उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की योगी आदित्यनाथ सरकार राज्य ने अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर (करीब 82,557 करोड़ अरब रुपये) तक ले जाने का लक्ष्य रखा है. इसे हासिल करने के लिए शुक्रवार, 10 फरवरी से 3 दिन के ग्लोबल इन्वेस्टर समिट का राजधानी लखनऊ में आयोजन हो रहा है. इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी पहुंच रहे हैं. वे समिट का उद्घाटन करेंगे. बताया जा रहा है कि एक ट्रिलियन डॉलर के लक्ष्य को पाने के लिए देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से क़रीब 25 लाख करोड़ का निवेश लाने की कोशिश इस समिट के ज़रिए हो रही है.
पीएम मोदी जिस इन्वेस्टर समिट में पहुंच रहे हैं उससे योगी आदित्यनाथ सरकार को क्या मिलेगा?
लखनऊ में इन्वेस्टर समिट शुक्रवार, 10 फरवरी से शुरू हो रहा है.


ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में देश के बड़े उद्योगपतियों के अलावा 13 देशों के प्रमुख उद्योगपति हिस्सा ले रहे हैं. इनमें कनाडा, जापान, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया, यूएई, दक्षिण अफ्रीका, जर्मनी, थाईलैंड, मैक्सिको, ब्राजील, नीदरलैंड, बेल्जियम और अर्जेंटीना शामिल हैं. इन देशों के अलावा भारत के तमाम उद्योगपति भी समिट में हिस्सा लेकर यूपी में निवेश के लिए सरकार के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर करेंगे. इसमें रिलायंस ग्रुप से मुकेश अंबानी, टाटा समूह से एन चंद्रशेखरन और बिड़ला ग्रुप से कुमार मंगलम बिड़ला जैसे उद्योगपति भी शामिल हो रहे हैं.
विदेशों से निवेश लाने की कोशिश में इन्वेस्टर समिट में 13 देशों की 300 से ज़्यादा कम्पनियां हिस्सा ले रही हैं. जिनमें प्रमुख रूप से एप्पल, गूगल, वॉलमार्ट, अमेजॉन, रोल्स रॉयस, सुजकी, जॉनसन एंड जॉनसन, फाइजर, मर्सिडीज आदि शामिल हैं. यूपी सरकार ने सिर्फ देश या विदेश से ही नहीं, बल्कि स्थानीय स्तर से भी निवेश लाने के भरसक प्रयास में है. इसके लिए लखनऊ में आयोजित हो रहे ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के अलावा यूपी में मंडल और ज़िला स्तर पर भी इन्वेस्टर समिट करके छोटे निवेशकों से निवेश कराने के लिए आयोजन हो रहे हैं. अगर योगी आदित्यनाथ की निवेश की ये कोशिश सफ़ल हुई तो आने वाले दिनों में यूपी देश की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन कर उभर सकता है. अगर ये सपना सच हुआ तो न सिर्फ राज्य का विकास होगा बल्कि राजनैतिक रूप से योगी आदित्यनाथ का कद भी ऊंचा हो जाएगा.
ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के आयोजन के पीछे मकसद ये है कि उत्तर प्रदेश में निवेशकों को आकर्षित किया जाए. ज़्यादा निवेश आने से न सिर्फ अर्थव्यवस्था को मज़बूती मिलेगी बल्कि बड़ी संख्या में नौकरी और रोज़गार के अवसर भी पैदा होंगे. इन्वेस्टर समिट में शामिल होने वाली कंपनियों को यूपी सरकार तमाम तरह की सहूलियतें और रियायत देने की गारंटी देगी. वहीं निवेशकों को भरोसा देने की भी कोशिश होगी कि अगर उन्होंने यूपी में निवेश किया तो उन्हें इन रियायतों के चलते अन्य राज्यों की तुलना में ज़्यादा फायदा होना तय है.
उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से कहा जा रहा है कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2023 में अबतक 22 लाख करोड़ से अधिक के निवेश का प्रस्ताव आ चुका है. लक्षय है कि निवेश के मसौदे पर 25 लाख करोड़ तक के एमओयू साइन हो जाएं ताक़ि अधिक से अधिक निवेश उत्तर प्रदेश में आ सके. माना जा रहा है कि अगर सरकार और निवेशकों में हुआ समझौता ज़मीन पर उतरा तो इससे कम से कम सात लाख नौकरियां पैदा होंगी. इसके अलावा लाखों की संख्या में रोज़गार के अवसर भी बनेंगे जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मज़बूती दी जा सके. ज़्यादा निवेश आया तो यूपी में न सिर्फ अर्थव्यवस्था मज़बूत होगी, बल्कि नौकरी और रोज़गार के अवसर बढ़ेंगे. इन दोनों से योगी आदित्यनाथ अपने उस लक्ष्य को भी हासिल करने की दिशा के एक कदम आगे बढ़ जाएंगे जिसमें उन्होंने प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन तक ले जाने की बात कही थी.
योगी ने निवेशकों को क्या कहके बुलाया है?योगी आदित्यनाथ के शासन के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत से ही सरकार ने निवेश को बढाने की दिशा के काम शुरू कर दिया था. सरकार के कई बड़े मंत्री और आधिकारियों ने देश के प्रमुख शहरों के अलावा क़रीब दर्जन भर दूसरे देशों में जाकर निवेश के लिए बात की. ख़ुद योगी आदित्यनाथ ने भी निवेशकों को भरोसा दिलाने की भरपूर कोशिश की कि उत्तर प्रदेश अब बीमारू यूपी नहीं रहा. योगी आदित्यनाथ बेहतर कानून व्यवस्था, बेहतर होते इंफ्रास्ट्रक्चर, सरकारी रियायतों और उद्योगपतियों को निवेश के लिए सिंगल विंडो सिस्टम देने की बात निवेशकों से कह कर ये भरोसा दिलाते हैं कि निवेशक के लिए यूपी में निवेश घाटे का सौदा साबित नहीं होगा.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कई निवेशकों से हाल के दिनों में ख़ुद भी मिले हैं और डबल इंजन सरकार को आधार बताते हुए दावा करते हैं कि यूपी में सड़कें बेहतर हुई हैं, रेल कनेक्टिविटी में भी तरक्की हुई है, एयर कनेक्टिविटी में यूपी सबसे बेहतर राज्य बना है, कानून व्यवस्था में व्यापक सुधार आया है, हॉस्पिटैलिटी ने भी बड़ा सुधार आया है. इसके अलावा पर्यटन, आईटी और लॉजिस्टिक्स में क्षेत्र में भी यूपी ने बेहतर प्रदर्शन किया है. निवेशकों को भरोसा दिलाने के लिए आयोजन के उद्घाटन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बुलाया जा रहा है. साथ ही क्लोज़िंग सेरेमनी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मौजूदगी में होने वाली है.
वीडियो: योगी आदित्यनाथ और सुनील शेट्टी के बीच ड्रग्स पर क्या बात हुई





















