#1 हिंदू रिवाज़ से हुई शादी पाकिस्तान में मान्य नहीं है. #2 नागरिकता संशोधन कानून उन शरणार्थियों के लिए है जिन्हें बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान में धार्मिक आधार पर प्रताड़ित किया गया हो. #3 NRC के लिए जन्म प्रमाण पत्र, स्कूल सर्टिफिकेट, आधार, राशन कार्ड और वोटर कार्ड का इस्तेमाल बतौर दस्तावेज़ हो सकता है.
जग्गी वासुदेव के इस वीडियो पर जब सवाल उठने शुरू हुए, तो हमारे साथी रजत ने उस वीडियो की पड़ताल की. पड़ताल में हमें जो पता चला उसे आप इस आर्टिकल के आखिर में पढ़ सकते हैं.
सद्गुरु का झूठ पकड़े जाने के बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
और गृहमंत्री अमित शाह
ने इस वीडियो के लिंक को शेयर किया. 30 दिसंबर को. ट्विटर पर.

पीएम मोदी और गृहमंत्री के ट्वीट देखिए.
इस वीडियो को BJP के आधिकारिक फेसबुक पेज पर भी शेयर किया गया. हिंदी
और इंग्लिश
में कैप्शन के साथ एक ही वीडियो दो बार पोस्ट किया गया. हिंदी कैप्शन के साथ पोस्ट किए गए इस वीडियो को 28 लाख और इंग्लिश कैप्शन के साथ पोस्ट किए गए इस वीडियो को 16 लाख बार देखा जा चुका है.
इन दोनों वीडियो को BJP ने फेसबुक पर प्रमोट भी किया. यानी पैसे देकर प्रचार किया. इंग्लिश वाले वीडियो के लिए BJP अब तक दो से ढाई लाख रुपये खर्च कर चुकी है. इस स्पॉन्सर्ड पोस्ट को 10 लाख से ज्यादा इम्प्रेशन मिले हैं. इस ऐड को 30 दिसंबर को शुरू किया गया था जो 7 जनवरी को भी एक्टिव है. इस ऐड की आईडी नंबर 771724839977277 है. इस ऐड को BJP के दिनेश चौधरी ने फाइल किया था.

(स्क्रीनशॉट: फेसबुक ऐड लाइब्रेरी)
अब हिंदी कैप्शन के साथ जो वीडियो पोस्ट किया गया, उसकी बात. BJP ने इस वीडियो को भी प्रमोट किया. 7 जनवरी तक कुल 3 बार. पहली बार 30 दिसंबर को प्रमोट किया. इस बारएक से सवा लाख रुपये खर्च किए. BJP को इस ऐड पर 1 लाख से ज्यादा इम्प्रेशंस मिले. इस ऐड की आईडी 1378183305674685 है. यह ऐड अभी इनएक्टिव है.

जब पहली बार फेसबुक वीडियो पोस्ट को बूस्ट किया गया. (फोटो: फेसबुक डेटा लाइब्रेरी)
इसके बाद 2 जनवरी को फिर से इस वीडियो पोस्ट को प्रमोट किया गया. अबकी बार इस पोस्ट पर 60-70 हजार रुपये खर्च किए. BJP को इस ऐड पर भी 1 लाख से ज्यादा इम्प्रेशन मिले. इस ऐड की आईडी 459424264695631 है .यह ऐड भी अभी इनएक्टिव है.

दूसरी बार जब फेसबुक वीडियो पोस्ट को बूस्ट किया गया. (फोटो: फेसबुक डेटा लाइब्रेरी)
इसके बाद तीसरी बार जग्गी वासुदेव का वीडियो फिर से प्रमोट किया गया. 6 जनवरी को. यह ऐड अभी एक्टिव है और इस ऐड पर अभी तक 10 से 15 हजार रुपए खर्च किए जा चुके हैं. इस ऐड की आईडी 634627417282090 है. इन तीनों ही ऐड को BJP के दिनेश चौधरी ने फाइल किया.

