केवल 48 वर्ष की अवस्था में मृत्यु को प्राप्त हो चुके ख़लील ज़िब्रान को, उनके लेखन के चलते उस समय के धर्म-गुरुओं और रसूख वाले लोगों ने जाति से बहिष्कृत करके देश निकाला दे दिया था. ऐसे 'क्रांतिकारी' लेखक की पुस्तक, Sand & foam (रेत और झाग) से 31 झमाझम कोट्स पढ़िये और बेहतरी की तरफ़ एक कदम और बढ़ाइए:
ख़लील ज़िब्रान के ये 31 कोट 'बेहतर इंसान' बनने का क्रैश कोर्स हैं
'ये क़त्ल हो जाने वाले का सम्मान है कि वो क़ातिल नहीं है.'
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फोटो - thelallantop
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