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कहानी 'मनी हाइस्ट' के 'बर्लिन' की, जिनका इंडियन देवी-देवताओं से ख़ास कनेक्शन है

'बर्लिन' की लोकप्रियता का आलम ये था कि पब्लिक डिमांड पर उन्हें मौत के बाद भी शो का हिस्सा बनाया गया.

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बर्लिन यानी पेड्रो अलोंसो की पूरी कहानी.
'मनी हाइस्ट' के अंतिम पांच एपिसोड्स 3 दिसंबर को नेटफ्लिक्स पर रिलीज़ होने जा रहे हैं. पांच सीज़न लंबे चले इस शो ने पूरे विश्व में अपनी एक अलग फैन फॉलोइंग खड़ी कर ली है. अब तो शो के कैरेक्टर्स के साथ ऑडियंस अपने आपको पर्सनली अटैच्ड फील करती है. वैसे तो ये किरदार इस स्पैनिश टीवी शो के लिए सिर्फ़ दो सीज़न के लिए ही क्रिएट किये गए थे. लेकिन जब 'ला कासा द पापेल' को नेटफ्लिक्स पर 'मनी हाइस्ट' के नाम से स्ट्रीम किया गया, तो चंद महीनों में ही शो के करैक्टर विश्वभर में फ़ेमस हो गए. प्रोफ़ेसर एंड गैंग. रॉबर्स होने के बावजूद ये गैंग दर्शकों के लिए हीरो ही रही. सभी हीरो थे सिवाय एक के. गैंग में एक करैक्टर ऐसा था, जो हीरो नहीं बल्कि एन्टी-हीरो था.
आंद्रेस डे फोंनोलोस्सा आल्सो नोन ऐज़ बर्लिन. मिसोजिनिस्ट. इनसेंसिटिव. क्रूर. एक ऐसा चोर, जिसके लिए चोरी करना एक आर्ट था. आर्ट ऑफ स्टीलिंग. केऑस में भी शांत रहने वाले बर्लिन का ये 'जोकर' टाइप करैक्टर पब्लिक को बहुत पंसद आया. पॉपुलैरिटी का आलम ये रहा कि सेकंड सीज़न में बर्लिन के कैरक्टर की मौत होने के बाद भी जब नेटफ्लिक्स द्वारा शो एक्सटेंड किया गया तो बर्लिन की पॉपुलैरिटी के मद्देनज़र शो क्रिएटर्स ने बर्लिन को फ्लैशबैक सीन्स के ज़रिए सीज़न का हिस्सा बनाए रखा.
बर्लिन की लोकप्रियता ऐसी रही कि जब हमने लल्लनटॉप पर 'मनी हाइस्ट' के प्रोफेसर अलवारो मोर्टे की पूरी कहानी सुनाई, तो कॉमेंट बॉक्स बर्लिन की कहानी की डिमांड से भर गया. डीयर लल्लनटॉपर्स की डिमांड को सिर-आंखों पर रखते हुए हम आपके लिए लेकर आए हैं बर्लिन यानी पेड्रो अलोंसो की पूरी कहानी. # 'वायरस' बर्लिन पेड्रो ओकोरो गोंज़ालेज़ अलोंसो लोपेज़. 21 जून 1971 को स्पेन के विगो शहर में जन्मे पेड्रो ने शुरुआती पढ़ाई रॉयल स्कूल ऑफ ड्रामेटिक आर्ट्स मेड्रिड में की. 1992 में ग्रेजुएट हुए. पेड्रो सिर्फ एक्टिंग ही नहीं करते. बाकायदा लिखते और पेंट भी करते हैं. बतौर राइटर, एक्टर और पेंटर पेड्रो के काम को विश्व स्तर पर सराहना मिलती रहती है.
पेड्रो की बचपन की तस्वीर.
पेड्रो की बचपन की तस्वीर.

पेड्रो साब का एक और स्पेशल टैलेंट है. जैसे '3 इडियट्स' में वायरस ने अपने माइंड को ऐसा ट्रेन कर रखा था कि दोनों हाथों से लिख लेता था. उसी तरीके से पेड्रो भी दोनों हाथों से लिख, पेंट सब कर लेते हैं. और हां ये बात भले सुनने में आसान लग रही हो लेकिन दुनिया में बहुत कम ही लोग ऐसे होते हैं, जो दोनों हाथों से समान रूप से काम कर लेते हैं. रेयर टैलेंट है भाईसाब ये. एकदम रेयर.
म्हारा बर्लिन वायरस से कम है के.
म्हारा बर्लिन वायरस से कम है के.
