सात या आठ साल का था. घर में जन्मदिन मनाने की रवायत नहीं थी, लेकिन बड़े भइया के एक दोस्त बड़े अच्छे थे. मेरे जन्मदिन पर एक किताब लाकर दिए. नाम था 'इंद्रधनुष के रंग'. नारंगी रंग की किताब, जिसके हर पन्ने पर किसी एक जानवर, चिड़िया या कीड़े के बारे में बताया गया था. दो-तीन पैरे में जानकारी होती थी और एक बढ़िया सी फोटो छपी होती थी. कुछ तस्वीरें अब भी याद हैं, पर लिखा हुआ बस इतना याद है कि एक पक्षी का नाम 'हुदहुद' था और एक तितली के बारे में लिखा था, 'न जाने क्यों इन्हें आलपिनों में पिरोते हैं'.
क्या है उस किताब में, जो सैफ अपने बेटे तैमूर को दिखाना चाहते हैं
आपको लगता होगा नवाब साहब खाली बिस्तर तोड़ते होंगे, लेकिन ये तो धमाका कर दिए भाई.


सैफ, करीना, तैमूर की ई फोटुइय्या भी इंस्टाग्राम से चांपे हैं
ये अचानक इस किताब का ज़िक्र इसलिए कर रहा हूं, क्योंकि कल इंडिया टुडे पढ़ रहा था. इंग्लिश वाली. उसमें आखिरी पन्ने पर सैफ अली खान का एक छोटा सा इंटरव्यू था. चार-पांच सवाल वाला. उसमें सैफ से एक सवाल ये पूछा गया था कि वो अपने बेटे तैमूर को पढ़ने के लिए कौन सी किताब देना चाहेंगे. इस पर सैफ ने कहा,
'इसके लिए वो अभी बहुत छोटा है, लेकिन मैं डॉ. स्यूस की किताब 'कैट इन दि हैट' से शुरुआत करूंगा. ये आपको थोड़ा सा बेअदब होना सिखाती है और अलग हटकर सोचने के लिए प्रेरित करती है. इसके अलावा जितना जल्दी दे सकूंगा, महाभारत दूंगा. ग्रीक मिथ्स (यूनान पौराणिक कहानियां) दूंगा. अल्फ्रेड हिचकॉक और तीन इन्वेस्टिगेटर्स (Alfred hitchcock's The Three Investigators) दूंगा.'

तैमूर.
मुझे अपने बचपन में जो किताब मिली थी, वो बहुत प्यारी थी. अब तक याद है. उसका फटना, धीरे-धीरे खत्म होना भी याद है. तो सैफ की बातें सुनकर क्यूरॉसिटी हुई. सोचने लगा कि क्या होगा इन किताबों में, जो वो इन्हें अपने बच्चे को देना चाहते हैं. गूगल बाबा के पास गया, तो जवाब भी मिल गया. अब महाभारत के बारे में तो मैं और आप दोनों जानते हैं. ग्रीक मिथ्स पर दुनियाभर में उसी तरह ढेर सारी किताबें हैं, जैसे हिंदू धर्म में ढेर सारी पौराणिक किताबें हैं. तो मैंने सोचा कि सैफ ने बाकी जिन दो किताबों का ज़िक्र किया है, उनके बारे में आपको भी बता दें. पढ़ लीजिए-

ग्रीक माइथॉल्जी पर कुछ किताबें
#1. The cat in the hat
बच्चों की ये किताब थियोडोर गाइसल ने लिखी और इलस्ट्रेट की है. इलस्ट्रेशन वो चीज है, जो लिखी हुई चीज को और अच्छी तरह समझाने के काम आती है, जैसे कार्टून या एनिमेशन. थियोडोर अपना पेन नेम 'डॉ. स्यूस' (Dr. Seuss) लिखते थे. पेन नेम यानी तखल्लुस या उपनाम. थियोडोर अमेरिकी लेखक और कार्टूनिस्ट थे, लेकिन उन्हें सबसे ज्यादा नाम बच्चों के लिए लिखी किताबों की वजह से ही मिला. उनकी 'कैट...' सबसे पहले 1957 में पब्लिश हुई थी.

