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योगी आदित्यनाथ किसी प्रोटोकॉल के तहत PM मोदी की गाड़ी के पीछे चल रहे थे?

राज्यों के दौरे पर PM की अगवानी को लेकर प्रोटोकॉल क्या कहता है?

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पूर्वाचल एक्सप्रेस-वे पर सुल्तानपुर में पीएम मोदी की गाड़ी के पीछे चलते सीएम की फोटो वायरल हुई थी. (वीडियो का स्क्रीनशॉर्ट)
योगी आदित्यनाथ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री. सोशल मीडिया पर उनका एक वीडियो वायरल है. इसे विपक्ष के नेता अखिलेश यादव सहित कई लोगों ने ट्वीट किया है. सामने आए वीडियो में दिख रहा है कि पीएम नरेंद्र मोदी गाड़ी में बैठे हैं. सीएम योगी इस गाड़ी के पीछे-पीछे चल रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार, 16 नवंबर को यूपी के दौरे पर थे. सुल्तानपुर में उन्होंने पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का उद्धाटन किया. वीडियो उसी दौरान का है जिस पर अखिलेश यादव ने इस शेर के साथ तंज कस दिया- वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने भी तरह-तरह की बातें शुरू कर दीं. कहने लगे कि जनता से पहले पीएम मोदी ने योगी को पैदल कर दिया. खैर, इस वीडियो के बहाने हम ये जानने की कोशिश करेंगे कि प्रधानमंत्री जब किसी राज्य के दौरे पर होते हैं तो उनको रिसीव करने का नियम क्या है? क्या सीएम का रहना जरूरी है?

नियम क्या कहते हैं?

