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सितारों को 'तारे' दिखाने वाली शख्सियत कौन? अपना केआरके...

भसड़ सिमटकर गिरती है, तो आसमान से अदृश्य बिजली चमकने के साथ आकाशवाणी होती है, 'रे केआरके, उठ गया के.

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इनके बारे में ये नहीं पूछते ये कौन है, सवाल होता है: 'ये क्या है?'
'ऐह. हिंदुस्तान में 31 राज्य हैं. 1618 भाषा. 6 हजार 4 सौ जातियां और छह धर्म होने के बावजूद हिंदुस्तान एक है.' इनवर्टेड कोमा में दम तोड़ता ये डायलॉग जब सिनेमाई पर्दे पर अवतार ले रहा था. तब डायलॉग के उद्गम स्थान पर संतरी रंग का 'धूम मचाले टाइप्स' ब्लेजर पहने एक बंदा एक्सप्रेशन के नाम पर चेहरे पर उगी अवैध मूंछों को हिला रहा था. स्वागत कीजिए. Fool बरसाइए. आज (1 जनवरी) हम सबके दुलारे ऑस्कर इन पाइपलाइन 'एक्टर' कमाल राशिद खान का जन्मदिन  है. हैप्पी बर्थडे केआरके.   फोटो क्रेडिट: NASA :razz:  krk भसड़ समझते हैं. फैलने के लिए जानी जाती है. बवाल कहीं होता है, वो कहते हैं कि भसड़ फैल गई. लेकिन जब यही भसड़ सिमटकर गिरती है, तो आसमान से अदृश्य बिजली चमकने के साथ आकाशवाणी होती है, 'रे केआरके बेटा, उठ गया के. पहले नहा, मुंह धो ले, जूड़ा बांध ले. फिर बोलियो कुछ.' पर जैसे एक आम इंसान एक बार में बात नहीं समझता है. ठीक इंसानों की ही तरह केआरके भी एक बार में बात नहीं समझते हैं. 2018 चल रिया है तो तकनीक के साथ भसड़ भी मॉडर्न हो चुकी है. अब फैलने की बजाय सिमटी भसड़ वीकली गिरती है. जब जब कोई फिल्म रिलीज होती है. सदी के महासमीक्षक केआरके यू-ट्यूब पर रिव्यू ढेल देते हैं. लॉजिक्स और रिव्यू की बारीकियों में जाएंगे तो जेहन में टार जमने के जिम्मेदार आप खुद होंगे.
भोजपुरी में एक सुपरडुपर 'पिट' फिल्म आई थी, मुन्ना पांडे बेरोजगार. सीन कुछ ऐसा था कि एक अंकिल आकर कहते हैं, 'सर हमारी कंपनी का विरोधी है एक अंडरवर्ल्ड माफिया.' सीधा सीन जिस बंदे पर टिकता है वो महान हस्ती होते हैं साडे केआरके. तब चूंकि स्वच्छ भारत अभियान नहीं चला था तो केआरके की मूंछें लीक होकर होंठों के दोनों तरफ फैल गई थी. अगर आप केआरके के तगड़े वाले फैन नहीं हैं तो आप केआरके को पहचान नहीं पाएंगे. ऊपर से केआरके की शक्ल तब दिखती है, जब तमंचे से फायरिंग जैसा कुछ होकर तीन लोग फर्श पर लेट चुके होते हैं. सीन का अपवित्र उद्देश्य ये था कि डॉन केआरके लेटे हुए लोगों का मर्डर करते हैं. u7s0f गांव में गोबर गैस प्लांट लगता है. बड़ा गहरा गड्ढा किया जाता है. गोबर भरा जाता है. तब निकलती है आग. उसमें पकता है खाना. अब इसी टेक्नीक के साथ गांव से लौटिए शहर. 140 शब्द भर देने जित्ता गड्ढा. भरना गोबर है. ताकि निकले आग उगलती आग. अर्थ में सवाल गूंजा, ये काम कौन करेगा. सब चुप रहे. तभी एक बंदा खड़ा हुआ, तेरा ध्यान किधर है, केआरके इधर है. @kamaalrkhan प्लांट बनाया गया. आवश्यक सामग्री डाली जाती रही. और न्यूज वेबसाइट वालों को खबर के लिए कच्चा माल मिलता रहा. लोग लोट पोट होने के साथ पकते रहे. फ्लेवर वही. दूसरों को गरियाना. ऊटपटांग कमेंट करना. हीरोइन, हीरो को दैया मैया करना. खुद को तुर्रम खां बताना. केआरके के ट्वीट और रिव्यू जनरली नफरत से भरे होते हैं. रजनीकांत, सोनाक्षी सिन्हा, ऋषि कपूर, दीपिका पादुकोण, शाहरुख खान, बराक ओबामा, करन जोहर. मतलब ऐसा कोई सगा-सौतेला नहीं, जिसपे केआरके ने ज्ञान ठेला नहीं. कई बार इस चक्कर में ट्विटर पर ट्रॉल भी हुए हैं पर उसे भी ये कीर्तिमान की तरह देखते हैं. आज बर्थडे हैं तो ज्यादा कुछ हम बोलेंगे नहीं, बस हैप्पी वाली शुभकामनाएं के साथ केआरके की वर्ल्ड फेमस मूवी का डायलॉग एडिटिंग के साथ पेश करना चाहूंगा. 'जितनी नफरत हमारे लिए तुम्हारे दिल में है. उससे ज्यादा प्यार तुम्हारे लिए हमारे सीने में है.' कभी करीब आकर देखना, बकलोलों को भी इंसान समझते हैं हम लोग.

ये स्टोरी दी लल्लनटॉप के लिए विकास ने लिखी थी.

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