#जी हां मैं हूं खलनायक आज से ज्यादा नहीं तो 10-15 साल पहले तक एक्टर्स विलन के रोल करने से कतराते थे. कई तो आज भी ज्यादा निगेटिव रोल करने से बचते हैं. क्योंकि फ़िल्म इंडस्ट्री चाहे कहीं की भी हो एक बार अगर विलन के रोल में टाइपकास्ट हो गए, तो कभी-कभी ताउम्र विलन का ठप्पा लगा रहता है. चाहकर भी दूसरे टाइप के रोल नहीं मिलते. लेकिन पेड्रो इस मामले में एक्टर्स की जमात से उलट सोच रखते हैं. पेड्रो को तो असल में विलन के रोल करना ही पसंद है. पेड्रो कहते हैं कि हीरो प्ले करने में बहुत रिस्ट्रिक्शन होते हैं. जबकि विलन के रोल में आप ज़्यादा से ज़्यादा क्रिएटिविटी दिखा सकते हो. एक्टर के पास क्रिएटिव स्पेस ज्यादा होता है. शायद इसीलिए पेड्रो की फिल्मोग्राफी में ज़्यादातर उनका नाम विलन के तौर पर ही मिलता है. ज्यादा विलन के किरदार निभाने के कारण एक बार उनके साथ ट्रेन में अजब वाकया भी हुआ.
पेड्रो ट्रेन से कहीं से आ रहे थे. ये वो वक़्त था, जब टीवी पर उनके दो शोज़ एयर हुआ करते थे. जिसमें एक शो में पेड्रो विलन बने थे और एक में पॉजिटिव किरदार में थे. ट्रेन स्टेशन से छूटी ही थी कि एक महिला पेड्रो के सामने आईं और बोलीं, 'आप हमेशा अच्छा करते हो, अच्छे इंसान हो शायद इसलिए आपको टीवी में भी संत बनाया जाता है'. पेड्रो अपनी तारीफ़ सुन ख़ुशी गटक ही रहे थे कि एक व्यक्ति पेड्रो के पास गया और चीखते हुए बोला कि तुम एक बहुत ही घटिया इंसान हो और तुम सिर्फ साइकोपैथ टाइप के रोल ही प्ले कर सकते हो. ज़ोर से चीखता हुआ बंदा आगे बढ़ गया. पेड्रो कहते हैं उन्हें उस वक़्त जरा भी बुरा नहीं लगा. बल्कि बहुत खुशी हुई कि लोग उनके काम से इतने ज़्यादा प्रभावित थे कि वो समझते हैं करैक्टर का अच्छा-बुरा होना उनके हाथ में है.
पेड्रो को पसंद हैं निगेटिव रोल्स.
पेड्रो को पसंद हैं निगेटिव रोल्स.
#पेड्रो की कलम से पेड्रो मल्टीटैलेंटेड व्यक्ति हैं. एक्टर होने के साथ-साथ डांसर, पेंटर और राइटर भी हैं. बाकायदा प्रोफेशनल राइटर हैं. अब तक पेड्रो कई किताबें लिख चुके हैं. लेकिन पब्लिश सिर्फ एक ही की है. 'लिब्रो डे फ़िलिपो' के नाम से. जिसके कवर का आर्टवर्क भी पेड्रो ने ही डिज़ाइन किया है. पेड्रो की ये किताब जब आप पढ़ेंगे, तो आप नोटिस करेंगे कि पेड्रो ने जो काल्पनिक देश इस किताब में दर्शया है उसका कल्चर बहुत हद तक इंडिया से मिलता है. अब आप सोच रहे होंगे पेड्रो स्पेनी मानुस, उसे कहां मालूम होगा इंडियन कल्चर. अगर ऐसी सोच है तो बदल दीजिए क्यूंकि पेड्रो का बहुत ही स्ट्रोंग इंडियन कनेक्शन है. # क्या है इंडियन कनेक्शन पेड्रो अलोंसो का एक गहरा इंडियन कनेक्शन है. वैसे तो वे ना कभी इंडिया आए हैं और ना ही इंडियन सिनेमा में कोई दिलचस्पी रखते हैं. लेकिन पेड्रो की इंडियन कल्चर में बहुत गहरी रुचि हैं. जैसा कि हमने बताया पेड्रो पेंटर भी हैं और उन्होंने ज़्यादातर भारतीय भगवानों की पेंटिंग्स बना रखी हैं. सिर्फ पेंटिंग्स ही नहीं, उनके घर में भगवान गणेश की मूर्ति भी है. पेड्रो ने अपने इंटरव्यूज़ में भी कई दफ़ा बताया है कि उनके घर में भगवद्गीता भी है. जिसे वो अक्सर पढ़ते हैं.
पेंटर पेड्रो.
पेंटर पेड्रो.
