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उमेश मर्डर का 'मास्टरमाइंड' सदाकत खान सपा का या BJP का? पूरी कुंडली जान लीजिए

ऐसा क्या हुआ जो हाईकोर्ट में प्रैक्टिस करने वाला 27 साल का युवक अतीक अहमद के गैंग से जुड़ गया?

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सदाकत खान को पुलिस ने अरेस्ट किया है | फोटो: आजतक

UP के उमेश पाल हत्याकांड में पिछले 24 घंटों में कई बड़े खुलासे हुए हैं. प्रयागराज में उमेश की हत्या करने छह नहीं, 13 शूटर पहुंचे थे. सात बैकअप में इंतजार कर रहे थे. हत्या की साजिश मुस्लिम हॉस्टल में रची गई थी. ये भी पता चला है कि साजिश में अहम रोल अहमदाबाद की साबरमती जेल में बंद अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ का था. अशरफ बरेली जेल में बंद है. ये खुलासे किसने किए? सदाकत खान ने, जो अब यूपी पुलिस की हिरासत में है. आइए जानते हैं कि कौन है सदाकत खान? और ऐसा क्या हुआ जो हाईकोर्ट में प्रैक्टिस करने वाला 27 साल का ये युवक अतीक अहमद के गैंग से जुड़ गया?

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दबंगई दिखाकर हॉस्टल में रह रहा था

राजू पाल मर्डर के मुख्य गवाह उमेश पाल की हत्या की साजिश इलाहाबाद विश्वविद्यालय के मुस्लिम हॉस्टल में रची गई. जिस कमरे में रची गई वो सदाकत खान का था. इस कमरे में ही शूटरों की मीटिंग कई बार हुई थी. प्लानिंग की एक-एक डिटेल यहीं तैयार हुई. सदाकत एलएलबी का स्टूडेंट था. अब इलाहाबाद हाईकोर्ट में प्रैक्टिस कर रहा है.

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अतीक अहमद के बेटे के साथ सदाकत | फोटो: आजतक

बताया जाता है कि सदाकत हॉस्टल के कमरे में दो साल से अवैध रूप से रह रहा था. उसने दो साल पहले ही सीएमपी डिग्री कॉलेज से एलएलबी की पढ़ाई पूरी कर ली थी, लेकिन कमरा खाली नहीं किया. कुछ माह पहले हॉस्टल में अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई भी हुई थी. तब जिन सात कमरों को सील किया गया था, उनमें सदाकत का कमरा भी शामिल था. लेकिन, सदाकत ने कार्रवाई के कुछ दिन बाद ही कमरे का ताला तोड़ दिया था.

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पिता दिल्ली में गार्ड

सदाकत खान यूपी के गाजीपुर जिले का रहने वाला है. शुरुआती पढ़ाई अपने गांव बारा से ही की थी. 4 भाई और एक बहन में वह सबसे छोटा है. सदाकत के पिता शमशाद खान दिल्ली के प्राइवेट कंपनी में गार्ड की नौकरी करते हैं. इसके दो भाई विदेश में रहते हैं, जबकि एक भाई प्राइवेट नौकरी करता है. गांव में सदाकत का किसी से कभी कोई विवाद तक नहीं हुआ और ना ही उस पर कोई मुकदमा है. गांव वालों का कहना है कि सदाकत शरीफ परिवार से है. ऐसे में उन्हें यकीन नहीं हो रहा कि वो उमेश पाल डबल मर्डर में शामिल हो सकता है.

सदाकत अतीक गैंग के संपर्क में कैसे आया?

सदाकत अपराधियों के संपर्क में कैसे आया? ये एक बड़ा सवाल है. बताया जाता है कि कोर्ट-कचहरी में ही सदाकत का संपर्क अतीक गैंग से हुआ था. इसके बाद अतीक अहमद के बेटे अली अतीक अहमद से उसकी गहरी दोस्ती हो गई. उमेश हत्याकांड में उसे लालच देकर जोड़ा गया था. बदमाशों ने उससे कहा था कि विवादित जमीन से जुड़े मुकदमे उसे ही दिए जाएंगे. जब उमेश पाल की हत्या हुई तो उस समय सदाकत खान शूटरों की क्रेटा कार चला रहा था.

बड़े नेताओं के साथ उठना-बैठना!

सदाकत खान हाइकोर्ट में प्रैक्टिस करने के साथ ही छात्र राजनीति में भी अच्छा दखल रखता था. वो इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्रसंघ का नेता भी रह चुका है. राजनीति में दिलचस्पी के चलते ही उसका कई बड़े नेताओं के साथ मिलना-जुलना था. BJP ने सदाकत की एक फोटो जारी की है जिसमें वो सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ नजर आ रहा है. बीजेपी ने दावा किया है कि एलएलबी स्टूडेंट सदाकत समाजवादी पार्टी का करीबी है.

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बीजेपी के इस फोटो के जवाब में सपा ने भी सदाकत की कुछ तस्वीरें जारी की हैं. इनमें सदाकत बीजेपी की पूर्व विधायक नीलम करवरिया के पति के साथ नजर आ रहा है. नीलम करवरिया प्रयागराज की मेजा विधानसभा सीट से विधायक रह चुकी हैं. 2022 का चुनाव हार गई थीं. सपा ने दावा किया है कि सदाकत एक फोटो में BJP की नीलम करवरिया के पति उदयभान करवरिया के साथ उनके घर में ही बैठा हुआ है. सपा का कहना है कि इस समय सदाकत BJP का सदस्य था.

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