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थिएटर प्रेमी तैयार हो जाएं, शुरू होने वाला है नाटकों का महोत्सव

1 फरवरी से राजधानी दिल्ली में शुरू हो रहा भारतीय रंग महोत्सव यानी भारंगम.

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कल एनएसडी में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस की एक तस्वीर
थिएटर प्रेमियों को जिस महोत्सव का बेसब्री से इंतजार रहता है, वह 1 फरवरी से शुरू होकर इस दफा 21 फरवरी तक चलेगा. बात हर साल आयोजित होने वाले नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (एनएसडी) के इंटरनेशनल ड्रामा फेस्टिवल भारत रंग महोत्सव यानी ‘भारंगम’ की हो रही है. गए दो सालों से फरवरी के महीने में आयोजित हो रहे एशिया के सबसे बड़े थिएटर फेस्टिवल भारंगम का यह 19वां संस्करण है. इस बार इसमें थिएटर के साथ-साथ भारतीयता की भी खास झलक मिलेगी. इस झलक में शास्त्रीयता, आधुनिकता, किस्सा-कहानी और फोक परफॉर्मेंस शामिल रहेंगी. 1 फरवरी को कावलाम नारायण पणिक्कर निर्देशित नाटक ‘उत्तररामचरित’ के मंचन के साथ शुरू होकर 21 फरवरी को कलकत्ता क्वायर की प्रस्तुति से इस बार भारंगम का समापन होगा. 12 देशों और 16 राज्यों से आए मशहूर थिएटर ग्रुप्स और विदेशी प्रोडक्शंस के 94 नाटकों इस दरमियान खेले जाएंगे. 21 दिनों के इस फेस्टिवल में 6 भारतीय शहरों के थिएटर प्रेमियों जिसमें नई दिल्ली, कुरुक्षेत्र, पुणे, अगरतला, हैदराबाद और पटना शामिल हैं, को भी देश भर के और 12 अन्य देशों के कलाकारों की शानदार थिएटर परफॉर्मेंस देखने को मिलेंगी. इन 12 देशों में इंग्लैंड, रूस, इटली, इस्राइल, तुर्की, अफगानिस्तान, तजाकिस्तान, रोमानिया, मलेशिया, श्रीलंका, नेपाल और बांग्लादेश शामिल हैं. प्रस्तुतियों में क्या है खास भारंगम इस बार दिवंगत निर्देशकों प्रेम मटियानी, कन्हाईलाल और कावालम नारायण पणिक्कर को उन्हीं की प्रस्तुतियों का मंचन कर श्रद्धांजलि दे रहा है. संस्कृत नाटकों की चर्चित प्रस्तुतियां – जो आधुनिक भारतीय रंगमंच की उपलब्धि रही हैं – को भी देखने का अवसर यह भारंगम दे रहा है. भास के नाटकों ‘मध्ययमव्यायोग’ और ‘उरुभंगम’ की क्रमश: पणिक्कर और रतन थियम निर्देशित प्रस्तुति आधुनिक भारतीय रंगमच में मील का पत्थर हैं. सूर्यमोहन कुलश्रेष्ठ निर्देशित ‘भगवद्द्जुकियम’ और संजय उपाध्याय निर्देशित नाटक ‘आनंदरघुनंदन’ को भी बेहतर प्रस्तुतियों में शुमार किया जाता है. ‘मध्ययमव्यायोग’ की ‘मोहे पिया’ के नाम से एएसडी के निदेशक वामन केंद्रे निर्देशित प्रस्तुति भी इसी भारंगम में देखी जा सकती है. एनएसडी रेपर्टरी की प्रस्तुति ‘लागी लगन’ भी भारंगम का हिस्सा है. वामन केंद्रे ने इसका निर्देशन किया है. पारंपरिक प्रस्तुतियों में लोक में मोगल तमाशा, दशावतार, ताल मद्दले, रामलीला , भांड पत्थर