"इटली से अमृतसर आई एयर इंडिया की एक फ़्लाइट में 125 यात्री कोरोना से संक्रमित पाए गए हैं."
बहुत से मीडिया हाउस ने ये ख़बर चलाई कि एयर इंडिया की एक फ़्लाइट, जो रोम से अमृतसर आई है, उसके कई यात्री कोरोना पॉज़िटिव निकले हैं. ये ख़बर पूरी तरह से ग़लत है. एयर इंडिया की रोम से फ़िलहाल कोई भी फ़्लाइट अभी नहीं आ रही है.
वॉट्सएप वाली पत्रकारिता को नकारने का एक और कारण, कई बड़े मीडिया संस्थानों को इस तरह फंसते देखा है.
डर बेचने वाली भारतीय मीडिया, जो फ्लाइट असल में चलती ही नहीं उसकी ख़बर चला दी. मुझे ये वाक्या "A Few Good Men" मूवी की याद दिला रहा है.
भारतीय मीडिया क्लिक बेट करने वाले यूट्यूबर्स को शर्मसार कर देगी.
देश में कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ने के बीच गुरुवार, 6 जनवरी को कुछ मीडिया रिपोर्टों में ये ख़बर चली. लेकिन ये जानकारी पूरी तरह सही नहीं निकली. इटली के रोम से एक प्लेन अमृतसर आया जरूर, और उसमें सवार 179 यात्रियों में से 125 कोरोना संक्रमित भी पाए गए, लेकिन ये फ्लाइट Air India की नहीं थी. कई जगह खबर चलने के बाद एयर इंडिया ने ख़ुद ट्वीट कर इसका खंडन किया है. अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से उसने बताया, सही जानकारी सामने आने के बाद लोग मीडिया पर चढ़ बैठे. एक से बढ़कर एक तंज मारे गए. एकाध आप भी देखिए. निर्भय कुमार नाम के ट्विटर यूजर ने लिखा, आकाश दीवान ने लिखा, गो टू कैलाश नाम के ट्विटर यूजर ने लिखा वागा बोंड नाम के ट्विटर यूजर लिखते हैं
भारत में मीडिया वह करती है जो समझ से परे है
देश में ओमिक्रॉन की मौजूदगी की पुष्टि के बाद से कोविड-19 के मामलों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. कई बड़े राज्यों में लॉकडाउन लगने की सुगबुगाहट है. बीते 24 घंटों में 90 हजार से ज्यादा केसों की पुष्टि हुई है. यानी तीसरी लहर के साफ संकेत हैं. जाहिर है विदेश से आए लोगों के जरिये संक्रमण और फैलने की आशंका से लोग डरे हुए हैं. इसीलिए जब ये पता चला कि ये 125 केस एयर इंडिया नहीं बल्कि एक इंटरनेशनल फ्लाइड के जरिये भारत में आए तो ट्विटर पर इस तरह के रिएक्शन देखने को मिले.