दि कैट इन दि हैट किताब का कवर
इस किताब में इंसानों जैसी एक बिल्ली दिखाई गई है, जो सफेट पट्टी वाली लाल रंग की हैट पहनती है और लाल रंगी की बो-टाई लगाती है. इस बिल्ली को बारिश के एक दिन सैली और उनके अनाम भाई के घर दिखाया गया है, जब उनकी मां कहीं बाहर गई होती है. बच्चों की मछली के बार-बार मना करने के बावजूद बिल्ली उन्हें एंटरटेन करने के लिए अपनी कुछ ट्रिक्स दिखाती है, लेकिन इस सबमें घर की ऐसी-तैसी हो जाती है.

इसे बच्चे और मछली परेशान होते जाते हैं. फिर वो बिल्ली एक मशीन प्रोड्यूस करती है, जो सब कुछ साफ कर देती है और बच्चों की मां के आने से पहले ही बिल्ली वहां से गायब हो जाती है. अमेरिका में कम उम्र में बच्चों की पढ़ाई कराने पर जो डिबेट चल रही थी, थियोडोर ने ये किताब उसी के जवाब में लिखी थी. बाज़ार में आते ही ये किताब खूब पसंद की गई और खूब बिकी.

कितबिया के अंदर का एक पन्ना
तीन साल में ही इसकी 10 लाख से ज़्यादा कॉपी बिक गई थीं और साल 2001 में अमेरिका की ट्रेड न्यूज मैग्जीन 'पब्लिशर्स वीकली' ने इसे दुनियाभर में बच्चों के लिए लिखी किताबों की लिस्ट में नवें नंबर पर जगह दी थी. 1971 में इस पर एक एनिमेटेड टीवी स्पेशल और 2003 में एक फिल्म भी बनी थी.

फिल्म में बिल्ली ऐसी दिख रही थी
#2. Alfred hitchcock's The Three Investigators
असल में इसका नाम 'दि थ्री इन्वेस्टिगेटर्स' है, जो अमेरिका में बच्चों के लिए लिखी गई डिटेक्टिव बुक सीरीज है. शुरुआत में पब्लिश होने के वक्त इसका नाम 'अल्फ्रेड हिचकॉक ऐंड दि थ्री इन्वेस्टिगेटर्स' रखा गया था, क्योंकि इसके लेखक रॉबर्ट ऑर्थर जूनियर को लगता था कि फेमस इंसान का नाम साथ में लगाने से लोग इसकी तरफ आकर्षित होंगे. तो उन्होंने हॉलीवुड के महान फिल्म डायरेक्टर अल्फ्रेड हिचकॉक का नाम इस्तेमाल किया था.
अल्फ्रेड हिचकॉक ऐंड दि थ्री इन्वेस्टिगेटर्स का कवरबर्टल्समान के मालिकाना हक में आने वाले अमेरिकी पब्लिशर 'रैंडम हाउस' ने इसे सबसे पहले छापा था और उनके पास अब भी इस किताब के कुछ राइट्स (अधिकार) हैं. बाकी अधिकार रॉबर्ट ऑर्थर जूनियर की अगली पीढ़ियों और जर्मनी के पब्लिशर 'कॉसमोस' के पास हैं.

तीन-तीन किताबों का कवर
'थ्री इन्वेस्टिगेटर्स' सीरीज के तीन किरदार तीन लड़के हैं, जिनके नाम जुपिटर जोन्स, पीटर क्रेनशॉ और बॉब एंड्र्यूस हैं. जो मिस्ट्री इन सीरीज में सुलझाई गई हैं, वो वाकई चकरा देने वाली हैं, जैसे एक मिस्ट्री में इजिप्ट की ममी दिखाई गई है, जो फुसफुसाती है और एक में इंसान की खोपड़ी बातचीत करती है.

ये देक्खो
थ्री इन्वेस्टिगेटर्स किताब भारत में भी छपी है. भारत में इसका नाम 'बाल सीक्रेट एजेंट 555 रंगा, गंगा और शिराज़ी' था. रंगा पीटर की जगह था, गंगा जुपिटर की जगह था और शिराज़ी बॉब की जगह था. 1970 में इसे दिल्ली के खेल खिलाड़ी प्रकाशन ने छापा था. भारत के अलावा ये पाकिस्तान, बांग्लादेश, फ्रांस, जर्मनी, इटली, इंडोनेशिया, पोलैंड, पुर्तगाल, स्पेन और स्लोवाकिया में भी छपी थीं. 2007 और 2009 में इस पर फिल्में भी बन चुकी हैं, जो ऑस्ट्रिया में रिलीज़ हुई थीं.

फिल्म में छोरे ऐसे दिखाए गए थे
यहां तक आए हैं, मतलब भले इंसान हैं. तो सैफ के बारे में ये भी पढ़ते जाइए:
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