और नाचा की प्रस्तुतियां होंगी. इस तरह यह एक दुर्लभ अवसर है जहां संस्कृत और लोक की प्रस्तुतियों को एक साथ देख कर उनकी साम्यता और अंतर को समझा जा सकता है. खास के अलावा भी है बहुत कुछ खास गए वर्ष की चर्चित प्रस्तुतियों में अनुरूपा राय निर्देशित कठपुतली कला की इनोवेटिव प्रस्तुति 'महाभारत', सुनील शानबाग की प्रस्तुति 'लोरेटा', मोहित तकलकार की प्रस्तुति 'मैं हूं युसूफ और ये है मेरा भाई', रणधीर की ‘आउटकास्ट’, बहारुल इस्लाम की ‘हंसिनी’, कन्नड़ प्रस्तुति ‘अक्षयंबरा’ जिसे कई अवार्ड मिल चुके हैं को भी भारंगम में शामिल किया गया है. हैप्पी रंजीत की ‘सूरज का सातवां घोड़ा’, व्योमेश शुक्ल की ‘राम की शक्ति पूजा’ के साथ इस बार सिनेमा के प्रसिद्ध कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा की कंपनी की ‘ब्लैकबर्ड’ भी दर्शकों की लिस्ट में होगी जिसमें गीतकार स्वानंद किरकिरे अभिनय करते हैं. भारंगम के समानांतर भी जारी रहेगा ‘भारंगम’ इस साल भारत से बेस्ट थिएटर परफॉर्मेंस सामने लाने के एनएसडी के ठोस प्रयास के रूप में भारत रंग महोत्सव 2017 के समानांतर फेस्टिवल 5 भारतीय शहरों में आयोजित किए जाएंगे. कुरुक्षेत्र में 3 से 8 फरवरी, अगरतला में 5 से 10 फरवरी, पटना में 7 से 12 फरवरी, पुणे में 9 से 14 फरवरी और हैदराबाद में 11 से 16 फरवरी तक भारंगम के समानांतर फेस्टिवल होंगे. अगरतला में एनएसडी के अपने केंद्र से इस फेस्टिवल का आयोजन होगा. पुणे में एनएसडी फेस्टिवल का आयोजन स्वतंत्र रूप से करेगा. कुरुक्षेत्र में हरियाणा कला परिषद के सहयोग से इसका आयोजन किया जाएगा. पटना में बिहार सरकार के संस्कृति विभाग के सहयोग से और हैदराबाद में तेलंगाना सरकार के संस्कृति और भाषा विभाग के सहयोग से इस फेस्टिवल का आयोजन किया जाएगा. याद फरमाया जाएगा गए वर्ष नहीं रहे थिएटर मास्टर्स को फेस्टिवल में इंडियन थिएटर मास्टर्स को श्रद्धांजलि देने लिए 3 नाटकों का मंचन किया जाएगा. थिएटर जगत की इन 3 नामी शख्सियतों, कावलम नारायण पणिक्कर, हेसनाम कन्हाईलाल और प्रेम मटियानी का हाल ही में निधन हुआ है. थिएटर जगत की नामी शख्सियतों, जैसे सोनल मानसिंह, बिभाष चक्रवर्ती, अर्जुन देव चारण, डी.पी. सिन्हा और सुरेश भारद्वाज के 5 नाटकों के मंचन के साथ 6 डिप्लोमा प्रस्तुतियों का यहां आयोजन किया जाएगा. थिएटर एजुकेशन पर भी रहेगा जोर स्टेज पर थिएटर परफॉर्मेंस के अलावा लिविंग लीजेंड सीरीज, मास्टर क्लासेज, यूथ फोरम और डायरेक्टर्स मीट भी इस अंतरराष्ट्रीय थिएटर उत्सव का अभिन्न अंग होंगी. पतचरित्र, कांवड़ और गोंड पेंटिंग पर वैज्ञानिक रूप से डिजाइन की गई वर्कशॉप भी सबको नाटकों के निर्माण में फाइन आटर्स के इस्तेमाल की शिक्षा भी दी जाएगी. केवल यही नहीं, इस साल के भारत रंग महोत्सव में देश भर से 10 पारंपरिक लोक थिएटर की परफॉर्मेंस भी शामिल होंगी, जो इसे थिएटर की शिक्षा और चर्चा का बेहतरीन प्लेटफॉर्म भी बनाएगी. 