तीसरी बार जब फेसबुक वीडियो पोस्ट को बूस्ट किया गया. (फोटो: फेसबुक डेटा लाइब्रेरी)
आसान भाषा में पूरा समझिए
BJP ने जग्गी वासुदेव के CAA और NRC वाले वीडियो को अपने आधिकारिक फेसबुक पेज पर पोस्ट किया. दो बार. एक बार इंग्लिश और एक बार हिंदी में. फेसबुक ऐड लाइब्रेरी से हमें ये डेटा मिला कि BJP ने 29 दिसंबर से 4 जनवरी तक चार बार पोस्ट प्रोमोट किए. 4 जनवरी तक BJP ने इन वीडियोज़ पर 2,50,822 रुपये खर्च किए. यह इस हफ्ते (29 दिसंबर से 4 जनवरी) में किसी एक पेज द्वारा भारत में फेसबुक ऐड में सबसे ज्यादा खर्च की गई रकम है.
अब चूंकि 4 जनवरी के बाद भी BJP इन पोस्ट्स पर पैसे लगाकर प्रचार कर रही है तो ऐसे में यह रकम और बढ़ेगी. बीजेपी 7 जनवरी तक करीब 4.15 लाख रुपये खर्च कर चुकी है. हालांकि, यह फाइनल डेटा नहीं है. इसमें बदलाव संभव है लेकिन बहुत ज्यादा नहीं.
पड़ताल में हमें क्या पता चला था?
पहला दावा हिंदू रिवाज से हुई शादी पाकिस्तान में कानूनी तौर पर वैध नहीं है.
फैक्ट साल 2017 में
पाकिस्तान की नेशनल असेंबली ने हिंदू मैरिज बिल पास किया था. इसके तहत हिंदू रिवाज़ से हुई शादी को कानूनी रूप से रजिस्टर किया जाएगा. ये पाकिस्तान में रह रहे हिंदुओं के शादी से जुड़े अधिकारों और हक़ों की रक्षा करने के मक़सद से लाया गया था. नेशनल असेंबली में आने से पहले ऐसा ही बिल 2016 में सिंध प्रांत की असेंबली से पास हुआ था. यानी जग्गी वासुदेव का दावा कि ‘पाकिस्तान में हिंदुओं की शादी को कानूनी मान्यता नहीं मिलती’, ग़लत है. हालांकि यहां एक बात जोड़नी ज़रूरी है. जग्गी वासुदेव ने वीडियो में कहा है कि वो अपने दावे के बारे में पूरी तरह श्योर नहीं हैं.
दूसरा दावा नागरिकता संशोधन कानून (2019) उन शरणार्थियों के लिए है जिन्हें पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में धार्मिक आधार पर प्रताड़ित किया गया हो.
फैक्ट नागरिकता संशोधन कानून (2019) में कहीं भी शरणार्थी यानी रिफ्यूजी शब्द का ज़िक्र नहीं है. न ही इसमें धार्मिक आधार पर प्रताड़ना का कोई ज़िक्र है. हालांकि, गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में दिए अपने भाषण में बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान में धार्मिक तौर पर प्रताड़ित होकर आए लोगों को शरणार्थी ज़रूर कहा था. लेकिन पूरे गजट नोटिफिकेशन में कहीं भी शरणार्थी या धार्मिक प्रताड़ना शब्द नहीं है. इस लिंक पर क्लिक
करके आप नागरिकता संशोधन कानून 2019 का गजट नोटिफिकेशन देख सकते हैं.
तीसरा दावा नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजंस (NRC) के लिए जन्म प्रमाण पत्र, स्कूल सर्टिफिकेट, आधार, राशन कार्ड और वोटर कार्ड का इस्तेमाल बतौर दस्तावेज़ हो सकता है.
फैक्ट NRC पर अभी तक किसी भी तरह की कोई भी आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दावा है कि उनकी सरकार में 2014 से अब तक NRC पर कोई बात नहीं हुई है. वहीं गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि आधार कार्ड NRC के लिए वैध दस्तावेज़ नहीं है.
पड़ताल का नतीजा कुल मिलाकर जग्गी वासुदेव की ओर से किए जा रहे दावे में कुछ खामियां हैं. पाकिस्तान में हिंदू मैरिज एक्ट है. साथी ही CAA में कहीं भी रिफ्यूजी/शरणार्थी शब्द नहीं है. साथ ही NRC में कौन से दस्तावेज़ों को सही माना जाएगा, इसके बारे में कोई भी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है.
दिक्कत कहां है?
सवाल अब ये है कि जग्गी वासुदेव के इस वीडियो आने के बाद कई मीडिया हाउस ने इस वीडियो की कमियां बताईं. इतनी खामियों के बाद भी BJP ने इस वीडियो को पोस्ट किया. उसे प्रमोट किया. कई बार किया. लाखों रुपये लगाए. अभी भी उनके 2 ऐड एक्टिव हैं. ऐसे में BJP झूठी जानकारी क्यों शेयर कर रही है?
जाते जाते ये भी जान लीजिए
फरवरी 2019 से लेकर 4 जनवरी 2020 तक फेसबुक पर BJP ने 4 करोड़ 36 लाख 51 हज़ार 285 रुपये खर्च किए हैं. इस दौरान BJP ने 2654 बार अलग-अलग पोस्ट्स को प्रमोट किया. BJP भारत में फेसबुक पर ऐड के जरिए पैसे खर्च करने में टॉप पर है. इसके आसपास भी कोई नहीं है. इसके आधे भी नहीं. कांग्रेस पार्टी ने 1 करोड़ 81 लाख 94 हज़ार 229 रुपये खर्च किए हैं. भारत में फेसबुक पर ऐड के जरिए सबसे ज्यादा पैसे खर्च करने के मामले में वह दूसरे स्थान पर है.
वीडियो- जग्गी वासुदेव के CAA-NRC वाले वीडियो में कितनी गलतियां हैं?





















