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हारी हुई बाज़ी जीतने वाले को तब नेपोलियन कहते थे

"द वर्ड इंपॉसिबल इज नॉट इन माई डिक्शनरी" दरअसल नेपोलियन की डिक्शनरी का डायलॉग है. आज यानी 5 मई को वो इस दुनिया से गए थे.

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फोटो - thelallantop
क्लास 8th के पहले तक नेपोलियन का मतलब हमारे लिए सिर्फ एक धांसू डायलॉग था . "द वर्ड इंपॉसिबल इज नॉट इन माई डिक्शनरी". उस टाइम रोब जमाने के लिए हम ये डायलॉग मारते थे. स्कूल के दिनों के सबसे मुश्किल काम. यानी क्लास का बेस्ट प्रोजेक्ट बनाना. इसी वाक्य के सहारे होता था. फिर क्लास 8th में आकर पता चला कि ये तो एक सम्राट था. जिसने दनादन पूरा यूरोप जीत लिया था.
एग्ज़ाम में सबसे अच्छा शॉर्ट नोट हमने लिखा था क्लास में नेपोलियन पर. एक बच्चे ने कुछ नहीं पढ़ा था. नाम के हिसाब से उसने लिख दिया था नेपोलियन एक नेपाली राजा था. धीरे-धीरे नेपोलियन के बारे में पढ़ते-सुनते गए और पता लगता गया कि नेपोलियन हिस्ट्री का एक चैप्टर मात्र नहीं है.
नेपोलियन 15 अगस्त 1769 को पैदा हुए थे. कॉर्सिका में. कोर्सिका फ्रांस में एक आइलैंड है. जिस साल नेपोलियन पैदा हुए थे उसके एक साल पहले ही कॉर्सिका को फ्रांस ने इटली से जीता था. 5 मई 1821 को नेपोलियन की मौत हुई थी. अब चलो कक्षा 8 के ज्ञान को आगे बढ़ाया जाए. नेपोलियन के पप्पा वकील थे. 8 बच्चे थे उनके जिनमें नेपोलियन दूसरे नंबर के थे.
नेपोलियन ने फ्रांस की मिलिट्री ज्वाइन की. मिलिट्री में उनकी पोजिशन लगातार बढ़ती गई. लेकिन फ्रेंच रिवॉल्यूशन के ज्यादातर समय वो मिलिट्री से छुट्टी पर थे.
Napoleon at 23 Source: Wikipedia
Napoleon at 23 Source: Wikipedia