19वें भारत रंग महोत्सव में वर्ल्ड थिएटर फोरम के भाग के रूप में कुछ बेहद गंभीर, सार्थक और प्रासंगिक विचार-विमर्श भी होगा जैसे ‘यह किसका थिएटर है?’ इसके अलावा नई दिल्ली में सालाना थिएटर समागम में एकत्र होने वाली मशहूर भारतीय और अंतररराष्ट्रीय शख्सियतें ‘लुप्त होने की कगार पर अभिनेता’ विषय पर विचार-विमर्श करेंगी. थिएटर जगत की कई लोकप्रिय भारतीय और अंतरराष्ट्रीय शख्सियत, विद्वान, साहित्यकार भी भारत रंग महोत्सव (भारंगम) के सहायक कार्यक्रम का अभिन्न हिस्सा होंगे. महाराजा महल में बदलेगा एनएसडी कैंपस कला निर्देशन सभी थिएटर परफॉर्मेंस का अभिन्न अंग है यह मानते हुए इस बरस भी एनएसडी कैंपस का माहौल एक भारतीय उत्सव की तरह होगा, जो मानव समाज की सभी पांचों इंद्रियों को संतुष्ट करेगा. मशहूर कला निर्देशक जयंत देशमुख ने इस साल एनएसडी कैंपस को 1920 के महाराजा महल में बदलने का वायदा किया है. इस महल की प्रतिकृति स्तंभश्रेणी, गुंबद और मेहराब आदि से पूर्ण होगी. अलग-अलग रंगों और अलग-अलग आकार की प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी, जो कि एक लंबे आकार के कॉलम में प्रदर्शित किए जाएंगे. इन प्रतिमाओं पर अलग-अलग भाव-भंगिमाओं के मास्क लगाए जाएंगे. आलिंगन करते पुरुष और महिला की आदमकद प्रतिमा भी यहां लगाई जाएगी. इसके अलावा आज तक के एनएसडी के सभी निदेशकों, मशहूर अल्काजी से मौजूदा निदेशक वामन केंद्रे की प्रतिमा भी यहां लगाई जाएगी. मंच से इतर भी  बिखरेंगे रंग इस फेस्टिवल में एक फूड कोर्ट और थिएटर बाजार भी होगा, जिसमें करीब 50 कियोस्क होंगे. इस तरह एनएसडी का माहौल रंगमंच से इतर भी तरह-तरह की फरफॉर्मेंस से रंगीन रहने की उम्मीद है. इस साल होने वाली परफार्मेंस में नाद स्वरम, ढोल चोलम, लद्दाख डांस, पुंग डांस, बैम्बू डांस, मणिपुरी मार्शल आर्ट, नगा डांस, डांडिया, बीहू, थंगटा, छाहू डांस, नौटंकी, हरियाणवी फाग, लाइट डांस, भावई, गरबा और कलबेलिया, कठपुतली का शो, लावणी, मछुआरों का डांस, कृष्ण रास और कच्ची घोड़ी शामिल है, जिसका आयोजन 2 अस्थायी एंफिथियेटर्स में किया जाएगा. बाकी जानकारी भारंगम की परफॉर्मेंस एनएसडी कैंपस के अभिमंच, ओपन एयर थिएटर, बहुमुख और सम्मुख में होंगी. इसके अलावा एलटीजी, कमानी और श्रीराम सेंटर ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स सभागारों में भी नाटकों का मंचन किया जाएगा. कार्यक्रम के अनुसार 50 रुपए, 100 रुपए, 200 रुपए, 300 रुपए और 400 रुपए के टिकट एनएसडी के बॉक्स ऑफिस पर 10 बजे सुबह से शाम 4 बजे तक टिकट खरीदे जा सकेंगे. इसके अलावा यह टिकट http://eticket.nsd.gov.in/ पर भी उपलब्ध होंगे.
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