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दक्षिण कोरिया में ऐसा क्या हुआ जो सब लोग एक-दो साल जवान हो गए?

दक्षिण कोरिया में उम्र मापने के पारंपरिक तरीके को खत्म कर दिया गया. इसके मुताबिक पैदा होते ही, किसी भी बच्चे की आयु एक साल होती है. उसी वक्त, उसी लम्हे. गिनती ही एक से शुरू होती है.

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दक्षिण कोरिया के नागरिकों की उम्र कम हो गई! (फोटो: AFP)

दक्षिण कोरिया का हर नागरिक 28 जून से एक से दो साल तक जवान हो गया है. या ऐसा कह सकते हैं कि सबकी उम्र एक से दो साल तक कम हो गई है. ये कोई मजाक नहीं है, और ना ही इसमें तारीख का कोई तिकड़म है. ये किसी भी और दिन हो सकता था. दरअसल, इसका कनेक्शन है एक कानून से, जिसे 28 जून से लागू किया गया है. 

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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 28 जून से दक्षिण कोरिया में उम्र मापने के पारंपरिक तरीके को खत्म कर दिया गया. आखिर इस तरीके से कैसे मापी जाती थी उम्र और इसके हटने से सबकी उम्र कम कैसे हो जाएगी, सारे सवालों के जवाब जानते हैं.

‘कोरियन एज सिस्टम’

इस सिस्टम का नाम 'कोरियन एज सिस्टम' है. इसके मुताबिक पैदा होते ही, किसी भी बच्चे की आयु एक साल होती है. उसी वक्त, उसी लम्हे. गिनती ही एक से शुरू होती है. शून्य से नहीं. तो एक साल का चूना तो यहीं लग गया. इसके पीछे का लॉजिक भी जान लीजिए. कई देश मां के गर्भ में बिताए हुए वक्त को भी गिनते थे. इसलिए बच्चे की उम्र एक साल से गिनी जाती है.  

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लेकिन पेच और भी हैं. हर इंसान की उम्र में एक जनवरी को एक साल जोड़ दिया जाता है. यानी एक जनवरी 2023 को दक्षिण कोरिया के हर नागरिक की उम्र एक साल बढ़ गई थी. इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपका जन्मदिन कब है. उम्र एक जनवरी को ही बढ़ेगी.

अब एक उदाहरण से समझिए. मान लीजिए कि कोई 31 दिसंबर को पैदा हुआ. ‘कोरियन एज सिस्टम’ के हिसाब से पैदा होते ही उसकी उम्र एक साल हो गई. और अगले दिन, यानी एक जनवरी को इसी नवजात शिशु की उम्र में एक साल और जोड़ दिया गया. यानी एक ही दिन में नवजात की उम्र दो साल हो गई. यानी पुराने सिस्टम के हिसाब से कोरिया में कोई 58 वर्ष का इंसान, 60 का हो जाता है.

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अब दक्षिण कोरिया से ये सिस्टम हटा दिया गया है. अब दुनिया के ज्यादातर देशों की तरह कोरिया में भी ‘डेट ऑफ बर्थ’ से ही उम्र गिनी जाएगी. बता दें, मेडिकल और लीगल मुद्दों पर 1960 के दशक से ही दक्षिण कोरिया भी ‘डेट ऑफ बर्थ’ सिस्टम ही अप्लाई करता रहा है.    

‘ईयर एज सिस्टम’

‘कोरियन एज सिस्टम’ तो आपने समझ लिया, लेकिन एक और सिस्टम है, जो दक्षिण कोरिया में अभी भी जारी है. इसका नाम है 'ईयर एज सिस्टम'. इस सिस्टम के मुताबिक, किसी भी बच्चे की उम्र जन्म होते समय शून्य मानी जाती है. हालांकि, साल बदलते ही यानी एक जनवरी को सबकी उम्र एक साल हो जाती है. हालांकि, ये सिस्टम कोरिया के कुछ पहलुओं पर ही लागू होता रहेगा.

अलजजीरा की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ये सिस्टम स्कूल, अनिवार्य मिलिट्री सर्विस, शराब और सिगरेट खरीदने और पीने की उम्र जैसे पहलुओं पर ही लागू होगा. दक्षिण कोरिया की सरकार से मिली जानकारी के मुताबिक, ‘कोरियन एज सिस्टम’ में किए गए बदलावों के असर को देखते हुए ‘ईयर एज सिस्टम’ पर आगे चलकर फैसला लिया जाएगा.

दिसंबर 2022 में बदला कानून

दक्षिण कोरिया ने दिसंबर 2022 में ही ‘कोरियन एज सिस्टम’ को हटाने का कानून बना दिया था. सितंबर 2022 में कोरियन सरकार ने एक सर्वे किया था, जिसमें 86 प्रतिशत लोगों ने इस बदलाव को स्वीकारा था. दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति यून सुक येओल शुरुआत से ही इस पारंपरिक व्यवस्था को खत्म करने की वकालत करते रहे हैं. उन्होंने चुनाव के दौरान भी इस सिस्टम को खत्म करने का वादा किया था.

वहीं कोरियन एज जैसा सिस्टम सिर्फ दक्षिण कोरिया में नहीं, बल्कि उत्तर कोरिया और जापान में भी था. जापान में इसे 1950 में खत्म किया गया. वहीं उत्तर कोरिया ने इसे 1980 में हटाया था. बताते चलें, भारत ने बहुत पहले से ही इंटरनेशनल स्टैंडर्ड अपना लिया था. हमारे देश में डेट ऑफ बर्थ या जन्मतिथि को ही उम्र का आधार माना जाता है.  

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