फ्रेंच रिवॉल्यूशन, जो 1789 में शुरू हुआ था. फ्रांस के लोगों ने अपने किंग, किंग लुई सोलहवें से परेशान होकर उसके खिलाफ बगावत कर दी थी. इसके बाद फ्रांस में राजशाही हुई खत्म. जनता का राज हो गया. लिबर्टी, इक्वलिटी और फ्रेटरनिटी यानी कि आजादी, समानता और भाईचारा का आइडिया फ्रेंच रिवॉल्यूशन में ही उपजा था. उसी फ्रांस की मिलिट्री ज्वाइन की नेपोलियन ने.
1793 में नेपोलियन का परिवार कॉर्सिका आइलैंड से फ्रांस के मेनलैंड आ गया. यहां आकर नेपोलियन ने वापस ड्यूटी ज्वाइन की. यहां उनकी ऑगस्टिन रॉबस्पियर से दोस्ती हो गई. ऑगस्टिन रॉबस्पियर, मैक्समिलियन रॉबस्पियर के भाई थे. अब पूछो ये कौन है? सुनो, फ्रेंच रिवॉल्यूशन के टाइम पे एक क्लब बना था, जैकोबिन क्लब. जो लोग रिवॉल्यूशन के खिलाफ आते थे, उनकी गर्दन धड़ से अलग कर देते थे. इस पीरियड का बाकायदा नाम पड़ गया, "रेन ऑफ टेरर". इसी में किंग लुई XVI और उनकी बीवी की भी गर्दन काट दी गई. मैक्समिलियन रॉबस्पीयर जैकोबिन क्लब के आदमी थे.
बात नेपोलियन की हो रही थी हम फिसल गए कहीं और. वापस चलो नेपोलियन पर. 1795 में फ्रांस की 'डायरेक्टरी' ने नेपोलियन को इंग्लैंड पर चढ़ाई करने के लिए बोला. राजा लुई के मरने के बाद 'डायरेक्टरी' ही फ्रांस की सब कुछ थी. इसको उस टाइम की सरकार कह सकते हो. ये पांच लोग का एक ग्रुप था.
नेपोलियन अपनी सेना की कमजोरी और उसकी पावर को जानते थे. पता था कि ब्रिटेन के आगे उनकी सेना कमजोर पड़ जाएगी. फिर दिमाग में प्लान आया. सबके साथ बैठ के सलाह की कि इजिप्ट को हथिया लिया जाए. इजिप्ट माने मिस्र. इससे ब्रिटेन का इंडिया के साथ ट्रेड रूट खत्म हो जाएगा. मार्केट और बिजनेस सब मचमचा के बैठ जाएगा. नेपोलियन की लीडरशिप में फ्रांस की सेना ने इजिप्ट को जीत लिया.
लेकिन 1798 में उनकी सेना फंस गई. ब्रिटेन ने नेपोलियन की नौसेना तबाह कर दी. तब नेपोलियन ने सेना को इजिप्ट में छोड़ दिया और फ्रांस लौट गए. फ्रांस में पॉलिटिकल हालात बिगड़ रहे थे. लेकिन नेपोलियन बाजीगर थे. वो एक ग्रुप द कू ऑफ 18 ब्रूमायर के मेंबर थे. इस ग्रुप ने फ्रांस को कंट्रोल कर रही डायरेक्टरी को खत्म कर दिया. डायरेक्टरी की जगह तीन लोगों को कॉन्सलेट(दूतावास) बना. नेपोलियन को उसका इंचार्ज बना दिया गया. इस तरह नेपोलियन फ्रांस के लीडर बन गए.
इसके बाद फ्रांस ने ऑस्ट्रिया से लड़ाई लड़ी. ऑस्ट्रियन्स को इटली से खदेड़ दिया. ये फ्रांस की कमान संभालने के बाद नेपोलियन की पहली जीत थी. इसके बाद 1804 में नेपोलियन ने खुद को फ्रांस का राजा घोषित कर दिया.
Source: Wikipedia
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लेकिन फिर याद आती है वो मशहूर कव्वाली. चढ़ता सूरज धीरे धीरे ढलता है ढल जाएगा. नेपोलियन का सूरज भी बहुत चमक चुका था. अब डूबने की बारी थी. नेपोलियन का डाउनफॉल शुरू हुआ जब 1812 में उसने रूस पर हमला किया. रूस ने रणनीति बना कर उस लड़ाई को संभाल लिया. पहले नेपोलियन और उसकी सेना को मॉस्को तक पहुंचने दिया. फिर शहर के चारो तरफ आग लगा दी ताकि सेना तक कोई सप्लाई न पहुंच सके. भूखे प्यासे लोग कैसे लड़ेंगे. शहर को पहले ही खाली करा लिया था. एक महीने तक नेपोलियन ने इंतजार किया. लेकिन ठंड शुरू होने पर उसे लौटना पड़ा.
फिर पेनिन्सुलर वॉर हुआ. इसमें पुर्तगाल, स्पेन और ब्रिटेन साथ थे. फ्रांस फिर हार गया. अप्रैल, 1814 में नेपोलियन को गद्दी छोड़नी पड़ी. नेपोलियन को देशनिकाला दे दिया गया और एल्बा भेज दिया. लेकिन एक साल भी नहीं बीता था, नेपोलियन एल्बा से भाग निकले. एक हजार समर्थक लेकर पहुंचे पेरिस. वहां उनका भयंकर स्वागत हुआ. एकदम राजाओं जैसा. 1815 में बैटल ऑफ वाटरलू में ब्रिटेन ने नेपोलियन को हरा दिया. उनको सेंट हेलेना भेज दिया गया जहां 51 साल की उमर में वो दुनिया से कूच कर गए.
Josephine_de_Beauharnais
नेपोलियन की पत्नी जोसेफीन

अब तक जो पढ़ा वो नेपोलियन की प्रोफेशनल लाइफ थी. जिसमें सिर्फ मार काट और लड़ाइयां थीं. अब नेपोलियन की पर्सनल लाइफ के बारे में भी जान लो. नेपोलियन की वाइफ थी जोसेफीन डी बोहार्निस. और नेपोलियन के कोई बच्चे नहीं थे. नेपोलियन को उत्तराधिकारी चाहिए था. इसलिए जोसेफीन को तलाक दे दिया. फिर ऑस्ट्रिया की प्रिंसेस मारिया लुइजा से शादी कर ली. इन दोनों से पहले नेपोलियन को डिज़ायर क्लैरी से प्यार हुआ था. सगाई भी हो गई थी. क्लैरी एक रईस परिवार की लड़की थी. पापा व्यापारी थे और इनकी शादी के खिलाफ थे. इसलिए दोनो का ब्रेकअप हो गया. बाद में क्लैरी स्वीडन की रानी बन गईं.


स्टोरी दी लल्लनटॉप के साथ इंटर्नशिप कर रही आकांक्षा ने एडिट की है.

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