 #कहां से कहां पहुंचे? पेड्रो ने अपना करियर 1995 में 'हैबिटोज़' नाम की शॉर्ट फ़िल्म से शुरू किया था. 1997 तक पेड्रो ने कई शॉर्ट फिल्म्स में काम किया. टीवी पर पहली बार पेड्रो 1997 में 'ऑल मेन आर द सेम' में नज़र आए. 2003 में 'रियास बैक्सास' नाम के टीवी शो से पेड्रो ने टीवी पर एज़ अ लीड ओपनिंग की. 2009 तक पेड्रो ने कई बड़े टीवी शोज़ में काम किया. इन्हें फ़ेम का स्वाद मिला साल 2011 में. जब पेड्रो ने 'ग्रान होटल' नाम के हिस्टॉरिकल ड्रामा शो में डिएगो की भूमिका निभाई. इस शो के बाद पेड्रो स्पेन में खूब पॉपुलर हो गए.
स्पेन वाले तो जान गए लेकिन दुनिया अभी भी पेड्रो के टैलेंट से बेखबर थी. लेकिन ज्यादा वक़्त नहीं लगा दुनिया की ये बेखबरी दूर होने में. साल 2017 में 'ला कासा द पापेल' में 'बर्लिन 'का कैरक्टर निभाकर पेड्रो बर्लिन से लेकर बॉस्टन तक विश्व प्रसिद्ध हो गए. प्रसिद्धि इस स्तर बढ़ी कि 2018 में GQ मैगज़ीन द्वारा 'इंटरनेशनल स्टार ऑफ द ईयर' घोषित किए गए. # गर्लफ्रेंड टाटियाना कनेक्शन 'मनी हाइस्ट' में बर्लिन की गर्लफ्रेंड का नाम होता है टाटियाना. ये तो आप सभी को याद ही होगा. लेकिन ये नाम यूहीं नहीं था. इसके पीछे की बात ये है कि रियल लाइफ में भी पेड्रो की गर्लफ्रेंड का नाम टाटियाना ही है. शो के राइटर इस बात से वाकिफ़ थे, इसलिए उन्होंने जानबूझकर करैक्टर का नाम ये रखा. # क्या होते हैं शामैनिक, जो बर्लिन हैं? बर्लिन शामैनिक हैं. शामैनिक क्या होता है? शैमेनिज्म एक बहुत ही पुराना और बहुत ही विवादित धर्म है. इस धर्म के मानने वालों के बारे में कहा जाता है कि वो आत्माओं से बात करते हैं. पेड्रो बताते हैं कि उन्होंने भी मेक्सिको में एक बार शामैनिक क्रिया की थी. पेड्रो कहते हैं ये क्रिया उन्होंने 'मनी हाइस्ट' की स्क्रिप्ट मिलने से एक दिन पहले की थी. जब उन्होंने स्क्रिप्ट पढ़ी तब उन्हें हैरत हुई क्यूंकि बर्लिन का करैक्टर भी शामैनिक था.
पेड्रो अलोंसो एकेए बर्लिन.
पेड्रो अलोंसो एकेए बर्लिन.
# गे बार में काम करते थे 'मनी हाइस्ट' में बर्लिन के किरदार को बाइसेक्शुअल दिखाया गया है. जिस कारण असल जीवन में भी कई बार पेड्रो से लोग पूछते रहते हैं कि क्या वो गे हैं? लेकिन पेड्रो कहते हैं उन्हें फैन्स के इन सवालों से कोई परेशानी नहीं होती. बल्कि खुशी होती है कि उन्होंने इतने कंविंसिंगली बर्लिन का करैक्टर का निभाया है कि लोग उन्हें असल में गे समझने लगे हैं. पेड्रो बताते हैं कि ये पहली बार नहीं है जब उनसे ये सवाल पूछे जा रहे हैं. ग्रेजुएशन के बाद उन्होंने कुछ वक़्त गे बार में भी काम किया था. पेड्रो बताते हैं कि काम खत्म कर जब भी वो घर जाया करते थे, तो उनसे कई लोग उस वक़्त पूछा करते थे कि क्या वो होमोसेक्शुअल हैं.
पेड्रो एक बेटी के पिता भी हैं. पेड्रो अक्सर कहते हैं कि इंडिया से उन्हें ख़ास लगाव है और वो बहुत जल्द इंडिया टूर पे भी आएंगे. चलिए पेड्रो तो जब इंडिया आएंगे तब आएंगे. लेकिन बर्लिन 3 दिसंबर को नेटफ्लिक्स पर आ जाएगा. तैयारी रखिए. तब तक के लिए बर्लिन स्टाइल में 'बेला चाओ'.

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