दो खबरों का जिक्र, फिर प्रोटोकॉल क्या है इस पर बात करेंगे.
#नवंबर 2020. लगभग एक साल पहले. मीडिया में एक खबर छपी. पीएम मोदी के हैदराबाद दौरे पर तेलंगाना के सीएम एयरपोर्ट पर उनका स्वागत करना चाहते थे, लेकिन उन्हें ऐसा नहीं करने दिया गया. पीएम के स्वागत के लिए सिर्फ 5 नाम पीएमओ की ओर से दिए गए. इसमें राज्य के चीफ सेक्रेटरी और डीजीपी के नाम थे, लेकिन सीएम का नाम नहीं था. सीएम को पीएम के स्वागत से रोकने पर ये तेलंगाना में बड़ा मुद्दा बन गया था. सत्ताधारी पार्टी की ओर से कहा गया था कि आमतौर पर पीएम के दौरे पर सीएम अगवानी के लिए पहुंचते हैं, लेकिन पीएम मोदी ने सीएम को ही ऐसा करने से रोक दिया.
दूसरी खबर इसके उलट है. पीएम के दौरे पर किसी राज्य द्वारा प्रोटोकॉल तोड़ने की खबरें भी आती रही हैं. ऐसा ही एक मामला साल 2014 में आया था. पीएम नागपुर में मेट्रो का शिलान्यास करने पहुंचे थे, लेकिन उस वक्त महाराष्ट्र के सीएम रहे पृथ्वीराज चव्हाण इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए. इसे लेकर काफी विवाद हुआ था. अपना बचाव करते हुए पूर्व सीएम ने कहा था कि प्रोटोकॉल के अनुसार जब पीएम राज्य की राजधानी की यात्रा पर जाते हैं तब मुख्यमंत्री को प्रधानमंत्री का स्वागत करना चाहिए. चव्हाण ने कहा था,
'मैंने मुंबई में प्रधानमंत्री का स्वागत करके प्रोटोकॉल का पालन किया था और मुंबई में उनके साथ तीनों कार्यक्रम में भाग लिया था. लेकिन नागपुर में शिलान्यास समारोह के दौरान ऐसा कोई प्रोटोकॉल कोई मुद्दा नहीं है.'
तो प्रोटोकॉल क्या है? सर्च के दौरान हमें प्रोटोकॉल
नाम से एक PDF मिला. इसे एस राजशेखर (सीनियर डायरेक्टर) ट्रेनिंग कॉर्डिनेशन ने लिखा है. इसके मुताबिक राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और अन्य VIPs और VVIPs  के दौरे को लेकर कुछ प्रोटोकॉल हैं जिनका पालन करना पड़ता है. इनमें गेस्ट के स्वागत से लेकर उसके रुकने, कहीं आने-जाने, खाने-पीने को लेकर नियम बने हैं. राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री के आधिकारिक दौरे पर उनकी अगवानी कौन करेगा इसे लेकर भी कुछ नियम बने हैं.
प्रोटोकॉल के मुताबिक प्रधानमंत्री के किसी राज्य के आधिकारिक दौरे के समय अराइवल यानी आगमन और डिपार्चर यानी जाने के समय इन लोगों को मौजूद रहना होता है.
#राज्यपाल #मुख्यमंत्री #चीफ सेक्रेटरी #डायरेक्टर जनरल और इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस #सेक्रेटरी ऑफ गर्वमेंट #कमिश्नर ऑफ पुलिस #ज्वाइंट सेक्रेटरी और डायरेक्टर ऑफ प्रोटोकॉल #जिलाधिकारी और अन्य
इसमें लिखा है कि अगर सीएम चाहें तो पीएम को रिसीव कर सकते हैं, या पीएम चाहें तो सीएम उनसे मिलेंगे. नहीं तो एक कार्यकारी अधिकारी और एक पुलिस अधिकारी को देखरेख के लिए नियुक्त किया जा सकता है.
प्रोटोकॉल से जुड़े नियमों के बारे में जानने के लिए हमने बात की पूर्व आईएएस अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह से. उन्होंने बताया,
पीएम के राज्य के दौरे को लेकर एक प्रोटोकॉल होता है. इसका जिक्र 'Protocol Blue Book' में है. इसे हिन्दी में 'नीली किताब' कहते हैं. ये ब्लू बुक आपको इंटरनेट पर मिलेगी नहीं, क्योंकि वो कॉन्फिडेंशियल होती है. प्रोटोकॉल के मुताबिक, एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री को जिला अधिकारी रिसीव करेंगे. ये नियम है और ये नियम बदला नहीं है. लेकिन आज कमिश्नर, मुख्यमंत्री और बाकी लोग भी रिसीव करने के लिए जाते हैं.
Pinarayi Vijayan Narendra Modi केरल के सीएम पिनारायी विजयन नरेंद्र मोदी का स्वागत करते हुए (फाइल फोटो- PTI)

हमने पूर्व आईएएस से पूछा कि क्या ये प्रोटोकॉल है कि पीएम के दौरे के समय अगवानी सीएम ही करेंगे? सूर्यप्रताप सिंह ने बताया,
नहीं, ये प्रोटोकॉल नहीं है. हां ये परंपरा जरूर रही है कि पीएम के आगमन पर सीएम एयरपोर्ट जाते हैं रिसीव करने.
उन्होंने कहा कि वो जनपद स्तरीय नियमों की बात कर रहे हैं. प्रोटोकॉल में सीएम को लेकर कोई जिक्र नहीं है. उन्होंने बताया कि प्रोटोकॉल तो ये है कि अगर पीएम एयरपोर्ट पर उतरे, तो जो लोग प्रोटोकॉल के हिसाब से उनकी अगवानी करने गए हैं वो लॉबी में वेट करते हैं. अगर पीएम को मिलना है तो वो आकर मिलेंगे. पीएम अगर एयरपोर्ट या हवाई पट्टी पर उतर रहे हैं तो उन्हें जिला मैजिस्ट्रेट रिसीव करेगा. उसके बाद प्रोटोकॉल खत्म हो जाता है.

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