28 अगस्त, 2024. कोलकाता. एक तरफ़ विपक्ष का प्रदेश बंद का आह्वान. दूसरी तरफ़, सरकार का फ़रमान कि हर सरकारी कर्मचारी काम पर मौजूद रहे. मरता क्या न करता! तमाम सरकारी कर्मचारी किसी तरह बचते-बचाते काम पर मौजूद भी रहे.
'बंगाल जला तो, बाक़ी राज्य भी..' CM ममता बनर्जी के बयान के बीच 'बंगाल बंद' का क्या असर?
बंगाल बंद के बीच पूरे राज्य में उथल-पुथल रही. एक तरफ़, विपक्ष का प्रदेश बंद का आह्वान. दूसरी तरफ़, सरकार का फ़रमान कि हर सरकारी कर्मचारी काम पर मौजूद रहे. मरता क्या न करता!


इस बीच सूबे की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी तृणमूल कांग्रेस की स्टूडेंट विंग (तृणमूल छात्र परिषद) के स्थापना दिवस कार्यक्रम में पहुंचीं. उन्होंने इस पूरे कार्यक्रम को कोलकाता केस की विक्टिम को समर्पित किया. ट्वीट भी किया:
RG कर मेडिकल कॉलेज में नृशंस कृत्य के बाद हमारी जिस बहन को मार डाला गया, उनसे और देश की हर उस महिला से जिन्हें कभी न कभी अमानवीय परिस्थितियों का सामना करना पड़ा, उन सबसे मैं माफ़ी मांगती हूं.
मगर इसी के साथ उन्होंने ये भी कह दिया कि अगर किसी ने बंगाल में आग लगाने की कोशिश की, तो आग सिर्फ़ बंगाल तक सीमित नहीं रहेगी. उत्तर प्रदेश, दिल्ली, नॉर्थ ईस्ट तक जाएगी. इस बयान से अलग-अलग पार्टियों-नेताओं का इस पर बयान आया.
पश्चिम बंगाल में उपजे इन हालात का ताज़ा अपडेट क्या है? किसने-क्या कहा? किसने-क्या किया? यही बताएंगे.
बंगाल अपडेटकोलकाता रेप और मर्डर केस में ढीली कार्रवाई को लेकर विरोध प्रदर्शन हुआ. बीते रोज़, 27 अगस्त को इस प्रदर्शन में हिंसा हुई. हिंसा के ख़िलाफ़ भारतीय जनता पार्टी ने 28 अगस्त को ‘बंगाल बंद’ का आह्वान किया था. 12 घंटे का बंद. सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक. राजधानी कोलकाता समेत तमाम अन्य शहरों में इसका मिला-जुला असर दिखा. भाजपा कार्यकर्ता कोलकाता में सुबह से सड़कों पर उतरे. दुकानों को बंद कराया, पब्लिक ट्रांसपोर्ट के तमाम साधनों को रोका गया. राज्य में अलग-अलग जगहों पर रेल को भी रोका गया. कार्यकर्ता जाकर पटरियों पर बैठ गए. हुगली स्टेशन पर हावड़ा लोकल ट्रेन को रोका, सियालदह के पास बनगांव-सियालदह एक्सप्रेस को. हालांकि, दोनों ही जगहों पर पुलिस ने जल्द ही पटरियां खाली करा दीं.
कई जगहों पर बसों और कैब्स को भी रोका गया, लेकिन कुल मिलाकर अधिकतर सेवाएं चालू रहीं. प्रदेश भर से सौ से ज़्यादा लोगों को पुलिस ने गिरफ़्तार किया. दो भाजपा विधायकों को भी हिरासत में लिया गया. तूफानगंज से विधायक मालती रावा और नाताबाड़ी से विधायक मिहिर गोस्वामी. दोनों पर आरोप है कि इन्होंने बस टर्मिनस पर बस सेवाओं को रोकने की कोशिश की.
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नदिया और मंगलबाड़ी चौरंगी में भी भाजपा और TMC कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई. लाठी-डंडे चले.
पश्चिम बंगाल में बवाल चल रहा था, तभी ये मसला कलकत्ता हाई कोर्ट तक पहुंचा. संजय दास नाम के एक व्यक्ति ने हाई कोर्ट में बंद के ख़िलाफ़ जनहित याचिका लगाई. मांग कि इस पर त्वरित सुनवाई हो और बंद पर रोक लगाई जाए. हाई कोर्ट ने ये याचिका ख़ारिज कर दी.
याचिका खारिज हुई, लेकिन भाजपा के प्रदर्शन जारी रहे. इसी क्रम में कोलकाता में हुए प्रदर्शन में पश्चिम बंगाल के भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार भी शामिल होने पहुंचे. कहा कि भाजपा कल से 7 दिन तक जगह-जगह धरना देगी और उनके पास इसकी लीगल परमिशन भी है.
ममता बनर्जी के ‘बंगाल जला तो देश जलेगा’ वाले बयान पर प्रतिक्रियाएं आईं. केंद्रीय मंत्री और पश्चिम बंगाल के भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने गृह मंत्री अमित शाह को चिट्ठी लिखी है. इसमें उन्होंने कहा कि ऐसा बयान किसी संवैधानिक पद पर बैठा व्यक्ति नहीं दे सकता है, ये राष्ट्र-विरोधी है.
हिमंता बिस्वा सरमा ने भी जवाब दिया. ममता बनर्जी से मुख़ातिब हो कर कहा कि असम को धमकाने की कोशिश न करें.
दीदी, आपकी हिम्मत कैसे हुई असम को धमकाने की? हमें लाल आंखें मत दिखाइए. आपकी असफलता की राजनीति से भारत को जलाने की कोशिश भी मत कीजिए. आपको विभाजनकारी भाषा बोलना शोभा नहीं देता.
भारतीय जनता पार्टी की तरफ़ से बंद पर और भी रिएक्शन आए. पूर्व राज्यसभा सांसद रूपा गांगुली ने बंद का समर्थन किया. तो मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने ममता बनर्जी की तुलना हिटलर से कर डाली.
भाजपा नेता प्रियंगु पांडे ने TMC पर एक संगीन आरोप और लगाया. उन्होंने कहा कि नॉर्थ 24 परगना ज़िले के भाटापारा में बंद के दौरान उनकी कार पर फायरिंग की गई. आरोप कि TMC के लगभग 50 से 60 लोगों ने रोड ब्लॉक कर गाड़ी रुकवाई, कई राउंड फायरिंग की गई और बम भी फेंके गए. ड्राइवर समेत दो लोगों को गोली लगी है. एक गंभीर रूप से घायल है.
मुख्यमंत्री का कहना है कि उनकी सरकार अगले हफ़्ते विधानसभा सत्र बुलाएगी और बलात्कारियों को मौत की सज़ा दिलाने के लिए 10 दिन के भीतर बिल पारित कराएगी.
इसके साथ ही CBI जांच के बीच इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने 28 अगस्त को आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष की सदस्यता निलंबित कर दी है.
वीडियो: दी लल्लनटॉप शो: बंगाल बंद, नबन्ना मार्च के बीच राष्ट्रपति मुर्मू ने क्या कहा? ममता ने क्या एलान किया?























