछ लोग सहारा भी बन जाते हैं. इस बार संजय कपूर बने हैं. जिसने कहा कि करिश्मा ने मुझसे दौलत के लिए शादी की थी. उससे किसी ने न पूछा 'कि बे चग्घड़, तैं का देखे छोरी में'? देखो भाई. अपनी लाइफ में किसी और की एंट्री बहुत आसान नहीं होती. एक मेच्योर आदमी के लिए तो कतई नहीं. ढेर सारे समझौते, बहस और शिकायतें, अपने दोस्तों को सफाई देना. अपने बच्चों तक से मनुहार करना. कि भावनाएं मेरे अंदर भी हैं. वनवास का कॉन्सेप्ट अपने बुजुर्ग मां या बाप पर न ट्राई करो. ऐसी चिरौरी करने से कहीं कहीं बात बन जाती है. बहुत जगह नहीं बनती. सोचो दिग्विजय सिंह ने अपने बेटे से कहा होगा कि बेटे में शादी करना चाहता हूं. तो लौंडा झट से मान गया होगा? घंटा... घंटों नूरा कुश्ती चली होगी. संजय दत्त की मान्यता से शादी हुई तो बेटी ने तांडव किया. कबीर की बेटी ने अपनी स्टेप मदर को ट्विटर पर चुड़ैल कहा. बाद में ट्वीट हटा लिया. सब कुछ इत्ता आसान नहीं ना है भाई. क्या है बॉस कि हमारे दिमाग का खांचा बहुत सिकुड़ गया है. उसमें ये बात अटकती नहीं कि शादी, प्यार, रिश्ते इन सबका रिश्ता उम्र से नहीं है. दिल से है. दिमाग से है. जब वो बंद हो जाते हैं तो प्यार खत्म हो जाता है. आदमी मुर्दा हो जाता है. मुर्दा समझते हो न. जिसको घर में रखना अपशकुनी होता है. अपने प्यार को, रिश्ते को स्वीकार करने के लिए हिम्मत चाहिए. वो लोग अच्छे होते हैं जो एक दूसरे की जिम्मेदारी उठाने को तैयार होते हैं. बुरे लोग वो होते हैं जो झांसा देकर किसी को फंसाते हैं फिर ब्लैकमेल करते हैं. बुरा वो अंकल होता है जो 50 की उम्र पार कर चुका होता है. लेकिन 5-6 साल की लड़की को छेड़ने से परहेज नहीं करता. आंखों में स्कैनर लगाए बुजुर्ग जो सिर्फ ये बताने के लिए कि लड़की चरित्रहीन है, उसे ऊपर से नीचे तक देखता है. बुरे वो लोग होते हैं जो ऐसी छिछोरी हरकतें करने वालों को देख कर आंखें फेर लेते हैं. लेकिन दो लोगों की मर्जी से बने रिश्तों पर चुटकुले बनाते हैं. सेंस ऑफ ह्यूमर अच्छी चीज है लेकिन ये भी तो तय करो कि हंसना किस पर है हंसाना किसको है. अगर आपको देखने समझने पढ़ने और उस पर गौर करने वाले ज्यादा लोग हैं तो जिम्मेदारी और बढ़ जाती है. कान इधर लाओ गुरू एक कर्री बात बताएं. पति पत्नी वाले जोक्स बनाने वाले पति पत्नियों के सताए हुए नहीं होते.
जलो मत शादी कर लो
कबीर बेदी की शादी पर मजे लेने वालों का सेंस ऑफ ह्यूमर गजब का है. उनके जोक्स में लॉफ्टर ढूंढना भी चैलेंज है
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फोटो - thelallantop
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