इस बात पर आपत्ति क्यूं होगी, इसे आज के समय में काफ़ी अच्छे से समझा जा सकता है. ये चुनावों का वक़्त है. ऐसे में कोई भी राजनीतिक आदमी किसी भी वोटिंग सेंटर के आस-पास अपनी पार्टी के निशान के साथ मिल जाए तो उस पर कार्रवाई हो सकती है. क्यूंकि सिम्बल कुछ कहता है. ऐसे हर निशान की कहानी है. हमारे देश में हाथ का पंजा कांग्रेस की छाप है. कमल भाजपा का. साइकिल, हाथी वगैरह वगैरह. यहां का हाथी अमरीका में जाता है तो रिपब्लिकन हो जाता है. लेकिन जिस तरह से कम्युनिस्ट्स का निशान हंसिया और हथौड़ा होता है वैसे ही पूरे ब्रह्माण्ड में 45 डिग्री पर मुड़े हुए काले रंग में रंगे स्वास्तिक का एक ही मतलब होता है - हिटलर. और हिटलर सवा करोड़ हत्याओं का पर्याय है जिसे एक छिछली बातें करने वाला पंजाबी रैपर अपनी देह पर ओढ़ कर चलता है और बड़ी शान से इन्स्टाग्राम पर जिसकी तस्वीर वो पोस्ट करता है. हनी सिंह के गानों, रैप्स में उनके पुरुष होने का दंभ हमेशा से ही दिखाई दिया है. और ये बहुत हद तक ताकत से जोड़ा जाता है. वो ताकत जो नाज़ी खुद में मौजूद मानते थे. और यहीं बात आती है ऑस्कर शिंडलर की. ऑस्कर शिंडलर यानी एक जर्मन इंडस्ट्रियलिस्ट, जिसने हिटलर के शासन के दौरान लगभग 1200 यहूदियों को मरने से बचाया. इस आर्टिकल की शुरुआत में जिस बातचीत के बारे में लिखा गया है, कमाल के डायरेक्टर स्टीवेन स्पीलबर्ग की बनाई फ़िल्म शिंडलर्स लिस्ट में मौजूद है. हनी सिंह को कुछ नहीं तो ये फ़िल्म ही देख डालनी चाहिए क्यूंकि उनके होश को हिलाने के लिए ये फ़िल्म ही काफ़ी होगी. कूल बनने के चक्कर में हनी सिंह ने दिखा दिया, वह कितने बड़े फ़ूल हैं!
हिंदी वाला फूल नहीं, इंग्लिश वाला फ़ूल.
Advertisement

हनी सिंह ने अपनी यह तस्वीर डिलीट कर दी है.
ऑस्कर: ताक़त वो होती है जब हमारे पास किसी को मार देने की हर वजह होती है लेकिन हम उसे छोड़ देते हैं. आमोन: तुम्हें लगता है इसे ताकत कहते हैं? ऑस्कर: राजा ने यही कहा था. एक आदमी ने कुछ चोरी की. उसे राजा के सामने लाया गया. चोर राजा के सामने गिड़गिड़ाने लगा. उसे मालूम था कि उसे मार दिया जाएगा. वो अपनी जान की भीख मांग रहा था. और राजा... राजा ने उसे माफ़ कर दिया. उस घटिया आदमी को राजा ने जाने दिया... आमोन: तुम्हें चढ़ गई है. ऑस्कर: आमोन, इसे ही ताकत कहते हैं. ताकत. ये बातें हो रही थीं ऑस्कर शिंडलर और आमोन के बीच. आमोन गोएथ जो कि हिटलर के एक कॉन्सन्ट्रेशन कैम्प का कमान्डेंट था. हिटलर. मानव इतिहास के सबसे कुख्यात इंसानों में से एक. एक इंसान जिसने 4 सालों में सवा करोड़ लोगों से ज़्यादा को मरवा दिया. हिटलर ने पूरे यूरोप के दो तिहाई यहूदियों को मरवा दिया. वजह? उसकी सनक. उसे ये लगता था कि यहूदियों को जीने का कोई हक़ नहीं है और वो खुद इस दुनिया के सर्वश्रेष्ठ वंश से जुड़ा हुआ है. इस हिटलर का एक सिम्बल था. स्वास्तिक. 1920 में नाज़ी पार्टी ने इसे अपनाया था. लाल बैकग्राउंड. सफ़ेद गोला और उसमें 45 डिग्री पर दाहिनी ओर मोड़ा गया स्वास्तिक. अगर आपने इसे कहीं भी नहीं देखा है तो नीचे तस्वीर में देख लीजिये. इसमें एक शख्स है. यो यो हनी सिंह. पंजाबी रैपर है जिसने एक से एक घटिया लिरिक्स लिखे हैं. कुछ वक़्त के लिए गायब था. कहा जाता है कि रीहैब में था. वापस आया. और ये तस्वीर इन्स्टाग्राम पर पोस्ट की. हालांकि अब इस तस्वीर को इसने हटा लिया है. लेकिन ज़माना स्क्रीनशॉट का चल रहा है. हनी सिंह ने अपने कुर्ते/शर्ट/टीशर्ट पर जो सिम्बल छपवाया हुआ है, नाज़ी स्वास्तिक का है.
इस बात पर आपत्ति क्यूं होगी, इसे आज के समय में काफ़ी अच्छे से समझा जा सकता है. ये चुनावों का वक़्त है. ऐसे में कोई भी राजनीतिक आदमी किसी भी वोटिंग सेंटर के आस-पास अपनी पार्टी के निशान के साथ मिल जाए तो उस पर कार्रवाई हो सकती है. क्यूंकि सिम्बल कुछ कहता है. ऐसे हर निशान की कहानी है. हमारे देश में हाथ का पंजा कांग्रेस की छाप है. कमल भाजपा का. साइकिल, हाथी वगैरह वगैरह. यहां का हाथी अमरीका में जाता है तो रिपब्लिकन हो जाता है. लेकिन जिस तरह से कम्युनिस्ट्स का निशान हंसिया और हथौड़ा होता है वैसे ही पूरे ब्रह्माण्ड में 45 डिग्री पर मुड़े हुए काले रंग में रंगे स्वास्तिक का एक ही मतलब होता है - हिटलर. और हिटलर सवा करोड़ हत्याओं का पर्याय है जिसे एक छिछली बातें करने वाला पंजाबी रैपर अपनी देह पर ओढ़ कर चलता है और बड़ी शान से इन्स्टाग्राम पर जिसकी तस्वीर वो पोस्ट करता है. हनी सिंह के गानों, रैप्स में उनके पुरुष होने का दंभ हमेशा से ही दिखाई दिया है. और ये बहुत हद तक ताकत से जोड़ा जाता है. वो ताकत जो नाज़ी खुद में मौजूद मानते थे. और यहीं बात आती है ऑस्कर शिंडलर की. ऑस्कर शिंडलर यानी एक जर्मन इंडस्ट्रियलिस्ट, जिसने हिटलर के शासन के दौरान लगभग 1200 यहूदियों को मरने से बचाया. इस आर्टिकल की शुरुआत में जिस बातचीत के बारे में लिखा गया है, कमाल के डायरेक्टर स्टीवेन स्पीलबर्ग की बनाई फ़िल्म शिंडलर्स लिस्ट में मौजूद है. हनी सिंह को कुछ नहीं तो ये फ़िल्म ही देख डालनी चाहिए क्यूंकि उनके होश को हिलाने के लिए ये फ़िल्म ही काफ़ी होगी.
इस बात पर आपत्ति क्यूं होगी, इसे आज के समय में काफ़ी अच्छे से समझा जा सकता है. ये चुनावों का वक़्त है. ऐसे में कोई भी राजनीतिक आदमी किसी भी वोटिंग सेंटर के आस-पास अपनी पार्टी के निशान के साथ मिल जाए तो उस पर कार्रवाई हो सकती है. क्यूंकि सिम्बल कुछ कहता है. ऐसे हर निशान की कहानी है. हमारे देश में हाथ का पंजा कांग्रेस की छाप है. कमल भाजपा का. साइकिल, हाथी वगैरह वगैरह. यहां का हाथी अमरीका में जाता है तो रिपब्लिकन हो जाता है. लेकिन जिस तरह से कम्युनिस्ट्स का निशान हंसिया और हथौड़ा होता है वैसे ही पूरे ब्रह्माण्ड में 45 डिग्री पर मुड़े हुए काले रंग में रंगे स्वास्तिक का एक ही मतलब होता है - हिटलर. और हिटलर सवा करोड़ हत्याओं का पर्याय है जिसे एक छिछली बातें करने वाला पंजाबी रैपर अपनी देह पर ओढ़ कर चलता है और बड़ी शान से इन्स्टाग्राम पर जिसकी तस्वीर वो पोस्ट करता है. हनी सिंह के गानों, रैप्स में उनके पुरुष होने का दंभ हमेशा से ही दिखाई दिया है. और ये बहुत हद तक ताकत से जोड़ा जाता है. वो ताकत जो नाज़ी खुद में मौजूद मानते थे. और यहीं बात आती है ऑस्कर शिंडलर की. ऑस्कर शिंडलर यानी एक जर्मन इंडस्ट्रियलिस्ट, जिसने हिटलर के शासन के दौरान लगभग 1200 यहूदियों को मरने से बचाया. इस आर्टिकल की शुरुआत में जिस बातचीत के बारे में लिखा गया है, कमाल के डायरेक्टर स्टीवेन स्पीलबर्ग की बनाई फ़िल्म शिंडलर्स लिस्ट में मौजूद है. हनी सिंह को कुछ नहीं तो ये फ़िल्म ही देख डालनी चाहिए क्यूंकि उनके होश को हिलाने के लिए ये फ़िल्म ही काफ़ी होगी. Advertisement













